- सीएसजेएमयू में विदेशी छात्रों की बढ़ी दिलचस्पी, 2026-27 सत्र के लिए 500 ने किया आवेदन, बांग्लादेश, तंजानिया, मिस्र, अफगानिस्तान, ओमान समेत 15 से अधिक देशों के छात्र, 60 से अधिक को प्रवेश की उम्मीद, अगले सत्र से ICCR छात्रवृत्ति योजना से विदेशी छात्रों के लिए खुलेंगे नए अवसर
भारत 19
विक्सन सिकरोड़िया, कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) की पढ़ाई अब कानपुर और उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं रह गई है। बीटेक, एमबीए, एमसीए, होटल मैनेजमेंट और हेल्थ साइंसेज जैसे पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए विदेशी विद्यार्थियों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है। सत्र 2026-27 में करीब 500 विदेशी विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय में पढ़ाई के लिए आवेदन किया है। इनमें से करीब 50 विद्यार्थियों का प्रवेश फिलहाल पक्का हो चुका है, जबकि प्रवेश प्रक्रिया अभी जारी है। विश्वविद्यालय के इंटरनेशनल रिलेशंस एंड एकेडमिक कोऑपरेशन सेल के अनुसार इस सत्र में 60 से अधिक विदेशी विद्यार्थियों के प्रवेश की संभावना है। तीन साल पहले विदेशी विद्यार्थियों के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने के बाद यह संख्या लगातार बढ़ी है।
10 से शुरू हुआ सफर, 60 पार पहुंचा
सीएसजेएमयू में विदेशी विद्यार्थियों के प्रवेश का आंकड़ा पिछले तीन सत्रों में तेजी से बढ़ा है। विश्वविद्यालय के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक सत्र 2024-25 में करीब 10 विदेशी विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया था। अगले सत्र 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 36 हो गई। ये सब संभव हो सका है विश्वविद्यालय के इंटरनेशनल रिलेशंस एंड एकेडमिक कोआपरेशन सेल की निदेशक डा. शिल्पा कायस्थ के प्रयासों के चलते। अब उम्मीद है कि सत्र 2026-27 में 60 से अधिक विदेशी छात्रों के प्रवेश की संभावना जताई गई है। यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हो रही है जब भारत सरकार का Study in India कार्यक्रम विदेशी विद्यार्थियों को भारतीय उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दे रहा है। कार्यक्रम से जुड़े संस्थानों में हजारों पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं और विदेशी विद्यार्थी एक से अधिक संस्थानों के लिए आवेदन कर सकते हैं।
15 से ज्यादा देशों की पसंद बना सीएसजेएमयू
सीएसजेएमयू में आवेदन करने वाले विदेशी विद्यार्थियों में एशिया और अफ्रीका के देशों की हिस्सेदारी प्रमुख है। विश्वविद्यालय के अनुसार बांग्लादेश, तंजानिया, मिस्र, अफगानिस्तान, ओमान, भूटान और नेपाल समेत 15 से अधिक देशों के विद्यार्थी यहां पढ़ाई में रुचि दिखा रहे हैं। विदेशी विद्यार्थियों की यह रुचि विश्वविद्यालय के लिए केवल प्रवेश संख्या बढ़ने का संकेत नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अकादमिक पहुंच बढ़ाने का अवसर भी है।
सिर्फ आवेदन से नहीं मिलता प्रवेश
विदेशी विद्यार्थियों के लिए आवेदन करने मात्र से प्रवेश सुनिश्चित नहीं होता। विश्वविद्यालय की प्रक्रिया के तहत आवेदकों की शैक्षणिक योग्यता और पात्रता की समीक्षा की जाती है। इसके बाद चयन प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन साक्षात्कार सहित निर्धारित मानकों के आधार पर विद्यार्थियों को शॉर्टलिस्ट किया जाता है। भारत में शिक्षा पाने की आधिकारिक व्यवस्था में भी अंतिम पात्रता संबंधित शिक्षण संस्थान और चुने गए पाठ्यक्रम की शर्तों पर निर्भर करती है।
