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अब किताबें खुद बताएंगी अपना ठिकाना

  • सीएसजेएमयू की सेंट्रल लाइब्रेरी में Refread तकनीक से पुस्तकों की पहचान और ट्रैकिंग; स्मार्ट कियोस्क पर सेल्फ इश्यू-रिटर्न, गेट पर सुरक्षा अलर्ट और Refread से 24×7 डिजिटल संसाधनों तक पहुंच

भारत 19
विक्सन सिकरोड़िया, कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) की सेंट्रल लाइब्रेरी में किताबों की तलाश, इश्यू-रिटर्न और सुरक्षा से लेकर डिजिटल संसाधनों तक पहुंच की व्यवस्था अब तकनीक आधारित हो गई है। लाइब्रेरी में आरएफआईडी (Radio Frequency Identification), स्मार्ट सेल्फ-सर्विस कियोस्क और Refread रिमोट एक्सेस जैसी सुविधाओं ने पुस्तकालय को आधुनिक डिजिटल नॉलेज हब का रूप दिया है। इस व्यवस्था की खासियत यह है कि किताबों की पहचान के लिए हर बार बारकोड की तरह एक-एक पुस्तक को स्कैन करने की जरूरत नहीं पड़ती। आरएफआईडी टैग के जरिये पुस्तकों की पहचान, इश्यू-रिटर्न और इन्वेंटरी मैनेजमेंट को अधिक तेज और व्यवस्थित बनाया जा सकता है।

हर किताब पर लगा है डिजिटल पहचान टैग
आरएफआईडी सिस्टम में प्रत्येक पुस्तक पर एक छोटा इलेक्ट्रॉनिक टैग लगाया जाता है। इस टैग में पुस्तक से संबंधित विशिष्ट पहचान दर्ज रहती है। आरएफआईडी रीडर रेडियो फ्रीक्वेंसी के जरिये टैग को पढ़ता है। बारकोड के विपरीत इसमें स्कैनर और टैग के बीच सीधा दृश्य संपर्क जरूरी नहीं होता। यही तकनीक पुस्तकालय की इन्वेंटरी चेकिंग को भी आसान बनाती है। आरएफआईडी हैंडहेल्ड रीडर की मदद से पुस्तकों की पहचान और रिकॉर्ड का मिलान अपेक्षाकृत तेजी से किया जा सकता है।

स्मार्ट कियोस्क से खुद करें इश्यू-रिटर्न
सीएसजेएमयू सेंट्रल लाइब्रेरी में सेल्फ-सर्विस कियोस्क विद्यार्थियों को पुस्तक इश्यू और रिटर्न की प्रक्रिया खुद पूरी करने की सुविधा देते हैं। विद्यार्थी अपनी डिजिटल पहचान के माध्यम से सिस्टम में प्रवेश कर पुस्तक को निर्धारित सेंसर क्षेत्र में रखते हैं। आरएफआईडी टैग की पहचान होने के बाद पुस्तक संबंधित विद्यार्थी के लाइब्रेरी रिकॉर्ड से जुड़ जाती है। इससे सामान्य इश्यू-रिटर्न प्रक्रिया में स्टाफ पर निर्भरता और विद्यार्थियों का प्रतीक्षा समय कम किया जा सकता है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद डिजिटल कन्फर्मेशन की सुविधा भी उपलब्ध है।

स्मार्ट गेट रखता है पुस्तकों पर नजर
लाइब्रेरी के प्रवेश-निकास क्षेत्र में लगाए गए आरएफआईडी आधारित सुरक्षा गेट पुस्तकों की निगरानी में मदद करते हैं। किसी पुस्तक का रिकॉर्ड इश्यू प्रक्रिया से जुड़ा नहीं है और उसे बाहर ले जाने का प्रयास किया जाता है तो सिस्टम अलर्ट दे सकता है। आरएफआईडी आधारित सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य पुस्तकों के अनधिकृत बाहर जाने की संभावना को कम करना और लाइब्रेरी कलेक्शन की सुरक्षा मजबूत करना है।

