Hot Topics

रायबरेली में NRI दूल्हे बनकर ठगी करने वाला गैंग पकड़ा

  • मैट्रिमोनियल साइट पर विदेशी पहचान से युवतियों से बढ़ाते थे नजदीकी, महंगे गिफ्ट का झांसा देकर कस्टम टैक्स के नाम पर खाते में मंगाते थे रकम

भारत 19
रायबरेली।
मैट्रिमोनियल साइट पर विदेशी युवक बनकर शादी का भरोसा दिलाना और फिर गिफ्ट के नाम पर रकम ऐंठना, रायबरेली पुलिस ने ऐसे ही कथित साइबर ठगी के नेटवर्क का खुलासा किया है। हरचंदपुर, चंदापुर और साइबर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने दतौली लिंक रोड के पास से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी फर्जी विदेशी प्रोफाइल के जरिए युवतियों से संपर्क करते थे और रिश्ता आगे बढ़ने पर ठगी का अगला चरण शुरू करते थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अरविंद कुमार, प्रसून जयंत, शिवा मिश्रा और मिथिलेश के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से चार स्मार्टफोन, तीन बैंक पासबुक, दो एटीएम कार्ड और 1.75 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।

पहले विदेशी प्रोफाइल, फिर शादी का भरोसा

पुलिस के अनुसार गिरोह मैट्रिमोनियल साइट पर विदेशी व्यक्ति के नाम से फर्जी प्रोफाइल तैयार करता था। इसके जरिए युवतियों से बातचीत शुरू की जाती और धीरे-धीरे भरोसा कायम किया जाता था। बातचीत का मकसद रिश्ता तय करने तक पहुंचना होता था, ताकि सामने वाला व्यक्ति आरोपी की बताई पहचान पर विश्वास करने लगे। कुछ रिपोर्टों में फर्जी तस्वीरें तैयार करने के लिए AI के इस्तेमाल का भी उल्लेख है। हालांकि इस तकनीक के इस्तेमाल से संबंधित विस्तृत तकनीकी साक्ष्य और उसका दायरा पुलिस की आगे की जांच में स्पष्ट होगा।

महंगे गिफ्ट का झांसा देकर शुरू होता था दूसरा खेल

पुलिस की पूछताछ के मुताबिक संपर्क बढ़ने के बाद युवतियों को बताया जाता था कि विदेश से उनके लिए महंगा गिफ्ट भेजा गया है। इसके बाद गिरोह का दूसरा सदस्य कथित तौर पर कस्टम अधिकारी बनकर फोन करता था। पीड़िता को बताया जाता था कि गिफ्ट कस्टम विभाग में अटका है और उसे छुड़ाने के लिए टैक्स या दूसरे शुल्क का भुगतान करना होगा। इसके बाद रकम आरोपियों से जुड़े बैंक खातों में ट्रांसफर कराई जाती थी। पुलिस के अनुसार रकम आने के बाद उसे एटीएम या चेक के जरिए निकाल लिया जाता और गिरोह के सदस्यों में बांट दिया जाता था।

बैंक खाते की शिकायत से पुलिस पहुंची गिरोह तक

पुलिस के मुताबिक मामले का सुराग 21 सितंबर को हरचंदपुर क्षेत्र की जोहवाशर्की ग्रामीण बैंक शाखा में सामने आई संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की शिकायत से मिला। साइबर हेल्प डेस्क ने मामले की पड़ताल शुरू की। बैंकिंग लेनदेन और तकनीकी साक्ष्यों से मिले सुरागों के आधार पर जांच आगे बढ़ी और पुलिस टीम आरोपियों तक पहुंची। इसके बाद दतौली लिंक रोड के पास दबिश देकर चारों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार चारों हरचंदपुर क्षेत्र के जोहवाशर्की के निवासी हैं।

चार मोबाइल और बैंक दस्तावेज भी बरामद

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार स्मार्ट मोबाइल फोन, तीन बैंक पासबुक, दो एटीएम कार्ड और 1.75 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। इन डिजिटल उपकरणों और बैंकिंग दस्तावेजों की जांच अब यह पता लगाने के लिए की जा रही है कि गिरोह ने किन खातों का इस्तेमाल किया और उसके संपर्क में कितने लोग थे। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में आरोपियों ने कई लोगों को इस तरीके से ठगी का शिकार बनाने की जानकारी दी है। हालांकि कुल पीड़ितों और ठगी की रकम का अंतिम आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है।

अब दूसरे सदस्यों और पीड़ितों की तलाश

चारों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस डिजिटल संपर्कों, बैंक खातों और लेनदेन की कड़ियों को खंगाल रही है। इससे गिरोह के संभावित अन्य सदस्यों और उन लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है, जिन्हें इसी तरीके से निशाना बनाया गया हो। मैट्रिमोनियल साइट पर बनी विदेशी पहचान, शादी का भरोसा, महंगे गिफ्ट की कहानी और फिर कस्टम टैक्स की मांग—पुलिस के मुताबिक इसी क्रम का इस्तेमाल कर ठगी की जाती थी। अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि रायबरेली में पकड़ा गया नेटवर्क कितने समय से सक्रिय था और इसके तार दूसरे जिलों या राज्यों तक जुड़े हैं या नहीं।

Tags :

Bharat 19 News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News