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भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर जयशंकर का बड़ा संकेत

  • मतभेद दूर करने में जुटे दोनों देश, बातचीत नतीजे के करीब; टैरिफ और अमेरिकी बाजार में पहुंच की शर्तें अहम, अंतिम समझौते पर मुहर लगना बाकी

भारत 19/ नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही व्यापार समझौते की बातचीत अब अहम पड़ाव पर पहुंच गई है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संकेत दिया है कि दोनों देश लंबित मतभेद दूर करने में जुटे हैं और वार्ता किसी नतीजे की ओर बढ़ रही है। हालांकि, कुछ मुद्दों पर अभी सहमति बननी बाकी है। ऐसे में समझौते की दिशा में प्रगति के संकेत जरूर हैं, लेकिन अंतिम सहमति या हस्ताक्षर की घोषणा अभी नहीं हुई है।

जयशंकर ने मंगलवार को नई दिल्ली में ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम के दौरान भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता की स्थिति पर ये टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि वार्ता में दोनों पक्ष काफी आगे बढ़ चुके हैं, लेकिन कुछ पहलुओं पर काम जारी है। उन्होंने लंबित मुद्दों का ब्योरा सार्वजनिक करने से परहेज किया। उनके मुताबिक, भारत और अमेरिका के संबंधित व्यापार अधिकारी समझौते को आगे बढ़ाने के लिए लगातार बातचीत कर रहे हैं।

प्रतिस्पर्धी देशों की शर्तें भी बन रहीं अहम

जयशंकर ने बातचीत की एक अहम जटिलता की ओर इशारा किया। उनके अनुसार, अमेरिका जैसे बड़े बाजार के साथ समझौते में केवल भारत और अमेरिका के बीच तय होने वाली शर्तें ही मायने नहीं रखतीं, बल्कि यह भी देखना होता है कि प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्थाओं को किस तरह की व्यापारिक सुविधाएं मिल रही हैं। भारत चाहता है कि उसके निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले नुकसान न उठाना पड़े। अमेरिका की टैरिफ नीति में बदलाव भी वार्ता का प्रमुख पहलू है। जयशंकर ने कहा कि वाशिंगटन अपने घरेलू उद्योगों को फिर से मजबूत करने और अमेरिकी बाजार तक पहुंच की शर्तें नए सिरे से तय करने पर जोर दे रहा है। ऐसे में टैरिफ और बाजार पहुंच से जुड़े मुद्दों पर सहमति समझौते की दिशा तय करेगी।

वित्त मंत्री ने बातचीत में ठहराव की बात कही थी

इस महीने की शुरुआत में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता एक ऐसे पड़ाव पर पहुंच गई है, जहां आगे की रियायतों को लेकर दोनों पक्षों के सामने मुश्किलें हैं। उन्होंने बातचीत को कठिन बताया था। जयशंकर का ताजा बयान संकेत देता है कि मतभेद दूर करने की कोशिश जारी है, हालांकि इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि सभी प्रमुख मुद्दों पर सहमति बन गई है।

2025 से जारी है व्यापार समझौते पर बातचीत

भारत और अमेरिका ने फरवरी 2025 में व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement) की दिशा में बातचीत शुरू की थी। फरवरी 2026 में दोनों देशों ने अंतरिम व्यापार समझौते के लिए एक रूपरेखा की घोषणा भी की थी। इसके बावजूद अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देने और व्यापक व्यापार समझौते पर आगे बढ़ने के लिए बातचीत जारी है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमिसन ग्रीर ने भी अक्टूबर की शुरुआत में कहा था कि दोनों पक्ष लंबित मुद्दों को सुलझाने में लगे हैं, लेकिन तत्काल समझौते की स्थिति नहीं थी। समझौते का असर भारतीय निर्यातकों, विनिर्माण क्षेत्र और अमेरिकी बाजार तक पहुंच पर पड़ सकता है। इसलिए टैरिफ के साथ गैर-टैरिफ बाधाओं और प्रतिस्पर्धी देशों को मिलने वाली शर्तों पर सहमति भी महत्वपूर्ण होगी।

रणनीतिक साझेदारी और व्यापार वार्ता अलग मुद्दे

जयशंकर ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत और अमेरिका के बीच मजबूत रणनीतिक साझेदारी है, लेकिन भारत अमेरिका का औपचारिक सैन्य सहयोगी नहीं है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच पिछले दो दशकों में साझा हितों के आधार पर सहयोग विकसित हुआ है और उसके मूल आधार में बदलाव नहीं आया है फिलहाल व्यापार समझौते को लेकर सबसे अहम संकेत यह है कि बातचीत जारी है और दोनों पक्ष लंबित मुद्दों को सुलझाने में जुटे हैं।

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