जानिए अचानक क्यों पुलिस ने संभाला मोर्चा और महिलाओं को दी कौन सी बड़ी राहत
कानपुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा 17 अगस्त 2026 को मिशन शक्ति फेज-5.0 के तहत पूरे जिले में वृहद जागरूकता अभियान चलाया गया । इस अभियान में एंटी-रोमियो टीमों ने सार्वजनिक स्थानों, स्कूलों और चौराहों पर पहुंचकर महिलाओं व बालिकाओं को सुरक्षा, अधिकारों तथा साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी प्रदान की ।
Bharat 19/ कानपुर। औद्योगिक नगरी कानपुर की सड़कों, बाजारों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए पुलिस कमिश्नरेट कानपुर नगर ने व्यापक मोर्चा खोल दिया है । उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित महिला सुरक्षा एवं सशक्तीकरण अभियान ‘मिशन शक्ति फेज-5.0’ के अंतर्गत 17 अगस्त 2026 को पूरे शहर में विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया ।
इस अभियान के दौरान कमिश्नरेट के विभिन्न थानों की एंटी-रोमियो टीमों ने अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर महिलाओं, छात्राओं और आम नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित किया ।
स्कूलों से लेकर बाजारों तक एंटी-रोमियो टीमों का पहरा
अभियान के तहत अरौल, हरवंशमोहाल, फीलखाना, चकेरी, जूही और महिला थाना समेत सभी थानों की पुलिस टीमों ने प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया । संदिग्ध व्यक्तियों की जांच करने के साथ-साथ छात्राओं को ‘गुड टच और बैड टच’ के बारे में जागरूक किया गया ।
महिलाओं को संकट के समय तत्काल पुलिस सहायता प्राप्त करने के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों जैसे— 112 (आपातकालीन सेवा), 1090 (वूमेन पावर लाइन), 181 (महिला हेल्पलाइन), 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन), 1076 (मुख्यमंत्री हेल्पलाइन) और 1930 (साइबर हेल्पलाइन) की जानकारी दी गई । इसके अलावा पुलिस की डिजिटल सेवाओं का उपयोग करने के लिए UPCOP ऐप की उपयोगिता भी समझाई गई ।
साइबर फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट से बचाव की दी गई ट्रेनिंग
जूही थाना क्षेत्र के बारा देवी चौराहे पर आयोजित कार्यक्रम में पुलिस की साइबर जागरूकता टीम ने नागरिकों को डिजिटल दुनिया के खतरों से आगाह किया । अधिकारियों ने महिलाओं और बच्चों को ‘डिजिटल अरेस्ट’ (Digital Arrest), सेक्सटॉर्शन, फेक लोन ऐप, साइबर बुलिंग, केवाईसी/एटीएम धोखाधड़ी और फिशिंग जैसे साइबर अपराधों से बचने के उपाय बताए ।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि वे अपनी व्यक्तिगत जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर करने से बचें । यदि कोई साइबर धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर या cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं ।
कल्याणकारी योजनाओं और कानूनी अधिकारों की दी गई जानकारी
फीलखाना और हरवंशमोहाल थाना पुलिस ने महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों जैसे कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से संरक्षण अधिनियम और घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम के प्रावधान समझाए । साथ ही राज्य सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और निराश्रित महिला पेंशन योजना के बारे में जानकारी देकर उन्हें स्वावलंबी बनने के लिए प्रेरित किया गया ।
कानपुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा चलाया गया यह अभियान महिलाओं में सुरक्षा का अहसास कराने और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाने में बेहद प्रभावी साबित हो रहा है । थानों में स्थापित ‘मिशन शक्ति केंद्रों’ के माध्यम से महिलाओं की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा रहा है । पुलिस प्रशासन का यह प्रयास न केवल अपराधों पर लगाम लगाएगा बल्कि महिलाओं को समाज में एक सुरक्षित और भयमुक्त माहौल प्रदान करेगा ।
