- बंद चौराहे, सड़क के गड्ढे, टाटमिल पर खड़ी बसें और बेतरतीब ई-रिक्शा बने चिंता की वजह; व्यापारियों ने डीसीपी ट्रैफिक को ज्ञापन देकर समाधान की मांग की
भारत 19/ कानपुर। फेस्टिव सीजन में बाजारों में बढ़ने वाली भीड़ और वाहनों के दबाव को लेकर व्यापारी अभी से फिक्रमंद हैं। उनका कहना है कि बंद चौराहे, प्रमुख मार्गों के गड्ढे, टाटमिल पर मुख्य सड़क में खड़ी बसें और बेतरतीब ई-रिक्शा संचालन पहले से ही यातायात को प्रभावित कर रहे हैं। त्योहारों में खरीदारी बढ़ने पर स्थिति और बिगड़ सकती है।
भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र और जिलाध्यक्ष विजय गुप्ता गोरे के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को यातायात भवन पहुंचकर डीसीपी यातायात अभयनाथ त्रिपाठी से मुलाकात की। व्यापारियों ने ज्ञापन सौंपकर त्योहारों से पहले प्रमुख बाजारों और मार्गों पर यातायात व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की।
बंद चौराहों और कट की हो समीक्षा
व्यापारियों ने कहा कि शहर में कई चौराहों को बंद कर उनके आगे कट बनाए गए हैं। इससे वाहन चालकों को कई बार लंबा रास्ता तय करना पड़ता है और आसपास के मार्गों पर अनावश्यक यातायात दबाव बढ़ जाता है। प्रतिनिधिमंडल ने ऐसे सभी बंद चौराहों और बनाए गए कट की समीक्षा करने तथा जहां जरूरत हो, वहां चौराहे खोलने की व्यवस्था करने की मांग की। व्यापारियों के मुताबिक शहर के कई प्रमुख मार्गों पर सड़क के गड्ढे वाहनों की रफ्तार प्रभावित कर रहे हैं। त्योहारों के दौरान बाजारों में वाहनों की संख्या बढ़ने पर खराब सड़कों की समस्या जाम को और बढ़ा सकती है। इसे देखते हुए प्रमुख मार्गों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की गई।
टाटमिल पर बसों से जीटी रोड प्रभावित
टाटमिल बस स्टैंड की व्यवस्था को लेकर भी व्यापारियों ने चिंता जताई। उनका कहना है कि बसें मुख्य मार्ग पर खड़ी होकर सवारियां भरती हैं, जिससे जीटी रोड पर यातायात बाधित होता है। व्यापारियों ने बसों को निर्धारित स्थान पर ही खड़ा कराने और मुख्य मार्ग पर सवारी भरने पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की। शहर के प्रमुख चौराहों, बाजारों और व्यस्त मार्गों पर ई-रिक्शा के अनियंत्रित संचालन को भी व्यापारियों ने यातायात की बड़ी समस्या बताया। उनका कहना है कि सड़क पर अनावश्यक रूप से रुकने वाले ई-रिक्शा के खिलाफ कार्रवाई के साथ इनके संचालन को व्यवस्थित करने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए।
प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र ने कहा कि फेस्टिव सीजन में बाजारों में खरीदारों की संख्या बढ़ने से यातायात दबाव बढ़ना तय है। ऐसे में पहले से जरूरी सुधार किए जाने चाहिए। जिलाध्यक्ष विजय गुप्ता गोरे ने कहा कि ई-रिक्शा के संचालन को नियंत्रित किए बिना प्रमुख बाजारों और चौराहों पर यातायात व्यवस्था सुचारु रखना मुश्किल होगा। डीसीपी यातायात अभयनाथ त्रिपाठी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि वह स्वयं विभिन्न स्थानों का निरीक्षण करेंगे और यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। प्रतिनिधिमंडल में जिला कोषाध्यक्ष मनोज गुप्ता कुक्कू, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष अब्दुल वहीद, जिला मंत्री सुरेंद्र जायसवाल, विनोद त्रिपाठी और मोहम्मद शाहिद समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।


