- ग्रामीण नालों के शोधन को तीन वेटलैंड प्रस्तावित, बैक फ्लो और अगले दो माह तक ऊंचे जलस्तर पर बैठक में नहीं हुई चर्चा
भारत 19
कानपुर। गंगा उफान पर है। कई स्थानों पर नदी का पानी नालों में बैक फ्लो की स्थिति बना रहा है, लेकिन इसी दौरान प्रशासन ने ग्रामीण क्षेत्रों के नालों की टैपिंग और शोधन की तैयारी तेज करने का फैसला किया है। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के ड्रोन सर्वे में चिह्नित नालों के शोधन के लिए तीन स्थानों पर वेटलैंड विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। हालांकि बैठक में इस अहम सवाल पर चर्चा नहीं हुई कि मौजूदा बाढ़ जैसी स्थिति और अगले दो माह तक गंगा के ऊंचे जलस्तर के बीच नालों की टैपिंग योजना जमीन पर किस तरह आगे बढ़ेगी।
गुरुवार को सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में जिलाधिकारी एवं जिला गंगा समिति के अध्यक्ष जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में हुई मासिक समीक्षा बैठक में गंगा प्रदूषण रोकने के लिए ग्रामीण नालों की टैपिंग, शोधन व्यवस्था और जिला गंगा योजना की प्रगति पर चर्चा हुई। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन की ओर से कराए गए ड्रोन सर्वे में ग्रामीण क्षेत्रों के नालों को चिह्नित किया गया है। इन नालों के पानी के शोधन के लिए तीन स्थानों पर वेटलैंड विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। जिला पंचायत राज अधिकारी ने बताया कि जल निगम शहरी और ग्रामीण के सहयोग से स्थानों का चयन कर विस्तृत परियोजना प्रस्ताव तैयार कर रहा है। प्रस्ताव को अंतिम रूप देने के बाद बजट स्वीकृति के लिए राज्य स्वच्छ गंगा मिशन और राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन को भेजा जाएगा।
उफनाती गंगा के बीच टैपिंग की योजना
बैठक में ग्रामीण नालों की टैपिंग और शोधन की तैयारी पर जोर दिया गया, लेकिन मौजूदा समय में गंगा के बढ़े जलस्तर और नालों में बैक फ्लो की स्थिति पर किसी अधिकारी ने विस्तार से गौर नहीं किया। यही इस योजना का सबसे महत्वपूर्ण व्यावहारिक पक्ष भी है। गंगा का जलस्तर ऊंचा रहने के दौरान नालों की सामान्य निकासी व्यवस्था प्रभावित होती है और नदी का पानी उल्टी दिशा में नालों की ओर आने लगता है। ऐसे में टैपिंग और शोधन से जुड़ी परियोजनाओं की समयसीमा और तकनीकी व्यवहार्यता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए यह भी महत्वपूर्ण होगा कि प्रस्तावित वेटलैंड और नाला शोधन योजना को बाढ़ तथा बैक फ्लो की स्थिति को ध्यान में रखकर तैयार किया जाए। हालांकि बैठक में इस संबंध में किसी अलग कार्ययोजना या समयबद्ध रणनीति का उल्लेख नहीं किया गया।
एक सप्ताह में पूरी करनी होगी गंगा योजना
बैठक में जिला गंगा योजना के प्रारूप का भी प्रस्तुतीकरण किया गया। जिलाधिकारी ने सभी कार्यदायी विभागों को एक सप्ताह के भीतर अपने से संबंधित कार्यों की टाइम लाइन का सत्यापन करने और आवश्यक डेटा पूरा करने के निर्देश दिए। इसके बाद कानपुर की जिला गंगा योजना का अंतिम ड्राफ्ट अनुमोदन और क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन को भेजा जाएगा। जिलाधिकारी ने गंगा संरक्षण से जुड़ी योजनाओं में विभागों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय सीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए।
गंगा बैठक से गैरहाजिर नगर निगम अधिकारियों पर कार्रवाई
गंगा संरक्षण की समीक्षा बैठक में नगर निगम के सक्षम अधिकारियों की गैरहाजिरी पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। पूर्व सूचना के बावजूद अधिकारियों के उपस्थित नहीं होने पर उन्होंने अपर नगर आयुक्त को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही नगर आयुक्त को भी इस संबंध में पत्र भेजने को कहा गया। जिलाधिकारी ने अटल घाट पर गंगा आरती और अन्य व्यवस्थाओं से जुड़े लंबित कार्यों को भी जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, प्रभागीय वनाधिकारी, जिला परियोजना अधिकारी, जिला गंगा समिति के सदस्य और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