सत्र 2027-28 में खुलेगा छात्रवृत्ति का रास्ता
सीएसजेएमयू के अनुसार 2027-28 सत्र से विदेशी विद्यार्थियों के लिए ICCR छात्रवृत्ति के माध्यम से प्रवेश की दिशा में काम किया जा रहा है। विश्वविद्यालय का मानना है कि छात्रवृत्ति की सुविधा मिलने से मेधावी विदेशी विद्यार्थियों की संख्या और बढ़ सकती है। अहम बात यह है कि ICCR (Indian Council for Cultural Relations) भारत सरकार की विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं के माध्यम से विदेशी विद्यार्थियों को भारतीय विश्वविद्यालयों और संस्थानों में उच्च शिक्षा का अवसर देता है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार ICCR के तहत विभिन्न योजनाओं में स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी स्तर की पढ़ाई के लिए छात्रवृत्तियां उपलब्ध हैं।
छात्रवृत्ति में लाभ
ICCR योजना के अनुसार ट्यूशन फीस, भत्ता और अन्य सुविधाएं शामिल हो सकती हैं। छात्रवृत्ति की सुविधाएं संबंधित योजना के नियमों पर निर्भर करती हैं। इसलिए इसे सभी विद्यार्थियों के लिए एक समान पूरी तरह मुफ्त शिक्षा मानना सही नहीं होगा। विभिन्न योजनाओं में विदेशी विद्यार्थियों के लिए स्नातक, परास्नातक और पीएचडी स्तर की पढ़ाई के अवसर हैं। छात्रवृत्ति की शर्तें, पात्रता और मिलने वाली सुविधाएं संबंधित योजना के अनुसार तय होती हैं। यही वजह है कि सीएसजेएमयू के लिए ICCR से जुड़ाव महत्वपूर्ण हो सकता है। यदि विश्वविद्यालय संबंधित योजना के लिए पात्र/एम्पैनल्ड संस्थानों में शामिल होता है और सीटें उपलब्ध होती हैं, तो योग्य विदेशी विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई का खर्च काफी कम या छात्रवृत्ति के दायरे में आ सकता है। ICCR के अनुसार छात्रवृत्ति केवल उसके निर्धारित/मान्य संस्थानों में प्रवेश के लिए उपलब्ध होती है।
Study in India से बढ़ी पहुंच
भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के Study in India कार्यक्रम का उद्देश्य विदेशी विद्यार्थियों को भारत में उच्च शिक्षा के अवसरों तक पहुंच आसान बनाना है। विद्यार्थियों को Study in India की एक विशिष्ट ID मिलती है और आवेदन से लेकर आगे की प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से ट्रैक किया जा सकता है। सीएसजेएमयू में मौजूदा विदेशी विद्यार्थियों के प्रवेश में भी इसी व्यवस्था का इस्तेमाल किया जा रहा है। विश्वविद्यालय में आवेदन करने वाले विद्यार्थियों की स्क्रीनिंग के बाद पात्र विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जा रहा है।
विदेशी छात्रों को अगले साल से मिलेगी छात्रवृत्ति
इंटरनेशनल रिलेशंस एंड एकेडमिक कोआपरेशन सेल के समन्वयक डा. विकास सैनी ने बताया कि वर्ष 2027-28 से विदेशी छात्रों को छत्रवृत्ति मिलने लगेगी जिससे उनकी संख्या और बढ़ेगी। अगले साल से विदेशी छात्रों को इंडियन काउंसिल फाॅर कल्चरल रिलेशन्स ‘आईसीसीआर’ के जरिए विदेशी छात्रों को प्रवेश मिलने लगेगा। आईसीसीआर अंतरराष्ट्रीय छात्रों को स्नातक, स्नातकोत्तर व पीएचडी स्तर की पढ़ाई के लिए पूर्णतः वित्तपोषित छात्रवृत्तियां देती है। आईसीसीआर स्काॅलरशिप पोर्टल के जरिए विदेशी छात्र आवेदन करते हैं। इसके अंतर्गत इन छात्रों की पूरी शिक्षण फीस माफ अथवा कवर होती है। उन्हें रहने के खर्चे के लिए मासिक भत्ता मिलता है। इसके अलावा इनमें हॉस्टल खर्च, मेडिकल सुविधा और आने-जाने का हवाई किराया भी शामिल होता है।