ई-बुक और शोध सामग्री तक रिमोट एक्सेस
फिजिकल पुस्तकों की ट्रैकिंग के अलावा सीएसजेएमयू की लाइब्रेरी व्यवस्था डिजिटल संसाधनों तक दूरस्थ पहुंच भी उपलब्ध कराती है। Refread के माध्यम से अधिकृत विद्यार्थी और शोधार्थी विश्वविद्यालय की सदस्यता वाले डिजिटल संसाधनों तक कैंपस के बाहर से भी पहुंच बना सकते हैं। इसमें उपलब्ध संसाधनों के आधार पर ई-बुक्स, शोध पत्रिकाओं और अन्य ई-रिसोर्स का उपयोग घर या किसी अन्य स्थान से किया जा सकता है। शोधार्थियों के लिए यह सुविधा विशेष रूप से उपयोगी है, क्योंकि उन्हें हर डिजिटल संसाधन के लिए लाइब्रेरी परिसर में मौजूद रहना जरूरी नहीं होता।

दृष्टिबाधित छात्रों के लिए विशेष सुविधा
सीएसजेएमयू सेंट्रल लाइब्रेरी की एक महत्वपूर्ण विशेषता दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध समावेशी सुविधाएं हैं। इसके लिए ब्रेल और ऑडियो-विजुअल संसाधनों से युक्त विशेष लैब विकसित की गई है। लैब में उपलब्ध तकनीकों के माध्यम से डिजिटल अथवा मुद्रित सामग्री को दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए अधिक सुलभ बनाया जाता है। टेक्स्ट-टू-स्पीच तकनीक लिखित सामग्री को आवाज में बदलने में मदद करती है, जबकि इलेक्ट्रॉनिक टैक्टाइल और ब्रेल आधारित उपकरण स्पर्श के माध्यम से अध्ययन की सुविधा उपलब्ध कराते हैं। इससे पुस्तकालय की सेवाएं केवल सामान्य विद्यार्थियों तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि अलग-अलग जरूरतों वाले विद्यार्थियों के लिए भी अध्ययन का बेहतर वातावरण तैयार होता है।

बारकोड से Refread तक बदलाव

बारकोड आधारित व्यवस्था में सामान्यतः प्रत्येक पुस्तक के बारकोड को स्कैन करना पड़ता है। RFID में रेडियो फ्रीक्वेंसी के जरिये टैग की पहचान की जाती है। यही अंतर पुस्तक इश्यू-रिटर्न, स्टॉक सत्यापन और सुरक्षा जैसी प्रक्रियाओं को अधिक स्वचालित बनाने में मदद करता है।

  • पुस्तकों की पहचान तेजी से
  • इन्वेंटरी मैनेजमेंट आसान
  • सेल्फ-इश्यू और रिटर्न की सुविधा
  • पुस्तक सुरक्षा के लिए स्मार्ट गेट
  • लाइब्रेरी संचालन में कम मैनुअल प्रक्रिया

स्मार्ट लाइब्रेरी का पूरा नेटवर्क
सीएसजेएमयू की सेंट्रल लाइब्रेरी में लागू व्यवस्था को केवल किताबों में Refread टैग लगाने तक सीमित नहीं देखा जा सकता। Refread टैग + रीडर + स्मार्ट कियोस्क + सुरक्षा गेट + डिजिटल लाइब्रेरी एक्सेस + दिव्यांग-अनुकूल तकनीक मिलकर एक ऐसा सिस्टम बनाते हैं, जिसमें भौतिक और डिजिटल पुस्तकालय सेवाएं एक-दूसरे से जुड़ती हैं। यानी विद्यार्थी के लिए लाइब्रेरी अब केवल किताब लेने की जगह नहीं, बल्कि फिजिकल बुक, डिजिटल रिसर्च रिसोर्स, सेल्फ-सर्विस और समावेशी अध्ययन सुविधाओं वाला स्मार्ट नॉलेज हब बन रही है।

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