- शालीमार बाग में मैक्स हॉस्पिटल रोड चौड़ीकरण के लिए देर रात कार्रवाई; मदीना मस्जिद का ऊपरी हिस्सा और आसपास के मकान-ढांचे हटाए गए, भारी पुलिस बल तैनात; मस्जिद प्रबंधन ने कार्रवाई की प्रक्रिया पर उठाए सवाल
भारत 19
नई दिल्ली। दिल्ली के शालीमार बाग में मंगलवार देर रात सड़क चौड़ीकरण के लिए बुलडोजर कार्रवाई की गई। मैक्स हॉस्पिटल रोड पर चले अभियान में मदीना मस्जिद के हिस्से के साथ आसपास के मकान और अन्य ढांचे भी हटाए गए। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। देर रात हुई कार्रवाई की जानकारी फैलने के बाद स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए और विरोध भी हुआ।
मैक्स हॉस्पिटल रोड चौड़ीकरण के लिए कार्रवाई
यह कार्रवाई शालीमार बाग की रोड नंबर 320 और मैक्स हॉस्पिटल रोड के चौड़ीकरण से जुड़ी है। प्रशासनिक पक्ष के अनुसार सड़क के रास्ते में आने वाले अतिक्रमण और निर्माण हटाकर सड़क को चौड़ा किया जा रहा है। इसी अभियान की जद में मदीना मस्जिद का हिस्सा और आसपास के कुछ ढांचे आए। रिपोर्टों के मुताबिक, मंगलवार देर रात भारी पुलिस सुरक्षा के बीच बुलडोजर मौके पर पहुंचा और कार्रवाई शुरू हुई। सुबह तक इलाके में पुलिस की मौजूदगी बनी रही।
मदीना मस्जिद का ऊपरी हिस्सा हटाया गया
बुलडोजर कार्रवाई में मदीना मस्जिद के ऊपरी हिस्से को हटाया गया। एबीपी की रिपोर्ट के मुताबिक मस्जिद की ऊपरी दो मंजिलों को कार्रवाई में गिराया गया। आसपास सड़क की सीमा में आने वाले अन्य निर्माण भी हटाए गए। इस कार्रवाई के बाद मस्जिद प्रबंधन और स्थानीय लोगों की ओर से सवाल उठाए गए। प्रबंधन ने नोटिस और अपनी आपत्तियों पर सुनवाई की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं।
हाईकोर्ट ने 30 मीटर सड़क चौड़ीकरण को दी थी मंजूरी
मामले की पृष्ठभूमि में दिल्ली हाईकोर्ट का 6 अप्रैल 2026 का फैसला महत्वपूर्ण है। अदालत ने रोड नंबर 320 को 30 मीटर चौड़ा करने की अनुमति दी थी। फैसले में अधिकारियों को UTTIPEC की 13 जनवरी 2016 की मंजूरी के अनुरूप सड़क विस्तार आगे बढ़ाने का निर्देश दिया गया था। अदालत ने संबंधित कब्जाधारियों को अपना सामान हटाकर जगह खाली करने के लिए समय देने को कहा था और यह अवधि 30 मई 2026 से आगे नहीं बढ़ाने का निर्देश दिया था। इसके बाद सड़क विस्तार की कार्रवाई आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ।
सड़क चौड़ीकरण में 150 से ज्यादा ढांचे आए जद में
अदालत के रिकॉर्ड के मुताबिक रोड नंबर 320 के आसपास बड़ी संख्या में कब्जाधारी और निर्माण मौजूद थे। सुनवाई के दौरान रिकॉर्ड में 157 कब्जाधारियों का उल्लेख आया था। अदालत ने सड़क को 30 मीटर चौड़ा करने की जरूरत को स्वीकार करते हुए संबंधित अधिकारियों को विस्तार की कार्रवाई आगे बढ़ाने की अनुमति दी। इससे साफ है कि मौजूदा कार्रवाई केवल मस्जिद तक सीमित अभियान नहीं है, बल्कि सड़क चौड़ीकरण से जुड़े व्यापक हटाओ अभियान का हिस्सा है।
मस्जिद प्रबंधन ने नोटिस और प्रक्रिया पर उठाए सवाल
मदीना मस्जिद के मुखिया मोविन खान ने दावा किया कि प्रबंधन को अलग-अलग नोटिस मिले थे और उसने दस्तावेजों के साथ अपनी आपत्ति रखने की कोशिश की थी। उनके मुताबिक मामला अपीलेट ट्रिब्यूनल तक भी गया था। प्रबंधन का कहना है कि मस्जिद के निर्माण के पुराने होने और उसके नक्शों से जुड़े दस्तावेज अदालत के सामने रखे गए थे। प्रबंधन ने कार्रवाई की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी दलीलों पर पर्याप्त विचार नहीं किया गया। ये दावे मस्जिद प्रबंधन की ओर से हैं।
आधी रात की कार्रवाई पर स्थानीय लोगों ने जताई नाराजगी
बुलडोजर कार्रवाई रात में शुरू होने के बाद आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। स्थानीय लोगों ने कार्रवाई के समय पर सवाल उठाए और कहा कि उन्हें इतनी देर रात अभियान चलाए जाने की जानकारी नहीं थी। भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बीच इलाके में तनाव की स्थिति बनी रही।
AIMIM नेता शोएब जमई भी मौके पर पहुंचे
कार्रवाई की सूचना मिलने के बाद AIMIM दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष शोएब जमई भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने आधी रात को मस्जिद के हिस्से को गिराए जाने पर सवाल उठाए और कार्रवाई को असंवैधानिक बताया। यह उनका राजनीतिक आरोप और प्रतिक्रिया है। वहीं प्रशासनिक पक्ष इस कार्रवाई को सड़क चौड़ीकरण और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया से जोड़ रहा है। उपलब्ध रिपोर्टों में इस कार्रवाई के संबंध में प्रशासन की ओर से यही आधार बताया गया है।
कार्रवाई के बाद भी जारी है सड़क चौड़ीकरण अभियान
शालीमार बाग में रोड नंबर 320 को 30 मीटर चौड़ा करने की परियोजना पर पहले भी कार्रवाई हो चुकी है। हाईकोर्ट के अप्रैल के आदेश में सड़क विस्तार को UTTIPEC की 2016 की मंजूरी के अनुरूप आगे बढ़ाने की बात कही गई थी। अब मदीना मस्जिद और आसपास के ढांचों पर हुई कार्रवाई इसी व्यापक सड़क चौड़ीकरण अभियान के बीच हुई है।
