- डीजीएफटी ने पात्र आवेदनों के त्वरित निस्तारण की व्यवस्था बनाई, सामान्य सीमा शुल्क देना अनिवार्य; छह महीने तक वैध रहेगी अनुमति, आपूर्ति सुधरने से प्रीमियम घटने की उम्मीद
भारत 19/ नई दिल्ली। चांदी के आयात की अनुमति के लिए कारोबारियों को अब लंबा इंतजार नहीं करना पड़ सकता है। विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने पात्र आवेदनों के तेजी से निस्तारण के लिए प्रक्रिया सरल कर दी है। नई व्यवस्था 15 अक्टूबर 2026 से लागू होगी। इससे चांदी आयातकों के साथ आभूषण और बर्तन निर्माताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।
सामान्य सीमा शुल्क देना होगा, अनुमति की शर्त बरकरार
डीजीएफटी ने 13 अक्टूबर को व्यापार नोटिस संख्या 30/2026-27 जारी कर नई व्यवस्था की घोषणा की। इसके तहत पात्र नए और संशोधित आवेदनों पर इस स्वघोषणा के आधार पर तेजी से विचार किया जाएगा कि आयातक सामान्य सीमा शुल्क चुकाएंगे और किसी शुल्क रियायत का लाभ नहीं लेंगे। हालांकि, आयात अनुमति की अनिवार्यता बरकरार है और शुल्क में कोई कटौती नहीं की गई है।
आपूर्ति बढ़ने पर प्रीमियम घटने की संभावना
प्रक्रिया तेज होने से आयातक खरीद की योजना बेहतर ढंग से बना सकेंगे। यदि इससे वास्तविक आयात बढ़ता है तो घरेलू बाजार में चांदी की उपलब्धता सुधर सकती है। इससे आभूषण और बर्तन निर्माताओं, कारीगरों तथा बुलियन कारोबारियों को कच्चे माल की आपूर्ति में राहत मिल सकती है। अतिरिक्त आयात से जुड़ा प्रीमियम घटने की संभावना भी है, हालांकि चांदी की कीमतों पर असर अंतरराष्ट्रीय भाव, मांग और रुपये की विनिमय दर पर निर्भर करेगा।
आवेदन में मात्रा, कीमत और जरूरत बताना जरूरी
आवेदकों को डीजीएफटी पोर्टल पर प्रस्तावित आयात की मात्रा, मूल्य और जरूरत का औचित्य देना होगा। स्वघोषणा में सामान्य सीमा शुल्क चुकाने और शुल्क रियायत नहीं लेने की बात स्पष्ट करनी होगी। अनुमति के तहत चांदी की खरीद इंडिया इंटरनेशनल बुलियन एक्सचेंज (आईआईबीएक्स) अथवा विदेश व्यापार नीति के परिशिष्ट 4बी में अधिसूचित नामित बैंकों या एजेंसियों के माध्यम से ही की जा सकेगी। अनुमति छह महीने तक वैध होगी और इसकी अवधि नहीं बढ़ाई जा सकेगी।
लंबित आवेदनों में संशोधन का भी मौका
पहले से लंबित आवेदनों में कमी होने पर डीजीएफटी उन्हें चिह्नित करेगा, ताकि कारोबारी जरूरी संशोधन कर स्वघोषणा जमा कर सकें। 15 अक्टूबर से शर्तें पूरी करने वाले नए और संशोधित आवेदनों पर सरल प्रक्रिया के तहत विचार होगा। जरूरत पड़ने पर विभाग अतिरिक्त दस्तावेज मांगने और विस्तृत जांच करने का अधिकार रखेगा।
ज्वेलर्स फेडरेशन ने किया फैसले का स्वागत
ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन के अध्यक्ष पंकज अरोड़ा ने इस पहल का स्वागत किया है। उनके मुताबिक, आवेदन निस्तारण में तेजी आने से चांदी की उपलब्धता बेहतर हो सकती है और आपूर्ति संबंधी बाधाओं के कारण कारोबारियों को चुकाना पड़ने वाला अतिरिक्त प्रीमियम घट सकता है। हालांकि, वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि नई व्यवस्था के बाद आयात कितना बढ़ता है।
