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दिल्ली में बरामद नकली रेबीज वैक्सीन का है कानपुर कनेक्शन

  • 481 यूनिट Abhayrab मिलने के बाद कानपुर की एजेंसी पर कार्रवाई, संचालक हिरासत में; 120 वायल कसौली भेजे गए

भारत 19

कानपुर। दिल्ली में बरामद नकली रेबीज वैक्सीन का कनेक्शन अब कानपुर से जुड़ गया है। भागीरथ पैलेस में छापेमारी के दौरान 481 यूनिट Abhayrab वैक्सीन मिलने के बाद इसकी सप्लाई चेन की पड़ताल कानपुर तक पहुंची। जांच में कानपुर की New RJ Agencies का नाम सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश ड्रग विभाग ने एजेंसी समेत दो स्थानों पर कार्रवाई की। एजेंसी संचालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच टीम अब वैक्सीन के स्रोत से लेकर आगे की सप्लाई तक पूरी कड़ी खंगाल रही है।

481 यूनिट से खुला कानपुर कनेक्शन

दिल्ली के भागीरथ पैलेस में कार्रवाई के दौरान 481 यूनिट Abhayrab वैक्सीन बरामद हुई थी। खरीद और सप्लाई से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल में इसकी सप्लाई का लिंक कानपुर की एजेंसी तक पहुंचा। इसके बाद दिल्ली की ओर से उत्तर प्रदेश ड्रग विभाग को जानकारी दी गई और कानपुर में कार्रवाई शुरू हुई। अब जांच का दायरा केवल दिल्ली में मिली वैक्सीन तक सीमित नहीं है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि संबंधित खेप कानपुर की एजेंसी तक किस स्रोत से पहुंची और किस माध्यम से दिल्ली भेजी गई।

New RJ Agencies के संचालक से पूछताछ

बिरहाना रोड स्थित New RJ Agencies जांच के केंद्र में है। एजेंसी संचालक को हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है। जांच टीम एजेंसी के खरीद-बिक्री रिकॉर्ड, बिल, बैच नंबर और सप्लाई से जुड़े दस्तावेज खंगाल रही है। पूछताछ में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि एजेंसी ने वैक्सीन किससे खरीदी थी और दिल्ली भेजी गई खेप से जुड़े अन्य लोगों या फर्मों की भूमिका क्या थी।

120 वायल कसौली भेजे गए

कार्रवाई में बरामद वैक्सीन के 120 वायल जांच के लिए Central Research Institute, कसौली भेजे गए हैं। इन नमूनों की जांच मामले की अहम कड़ी होगी। इससे वैक्सीन की वास्तविकता और गुणवत्ता से जुड़े वैज्ञानिक तथ्य सामने आएंगे। जब तक प्रयोगशाला रिपोर्ट सामने नहीं आती, बरामद स्टॉक को लेकर अंतिम वैज्ञानिक निष्कर्ष जांच रिपोर्ट के आधार पर ही तय होगा।

निर्माता ने बैच को बताया काउंटरफिट

मामले में संबंधित वैक्सीन के निर्माता Human Biologicals Institute, Telangana ने संबंधित बैच को काउंटरफिट बताया है। कंपनी के अनुसार यह बैच उसकी ओर से जारी नहीं किया गया था। कंपनी के इस दावे के बाद जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि संबंधित बैच के नाम और पहचान वाली वैक्सीन सप्लाई चेन में कहां से आई और किस स्तर पर इसका वितरण हुआ।

कानपुर से आगे कहां तक पहुंची वैक्सीन

अब जांच का सबसे अहम सिरा कानपुर के बाद की सप्लाई चेन है। एजेंसियां खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड और चालानों के आधार पर यह पता लगाने में जुटी हैं कि दिल्ली भेजी गई खेप के अलावा कानपुर से दूसरे शहरों, मेडिकल स्टोर या अन्य एजेंसियों तक भी इसकी सप्लाई हुई थी या नहीं। फिलहाल कानपुर से दूसरे शहरों तक सप्लाई की पुष्टि जांच में नहीं हुई है। इसलिए इसे लेकर सामने आने वाली जानकारी को दस्तावेजी जांच के बाद ही अंतिम रूप दिया जाएगा।

विभाग के रडार पर पूरा सप्लाई नेटवर्क

यूपी ड्रग विभाग की कार्रवाई के बाद जांच अब स्रोत, सप्लायर, एजेंसी और अंतिम खरीदार तक पहुंचने की दिशा में आगे बढ़ रही है। खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड में दूसरे नाम सामने आने पर जांच का दायरा और बढ़ सकता है। रेबीज वैक्सीन मरीजों के उपचार में बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में किसी कथित नकली वैक्सीन की सप्लाई का मामला सामने आने के बाद जांच एजेंसियों के सामने इसकी पूरी सप्लाई चेन का पता लगाना महत्वपूर्ण है।

अब तीन कड़ियों से खुलेगा पूरा राज

पहली कड़ी – संदिग्ध वैक्सीन कानपुर की एजेंसी तक किस स्रोत से पहुंची।

दूसरी कड़ी – कानपुर से दिल्ली के अलावा कहीं और इसकी सप्लाई हुई या नहीं।

तीसरी कड़ी – वैक्सीन तैयार करने और सप्लाई करने वाले नेटवर्क में कौन-कौन शामिल है।

कसौली भेजे गए 120 वायल की जांच, एजेंसी के खरीद-बिक्री रिकॉर्ड और संचालक से पूछताछ से इन सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है।

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