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यूपी छात्रवृत्ति पोर्टल फिर खुलेगा, लाखों बच्चों को मौका

  • एक सितंबर से तकनीकी कारणों से छूटे विद्यार्थियों के आवेदन सुधरेंगे, 3.60 लाख से अधिक बच्चों को लाभ की उम्मीद

भारत 19
लखनऊ।
उत्तर प्रदेश में तकनीकी और प्रक्रियागत अड़चनों के कारण छात्रवृत्ति से वंचित रह गए लाखों विद्यार्थियों को एक और मौका मिलने जा रहा है। समाज कल्याण विभाग एक सितंबर से यूपी छात्रवृत्ति पोर्टल दोबारा खोलने की तैयारी में है। सरकार को उम्मीद है कि इस विशेष व्यवस्था से 3.60 लाख से अधिक बच्चे छात्रवृत्ति का लाभ पा सकेंगे।

समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण के अनुसार, पिछले वित्तीय वर्ष में प्रदेश में रिकॉर्ड 66 लाख 50 हजार बच्चों को छात्रवृत्ति दी गई। इसके बावजूद बड़ी संख्या में ऐसे विद्यार्थी लाभ से बाहर रह गए, जिनके आवेदन पात्रता की कमी के बजाय तकनीकी और प्रक्रियागत अड़चनों के कारण पूरे नहीं हो सके। पिछले सत्र में छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की प्रक्रिया के दौरान अलग-अलग स्तरों पर तकनीकी समस्याएं सामने आईं। कहीं संस्थान से जुड़ी प्रक्रियाएं पूरी नहीं हो सकीं तो कहीं आवेदन, दस्तावेज और सत्यापन से संबंधित कमियों के कारण विद्यार्थियों का मामला आगे नहीं बढ़ पाया। अब ऐसे विद्यार्थियों को अपनी कमियां दूर कर दोबारा प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिलेगा।

एक महीने में सुधरेंगी आवेदन की तकनीकी कमियां

एक सितंबर से छात्रवृत्ति पोर्टल खुलने के बाद छूटे हुए विद्यार्थियों को करीब एक महीने का समय मिलेगा। इस दौरान आवेदन में मौजूद तकनीकी और प्रक्रियागत कमियों को दूर किया जा सकेगा, ताकि पात्र होने के बावजूद कोई विद्यार्थी केवल सिस्टम की अड़चन के कारण छात्रवृत्ति से वंचित न रह जाए। असीम अरुण ने कहा कि पिछले दो वर्षों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट निर्देश है कि तकनीकी कारणों से कोई भी जरूरतमंद बच्चा छात्रवृत्ति से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसी के तहत छूटे हुए विद्यार्थियों को दोबारा मौका देने के लिए पोर्टल खोला जा रहा है।

पहले भी मिला था छूटे विद्यार्थियों को दूसरा अवसर

तकनीकी और अन्य प्रक्रियागत कारणों से छूटे विद्यार्थियों को दोबारा अवसर देने की व्यवस्था पहले भी की जा चुकी है। पिछले वर्ष विशेष प्रक्रिया के तहत ऐसे विद्यार्थियों के लिए पोर्टल खोला गया था और 53,041 विद्यार्थियों को 81.12 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ मिला था। इस बार दायरा कहीं बड़ा हो सकता है। मंत्री के अनुसार, पिछले वित्तीय वर्ष में तकनीकी कारणों से छूटे 3.60 लाख से अधिक बच्चों को इस विशेष अवसर का लाभ मिलने की उम्मीद है।

रिकॉर्ड 66.50 लाख के बाद अब छूटे बच्चों पर फोकस


पिछले वित्तीय वर्ष में 66.50 लाख बच्चों तक छात्रवृत्ति पहुंचाने के बाद सरकार अब उन विद्यार्थियों पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जो पात्र होने के बावजूद तकनीकी खामियों के कारण लाभार्थियों की सूची से बाहर रह गए। सरकार के लिए यह सिर्फ छात्रवृत्ति पोर्टल दोबारा खोलने का मामला नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करने की कोशिश भी है कि पात्रता पूरी करने वाला कोई बच्चा तकनीकी गलती या प्रक्रिया की कमी के कारण शिक्षा के लिए मिलने वाली आर्थिक सहायता से वंचित न रह जाए। अगर एक सितंबर से शुरू होने वाली यह प्रक्रिया तय समय में पूरी होती है, तो 3.60 लाख से अधिक बच्चों के लिए यह केवल छात्रवृत्ति मिलने का अवसर नहीं, बल्कि शिक्षा जारी रखने में आर्थिक सहारा पाने का दूसरा मौका साबित हो सकता है।

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