- पुलिस की पूछताछ में सुब्रत ने हत्या में अपनी भूमिका स्वीकारी, पत्नी शालू को बताया बेगुनाह, नौकर विशाल के बयान और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने सुब्रत को गिरफ्तार किया
भारत 19
कानपुर। दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में रिमांड के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक विनीत के बेटे सुब्रत ने पिता की हत्या की साजिश में अपनी भूमिका कबूल कर ली। पूछताछ में उसने पत्नी शालू को हत्या की साजिश में शामिल होने से इनकार करते हुए उसे बेगुनाह बताया। हालांकि पुलिस ने शालू को अभी क्लीन चिट नहीं दी है और उसकी भूमिका की जांच जारी है। पुलिस के अनुसार सुब्रत की गिरफ्तारी नौकर विशाल के बदले बयान, परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर की गई। रिमांड के दौरान विशाल ने पुलिस को बताया कि विनीत की हत्या के लिए सुब्रत ने ही उसे छह लाख रुपये देने की बात कही थी। विशाल के मुताबिक सुब्रत ने उससे यह भी कहा था कि अगर पुलिस के हाथ लगो तो हत्या में शालू का नाम लेना।
पहले शालू पर लगा था हत्या की साजिश का आरोप
विनीत मिनोचा की हत्या के बाद पुलिस ने नौकर विशाल गौतम और उसके साथी राजकिशोर को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में विशाल ने शुरुआत में शालू पर हत्या की सुपारी देने का आरोप लगाया था। इसी आधार पर शालू को भी गिरफ्तार किया गया था। रिमांड में पूछताछ के दौरान विशाल ने अपना बयान बदलते हुए हत्या की साजिश में सुब्रत का नाम लिया। इसके बाद पुलिस ने बुधवार देर रात सुब्रत को गिरफ्तार कर लिया।
संपत्ति और कर्ज के एंगल पर भी जांच
पुलिस के मुताबिक विशाल ने पूछताछ में बताया कि सुब्रत को डर था कि उसके पिता अपनी संपत्ति किसी दूसरी महिला के नाम कर सकते हैं। इसी आशंका को हत्या की साजिश की एक वजह बताया गया है। पुलिस इस दावे की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है। पूछताछ में सुब्रत पर करीब 15 लाख रुपये का कर्ज होने की बात भी सामने आई है। पुलिस उसके आर्थिक लेनदेन, खर्च और पिता के साथ संबंधों की भी पड़ताल कर रही है।
सुब्रत और विशाल की बातचीत बनी अहम कड़ी
पुलिस पहले से सुब्रत और विशाल के बीच संपर्क की जांच कर रही थी। जांच टीम ने आरोपियों के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल और बातचीत का विश्लेषण किया। रिमांड के दौरान इन्हीं डिजिटल साक्ष्यों को आरोपियों के बयानों के सामने रखकर पूछताछ की गई। पुलिस ने पूछताछ के लिए करीब 200 सवालों की सूची तैयार की थी। इनमें हत्या से पहले आरोपियों के संपर्क, मोबाइल लोकेशन, बातचीत, पैसों के लेनदेन, फ्लैट की चाबी और हत्या के बाद की गतिविधियों से जुड़े सवाल शामिल थे। पूछताछ की वीडियोग्राफी भी कराई गई।
शालू की भूमिका पर पुलिस की जांच जारी
सुब्रत ने पूछताछ में पत्नी शालू को हत्या में शामिल होने से साफ तौर पर अलग बताया है। लेकिन पुलिस का कहना है कि सुब्रत के बयान के आधार पर शालू को तत्काल क्लीन चिट नहीं दी जा सकती। उसके खिलाफ पहले सामने आए आरोप, विशाल के पुराने और नए बयान तथा उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों का मिलान किया जा रहा है। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल के मुताबिक, सुब्रत की गिरफ्तारी विशाल के बयान के साथ परिस्थितिजन्य और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर की गई है। शालू को लेकर मिली नई जानकारियों की भी जांच की जा रही है।
फ्लैट की चाबी और खून से सने कपड़े बरामद
पुलिस ने राजकिशोर की निशानदेही पर रतन ऑर्बिट के खाली प्लॉट से फ्लैट की चाबी, खून से सना कपड़ा और गमछा बरामद किया है। पुलिस इन बरामद वस्तुओं को हत्या की घटनाओं और आरोपियों के बयानों से जोड़कर जांच कर रही है। रिमांड में सामने आए बयानों के बाद जांच का केंद्र बदल गया है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या की योजना किसने बनाई, छह लाख रुपये की बात किस स्तर पर तय हुई, विशाल और सुब्रत के बीच संपर्क कब से था, हत्या के लिए फ्लैट तक पहुंच कैसे सुनिश्चित की गई और वारदात के बाद आरोपियों ने क्या-क्या किया।


