- रविवार को विशेष अभियान में चुने गए विद्यालयों की सफाई, अब रोस्टर से नियमित निगरानी की तैयारी
भारत 19
कानपुर नगर। रविवार को अवकाश के दिन कानपुर नगर के सरकारी स्कूलों में सफाई कर्मियों और अधिकारियों की गतिविधियां नजर आईं। कहीं कक्षों और शौचालयों की सफाई हुई तो कहीं परिसर में उगी घास-झाड़ियां काटी गईं। कई विद्यालयों में सफाई अभियान छतों तक पहुंचा, जहां बरसात के बीच उगी वनस्पतियों को हटाया गया।
यह विशेष अभियान जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर चलाया गया। उद्देश्य केवल स्कूल परिसर को साफ करना नहीं, बल्कि बारिश के मौसम में जलभराव, छतों पर पानी रुकने और उससे भवनों में सीलन या रिसाव जैसी समस्याओं को रोकना भी रहा। जनपद की प्रत्येक न्याय पंचायत में चयनित शासकीय विद्यालयों में सफाई कर्मियों की टीमें लगाई गईं। विद्यालय परिसर से कक्षाओं, शौचालयों, बाउंड्रीवाल और छतों तक सफाई कराई गई। परिसर में जमा कूड़ा हटाने के साथ उसका निस्तारण भी कराया गया, जबकि जलभराव वाले स्थानों से पानी निकालने की व्यवस्था की गई।
बारिश के मौसम में छतों की सफाई पर जोर
अभियान का एक अहम हिस्सा स्कूल भवनों की छतों की सफाई रहा। कई जगह छतों पर घास और अन्य वनस्पतियां उग आई थीं। इन्हें हटाने के पीछे उद्देश्य जलनिकासी को सुचारु रखना है, क्योंकि छतों पर पानी जमा रहने से भवनों में सीलन और रिसाव की समस्या बढ़ सकती है। अभियान की निगरानी मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन के पर्यवेक्षण में हुई। ब्लॉक और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ पंचायत स्तर के कर्मचारियों को भी अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी गई।

कॉल सेंटर से ली गई अभियान की जानकारी
विकास भवन में कॉल सेंटर बनाकर विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे सफाई अभियान की जानकारी जुटाई गई। इसके अलावा जिला और ब्लॉक स्तर के अधिकारी भी विद्यालयों में पहुंचे और सफाई कार्य की स्थिति देखी। जिला पंचायत राज अधिकारी मनोज कुमार ने चौबेपुर विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय चौबेपुर द्वितीय का निरीक्षण किया, जबकि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हरिओम सिंह ने प्राथमिक विद्यालय गंभीरपुर में सफाई व्यवस्था देखी। सहायक विकास अधिकारी पंचायत शिवराजपुर ने प्राथमिक विद्यालय बैरी और कंपोजिट विद्यालय दुबियाना का निरीक्षण किया।
अब एक दिन के अभियान से आगे की चुनौती
प्रशासन ने विशेष सफाई अभियान के बाद अन्य शासकीय विद्यालयों में भी रोस्टर के आधार पर नियमित सफाई कराने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए सफाई कर्मियों की टीमें गठित करने और व्यवस्था की लगातार निगरानी पर जोर दिया गया है। असल चुनौती अब यह होगी कि रविवार को चला विशेष अभियान केवल एक दिन की गतिविधि बनकर न रह जाए। सरकारी स्कूलों में स्वच्छता, शौचालयों की स्थिति और जलनिकासी लंबे समय से महत्वपूर्ण मुद्दे रहे हैं। ऐसे में नियमित सफाई और उसकी प्रभावी मॉनीटरिंग ही तय करेगी कि अभियान का असर बच्चों को रोजमर्रा के स्कूल वातावरण में कितना दिखाई देता है।

