- लखनऊ में भारत टैक्सी और कृषक समृद्धि योजना के शुभारंभ पर CM योगी का 2017 से पहले की कानून-व्यवस्था पर हमला; बोले- टू-व्हीलर और कार ही नहीं, भैंसा गाड़ी तक सुरक्षित नहीं थी, सड़कों और सहकारिता व्यवस्था पर भी साधा निशाना
भारत 19
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार, 23 सितंबर 2026, को लखनऊ में भारत टैक्सी सेवा और मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के ई-पोर्टल का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में उन्होंने 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था, सड़कों और सहकारिता क्षेत्र की स्थिति को लेकर पिछली सरकारों पर निशाना साधा। इसी दौरान योगी ने कहा कि उस समय टू-व्हीलर और कार ही नहीं, भैंसा गाड़ी तक सुरक्षित नहीं थी। उन्होंने टैक्सी चालकों के साथ होने वाली घटनाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि वाहन चलाना तक सुरक्षित नहीं था। टैक्सी में सफर करने के बाद कुछ लोग किराया नहीं देते थे और राजनीतिक संरक्षण प्राप्त लोगों की ओर से चालकों के साथ मारपीट तथा वाहन छीनने जैसी घटनाएं होती थीं।
सड़कों पर भी योगी ने साधा निशाना
योगी ने प्रदेश की पुरानी सड़क व्यवस्था पर तंज कसते हुए कहा कि पहले यह समझना मुश्किल था कि सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क। मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में सड़क और इंटर-स्टेट कनेक्टिविटी में हुए बदलाव का भी उल्लेख किया। यह तुलना उन्होंने 2017 से पहले और वर्तमान व्यवस्था के संदर्भ में की।
भारत टैक्सी में ड्राइवरों से नहीं लिया जाएगा कमीशन
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश में भारत टैक्सी सेवा की शुरुआत की गई। यह सहकारी मॉडल पर आधारित राइड-हेलिंग सेवा है, जिसमें ड्राइवरों से राइड पर कमीशन नहीं लेने की व्यवस्था बताई गई है। उत्तर प्रदेश में सेवा के विस्तार के साथ अब तक करीब 50 हजार चालक इससे जुड़ चुके हैं। इनमें लगभग 40 हजार चालक लखनऊ से बताए गए हैं। सेवा अप्रैल से पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर संचालित हो रही थी।
टैक्सी चालकों को पांच लाख रुपये का बीमा
भारत टैक्सी से जुड़े चालकों को पांच लाख रुपये तक के बीमा कवर का लाभ देने की व्यवस्था है। कार्यक्रम में भारत टैक्सी के सारथियों को शेयर प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। इसके अलावा एयरपोर्ट अथॉरिटी, लखनऊ मेट्रो रेल, लखनऊ पुलिस और भारत टैक्सी के बीच एमओयू भी कार्यक्रम का हिस्सा रहा। इससे टैक्सी सेवा को शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था से जोड़ने की योजना है।
किसानों को छह लाख रुपये तक का ऋण
कार्यक्रम की दूसरी बड़ी घोषणा मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना से जुड़ी है। योजना के तहत प्रदेश के लघु और सीमांत किसानों को छह लाख रुपये तक का दीर्घकालीन कृषि ऋण छह प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध कराने का प्रावधान है। समय पर ऋण की किस्त चुकाने वाले पात्र किसानों को ब्याज अनुदान का लाभ भी दिया जाएगा। ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल के जरिए संचालित की जाएगी।
पांच साल में पांच लाख किसानों को जोड़ने का लक्ष्य
सरकार ने इस योजना के जरिए पांच वर्षों में पांच लाख किसानों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। योजना के लिए 384 करोड़ रुपये की वित्तीय व्यवस्था स्वीकृत की गई है। योजना का फोकस छोटे और सीमांत किसानों को खेती तथा कृषि गतिविधियों के लिए अपेक्षाकृत कम ब्याज दर पर दीर्घकालीन संस्थागत ऋण उपलब्ध कराने पर है।
कृषक समृद्धि का ई-पोर्टल और दो ऐप लॉन्च
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के ई-पोर्टल के साथ सहकारिता विभाग का उर्वरक सेतु मोबाइल ऐप और उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव डेटाबेस सेंटर का मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया गया। मुख्यमंत्री ने योजना के लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र और भारत टैक्सी के सारथियों को शेयर प्रमाण पत्र भी वितरित किए।
सहकारिता क्षेत्र को लेकर भी बोले योगी
मुख्यमंत्री ने सहकारिता क्षेत्र की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सहकारिता को मजबूत करने से किसानों और परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों को आर्थिक रूप से जोड़ने में मदद मिल सकती है। कार्यक्रम में भारत टैक्सी को ड्राइवरों की भागीदारी वाले सहकारी मॉडल के तौर पर पेश किया गया, जबकि कृषक समृद्धि योजना को सहकारी ग्राम विकास बैंक के माध्यम से लागू किया जा रहा है।


