- CJP के दोनों नेताओं को पांच दिन की न्यायिक हिरासत, तिहाड़ जेल भेजे गए; बैरिकेड पार कर प्रदर्शन करने और शांति मुचलके की शर्तें तोड़ने का आरोप, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर पहुंचे थे जंतर-मंतर
भारत 19/ नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के मामले में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। बुधवार को कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेशी के बाद दोनों को तिहाड़ जेल भेजा गया। दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को उन्हें हिरासत में लिया था। पुलिस का आरोप है कि दोनों ने बैरिकेड पार कर प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश किया और शांति बनाए रखने के लिए पहले भरे गए मुचलके की शर्तों का उल्लंघन किया।
बैरिकेड पार करने के बाद पुलिस ने की कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक, 13 अक्टूबर को CJP के करीब 14 सदस्य जंतर-मंतर पहुंचे थे। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड पार कर उस क्षेत्र में प्रवेश किया, जिसे आधिकारिक प्रदर्शन स्थल की सूची से हटा दिया गया था। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए नारेबाजी करते रहे। इसके बाद सौरव दास, आशुतोष रांका और पार्टी के एक अन्य नेता अजिंक्य शिंदे समेत कई सदस्यों को हिरासत में लिया गया।
जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने पर विवाद
दिल्ली में प्रदर्शन स्थलों को लेकर प्रशासन के हालिया फैसले के बाद यह विवाद सामने आया। दिल्ली पुलिस आयुक्त के 11 अक्टूबर के आदेश के तहत रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और सीबीडी मैदान को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों के रूप में सूचीबद्ध किया गया था। इसके बाद जंतर-मंतर को अधिसूचित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया गया। CJP ने इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि इससे राजनीतिक विरोध प्रदर्शनों की सार्वजनिक दृश्यता प्रभावित होगी।
SIR के मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
CJP और अन्य प्रदर्शनकारी मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। चुनाव आयोग ने पक्षपात के आरोपों को खारिज किया है। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन और उसके बाद हुई पुलिस कार्रवाई ने मतदाता सूची पुनरीक्षण तथा विरोध प्रदर्शनों के लिए निर्धारित स्थलों को लेकर बहस तेज कर दी है।
अजिंक्य शिंदे की रिहाई की प्रक्रिया भी चर्चा में
इस मामले में CJP के तीसरे नेता अजिंक्य शिंदे को भी हिरासत में लिया गया था। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उनकी रिहाई के लिए निजी मुचलके से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी की जा रही थीं। वहीं, सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। पुलिस की कार्रवाई में अनधिकृत प्रवेश, शांति मुचलके की शर्तों के उल्लंघन और लोक सेवक के काम में बाधा डालने से जुड़े आरोपों का उल्लेख किया गया है। इन आरोपों पर आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

