- हाईस्कूल प्रमाणपत्र और परिवार रजिस्टर नहीं होने पर अब राशन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट या पैन कार्ड से मृतक की उम्र प्रमाणित होगी; स्व-घोषणा पत्र देना अनिवार्य, व्यवस्था सिर्फ नगरीय क्षेत्र के लिए लागू होगी।
भारत 19/ लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत नगरीय क्षेत्र के आवेदकों के लिए मृतक की आयु प्रमाणित करने के नियमों में बदलाव किया है। अब ऐसे आवेदक, जिनके पास हाईस्कूल स्तर का शैक्षिक प्रमाणपत्र नहीं है और उनके क्षेत्र में परिवार या कुटुंब रजिस्टर भी उपलब्ध नहीं है, पांच अतिरिक्त दस्तावेजों के जरिए मृतक की उम्र प्रमाणित कर सकेंगे।
समाज कल्याण की ओर से जारी किए गए शासनादेश में यह व्यवस्था की गई है। सरकार ने माना कि शहरी क्षेत्रों में सामान्यतः परिवार या कुटुंब रजिस्टर उपलब्ध नहीं होने के कारण आवेदकों को राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के लिए आवेदन करने में कठिनाई होती है।सुविधा उन्हीं मामलों में मिलेगी, जहां हाईस्कूल स्तर का शैक्षिक प्रमाणपत्र और संबंधित नगरीय क्षेत्र का परिवार या कुटुंब रजिस्टर उपलब्ध नहीं है।
अब ये पांच दस्तावेज होंगे मान्य
- राशन कार्ड
- मतदाता पहचान पत्र
- ड्राइविंग लाइसेंस
- पासपोर्ट
- पैन कार्ड
स्व-घोषणा पत्र भी देना होगा
आवेदक को निर्धारित प्रारूप पर स्व-घोषणा करनी होगी कि उसके पास हाईस्कूल स्तर का शैक्षिक प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं है और उसके नगरीय क्षेत्र में परिवार रजिस्टर भी उपलब्ध नहीं है। इसके बाद उपलब्ध वैकल्पिक दस्तावेज को आयु प्रमाण के रूप में संलग्न किया जा सकेगा।

ग्रामीण आवेदकों को नहीं मिलेगा लाभ
शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि नई व्यवस्था केवल नगरीय क्षेत्र के आवेदकों के लिए लागू होगी। ग्रामीण क्षेत्रों के आवेदकों के लिए इस आदेश में इन पांच दस्तावेजों को अतिरिक्त आयु प्रमाण के रूप में मान्य करने की व्यवस्था नहीं की गई है। यह व्यवस्था 25 अक्टूबर 2024 के संबंधित शासनादेश में संशोधन के रूप में लागू की गई है।


