- गंगा चेतावनी स्तर से सिर्फ 17 सेंटीमीटर नीचे, 3.18 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया; यमुना में जलस्तर घटा
भारत 19
कानपुर। देश के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं के मौसम अलर्ट के बीच कानपुर में गंगा के बढ़े जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। फ्लड कंट्रोल आफिस के आंकड़ों के अनुसार कानपुर बैराज पर गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से महज 17 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया है। बैराज से करीब 3.18 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया है। ऐसे में जब मौसम विभाग ने उत्तर भारत समेत कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, गंगा के जलस्तर और ऊपरी बैराजों से आने वाले पानी पर नजर और महत्वपूर्ण हो गई है। कानपुर बैराज पर अप स्ट्रीम जलस्तर 113.830 मीटर और डाउन स्ट्रीम जलस्तर 113.680 मीटर दर्ज किया गया। यहां चेतावनी स्तर 114 मीटर और खतरे का निशान 115 मीटर है। यानी अपस्ट्रीम में गंगा चेतावनी बिंदु से केवल 0.170 मीटर नीचे बह रही है। खतरे के निशान पर बैराज से पानी का डिस्चार्ज 5,44,373 क्यूसेक तक माना गया है।
कानपुर में गंगा की स्थिति केवल स्थानीय बारिश पर निर्भर नहीं है। हरिद्वार और नरौरा बैराज से छोड़े जाने वाले पानी का भी आगे के जलस्तर पर असर पड़ता है। रविवार सुबह हरिद्वार बैराज से 77,591 क्यूसेक और नरौरा बैराज से 1,28,716 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया। शुक्लागंज में गंगा का जलस्तर 112.440 मीटर दर्ज किया गया, जबकि वहां चेतावनी स्तर 113 मीटर और खतरे का निशान 114 मीटर है। फिलहाल शुक्लागंज में नदी चेतावनी स्तर से नीचे है, लेकिन कानपुर बैराज की स्थिति अपेक्षाकृत अधिक संवेदनशील बनी हुई है। मौसम विभाग ने 23 अगस्त के लिए कई राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। आधिकारिक पूर्वानुमान में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 23 से 25 अगस्त के दौरान व्यापक वर्षा की संभावना है।
औरैया में यमुना का रुख राहत देने वाला
गंगा के विपरीत औरैया में यमुना का जलस्तर फिलहाल राहत की स्थिति में है। 23 अगस्त सुबह आठ बजे नदी का जलस्तर 103.580 मीटर दर्ज किया गया और रुझान घटने का बताया गया। यहां चेतावनी स्तर 112 मीटर और खतरे का निशान 113 मीटर है। इस तरह यमुना चेतावनी स्तर से करीब 8.42 मीटर नीचे बह रही है। जिले में पिछले 24 घंटे के दौरान 24.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, लेकिन फिलहाल नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी नहीं दिख रही है। औरैया में यमुना का उच्चतम बाढ़ स्तर 118.51 मीटर है, जो 6 अगस्त 2021 को दर्ज किया गया था।
बारिश बढ़ी तो बदल सकती है तस्वीर
मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार उत्तर भारत, उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय बनी हुई हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 23 अगस्त को कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी व्यापक वर्षा का अनुमान है।


