- उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य का ग्राम्य विकास विभाग को निर्देश, पात्र युवाओं और परिवारों तक स्वरोजगार के अवसर पहुंचाने के लिए चलेगा विशेष संपर्क अभियान
भारत 19
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार बाबा साहब आंबेडकर रोजगार प्रोत्साहन योजना की पहुंच बढ़ाने के लिए अब गांव स्तर पर अभियान चलाएगी। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग को निर्देश दिया है कि योजना को कागजी प्रक्रिया तक सीमित न रखा जाए और प्रदेश के प्रत्येक गांव में पात्र लोगों तक इसकी जानकारी और लाभ पहुंचाया जाए। ऐसे लोगों की पहचान की जाए, जो योजना के पात्र हैं और स्वरोजगार से जुड़ सकते हैं। गांवों में बैठकें और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर योजना की पात्रता और प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी।
उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि योजना की सफलता का आकलन केवल प्रचार या विभागीय आंकड़ों से नहीं, बल्कि जरूरतमंद लोगों तक उसके वास्तविक लाभ पहुंचने से होगा। अधिकारियों को ग्रामीण युवाओं, महिलाओं और जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचकर उन्हें स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने की जिम्मेदारी दी गई है। योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आय के नए साधन विकसित करने और लोगों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर जोर रहेगा।
गांव में अवसर बढ़ाने से पलायन रोकने की कोशिश
सरकार का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना है, ताकि काम की तलाश में शहरों की ओर पलायन करने वाले लोगों को अपने क्षेत्र में ही विकल्प मिल सकें। केशव मौर्य ने कहा कि युवाओं और ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना सरकार की प्राथमिकताओं में है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाबा साहब आंबेडकर रोजगार प्रोत्साहन योजना की पहुंच हर गांव और हर पात्र परिवार तक सुनिश्चित करने के लिए विशेष जागरूकता एवं संपर्क अभियान चलाया जाए। यहां असली चुनौती योजना की घोषणा नहीं, बल्कि उसकी जमीनी पहुंच है। उप मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद अब ग्राम्य विकास विभाग को यह सुनिश्चित करना होगा कि योजना की जानकारी सिर्फ सरकारी तंत्र तक सीमित न रहे, बल्कि गांव के उस व्यक्ति तक पहुंचे जो स्वरोजगार शुरू करने के लिए किसी अवसर की तलाश में है।


