- केंद्रीय उत्पाद शुल्क चोरी के 19 साल पुरानी जांच के मामले में रिमझिम इस्पात और जूही एलॉयज से जुड़े आरोपियों को 15 सितंबर तक कोर्ट में पेश करने का आदेश
कानपुर। रिमझिम इस्पात और जूही एलॉयज से जुड़े केंद्रीय उत्पाद शुल्क के एक पुराने मामले में अदालत ने सात आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं। स्पेशल सीजेएम कोर्ट ने सुमेरपुर पुलिस को निर्देश दिया है कि वारंटों का तामील कराकर सभी आरोपियों को 15 सितंबर तक अदालत में पेश किया जाए।
मामला करीब 19 साल पहले शुरू हुई केंद्रीय उत्पाद शुल्क जांच से जुड़ा है। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सेंट्रल एक्साइज इंटेलिजेंस (डीजीसीईआई) ने 22 नवंबर 2007 को कंपनी के परिसरों, कार्यालयों और फैक्ट्रियों में तलाशी ली थी। जांच के बाद विभाग ने पाया कि 2006-07 के दौरान उत्पाद शुल्क योग्य माल का कथित तौर पर गुप्त निर्माण किया गया और उसे बिना निर्धारित केंद्रीय उत्पाद शुल्क चुकाए हटाया गया। इसी आधार पर रिमझिम इस्पात, जूही एलॉयज और कंपनी से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई आगे बढ़ी। विभागीय रिकॉर्ड में करीब 6.68 करोड़ रुपये के केंद्रीय उत्पाद शुल्क और संबंधित देनदारी का मामला सामने आया था। यह रकम सामान्य अर्थों में केवल “टैक्स चोरी पकड़ी गई” कहने से अधिक विशिष्ट मामला है। आरोप उत्पाद शुल्क योग्य माल की कथित गुप्त निकासी और उस पर देय केंद्रीय उत्पाद शुल्क से बचने का था।
जुलाई 2017 में जीएसटी व्यवस्था लागू होने के पहले अप्रत्यक्ष करों में केंद्रीय उत्पाद शुल्क और सेवा कर से जुड़ी खुफिया जांच की जिम्मेदारी डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सेंट्रल एक्साइज इंटेलिजेंस (डीजीसीईआई) के पास थी। बाद में इसका नाम बदलकर डायरेक्टरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (डीजीजीआई) किया गया। 3 मई 2013 को मामले में अभियोजन की मंजूरी होने के बाद केंद्रीय उत्पाद शुल्क अधिनियम, 1944 की धाराओं के तहत 2014 में स्पेशल सीजेएम कोर्ट में आपराधिक परिवाद दाखिल किया गया।
अब कोर्ट में पेशी सुनिश्चित करने के लिए वारंट
सुप्रीम कोर्ट ने 24 जुलाई 2025 को आरोपियों की अपील खारिज कर दी। शीर्ष अदालत ने कहा कि विभागीय कार्यवाही और आपराधिक मुकदमा समानांतर चल सकते हैं और विभागीय आदेश में प्रक्रियागत आधार पर राहत मिलने मात्र से आपराधिक कार्रवाई स्वतः समाप्त नहीं हो जाती। सुप्रीम कोर्ट से राहत न मिलने के बाद मामला फिर निचली अदालत की प्रक्रिया में आगे बढ़ा। ताजा घटनाक्रम में अदालत ने कंपनी से जुड़े सात आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर उनकी उपस्थिति सुनिश्चित कराने का आदेश दिया है। लोक अभियोजक अम्बरीष टंडन की पैरवी पर जारी आदेश में सुमेरपुर पुलिस को वारंटों का अनुपालन कराते हुए आरोपियों को 15 सितंबर तक स्पेशल सीजेएम कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुरानी जांच, नया न्यायिक मोड़
- 2006-07 में रिमझिम इस्पात और जूही एलॉयज पर कथित अनियमितताओं का आरोप लगा- डीजीसीईआई ने 22 नवंबर 2007 को कंपनी के परिसरों, कार्यालयों और फैक्ट्रियों में तलाशी ली- वर्ष 2013 में अभियोजन की मंजूरी मिल जाने के बाद , 2014 में आपराधिक परिवाद दर्ज हुआ- 24 जुलाई 2025 को सुप्रीम कोर्ट से आरोपियों को राहत देने से इंकार, अब सात आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट


