- गांवों में इलाज के साथ शोध करेगी सीएसजेएमयू की वैन
भारत 19
कानपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जांच और इलाज की सुविधा पहुंचाने के साथ छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) अब मरीजों के बीच से चिकित्सीय शोध के लिए डेटा भी जुटाएगा। विश्वविद्यालय ने ग्रामीण क्षेत्रों के लिए मोबाइल मेडिकल वैन सेवा शुरू की है। खास बात यह है कि यह वैन सिर्फ इलाज का माध्यम नहीं होगी, बल्कि हेल्थ साइंसेज के छात्रों के लिए चलती-फिरती प्रयोगशाला की तरह भी काम करेगी। उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने हरी झंडी दिखाकर मोबाइल मेडिकल वैन को रवाना किया।
गांव-गांव होगी जांच, जरूरत पर उपचार की राह
मोबाइल मेडिकल वैन के जरिए विश्वविद्यालय की चिकित्सकीय टीम उन ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचेगी, जहां स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता सीमित है। टीम ग्रामीणों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को समझने के साथ प्राथमिक जांच और चिकित्सकीय परामर्श देगी। किसी मरीज में विशेषज्ञ उपचार की जरूरत मिलने पर उसे आगे के उपचार के लिए चिकित्सकीय मार्गदर्शन भी दिया जाएगा। वैन में टीएलसी, डीएलसी, हीमोग्लोबिन, रैंडम ब्लड शुगर और प्लेटलेट्स जैसी रक्त जांच की सुविधा होगी। इसके अलावा रक्तचाप, नेत्र परीक्षण, ईसीजी, वजन और ऊंचाई की जांच भी की जाएगी।
मरीजों के बीच सीखेंगे हेल्थ साइंसेज के छात्र
इस पहल का दूसरा अहम पक्ष चिकित्सीय शोध और छात्रों की फील्ड ट्रेनिंग है। चिकित्सकों के निर्देश पर मेडिकल लेबोरेटरी साइंसेज, मेडिकल माइक्रोबायोलॉजी, रेडियोलॉजी और फिजियोथेरेपी समेत हेल्थ साइंसेज से जुड़े पाठ्यक्रमों के छात्र मरीजों की स्क्रीनिंग और स्वास्थ्य सर्वेक्षण में शामिल होंगे। छात्र मरीजों के बीच केस स्टडी और स्वास्थ्य संबंधी डेटा संग्रह के जरिए वास्तविक परिस्थितियों को समझ सकेंगे। इससे उन्हें कक्षा और प्रयोगशाला से बाहर सीधे मरीजों के बीच सीखने का अवसर मिलेगा और ग्रामीण स्वास्थ्य से जुड़े शोध के लिए भी आधार तैयार होगा।
बीमारी की शुरुआती पहचान पर जोर
विश्वविद्यालय के अनुसार मोबाइल मेडिकल वैन का उद्देश्य ग्रामीण मरीजों में बीमारी की प्राथमिक अवस्था में पहचान करना और समय रहते चिकित्सकीय सेवा उपलब्ध कराना है। वैन के संचालन और चिकित्सकीय सेवाओं की जिम्मेदारी डॉ. अनुराग मिश्रा को दी गई है। कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने छात्रों से कहा कि ज्ञान की कसौटी केवल डिग्री और अंक नहीं हैं। शिक्षा को डिग्री हासिल करने तक सीमित न रखकर उसके उपयोग को समाज के हित से जोड़ना चाहिए। गोल्डी मसाले समूह के निदेशक आकाश गोयनका व सुदीप गोयनका और विधायक सुरेंद्र मैथानी ने हरी झंडी दिखाकर मोबाइल मेडिकल वैन को रवाना किया। वैन गोल्डी मसाले समूह की ओर से कंपनी के निदेशक आकाश गोयनका व सुदीप गोयनका की ओर से सीएसजेएमयू को प्रदान की है। कार्यक्रम का संचालन स्कूल ऑफ हेल्थ साइंसेज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रवीण कटियार ने किया। इस अवसर पर हेल्थ साइंसेज के निदेशक डॉ. मुनीश रस्तोगी समेत शिक्षक और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।


