- विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य बोले- इतिहास की पीड़ा कटुता के लिए नहीं, देश की एकता और अखंडता मजबूत करने की सीख
भारत 19
प्रयागराज। आजादी की पूर्व संध्या पर देश ने इतिहास के उस दर्द को याद किया, जिसकी टीस लाखों परिवारों के जीवन में आज तक महसूस की जाती है। विभाजन ने लोगों से घर, जमीन और जन्मभूमि छीनी तो हजारों परिवारों ने अपनों को खो दिया। उस पीड़ा को याद करते हुए विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि अतीत की उस त्रासदी को याद करने का मकसद कटुता बढ़ाना नहीं, बल्कि उससे सीख लेकर देश की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता मजबूत करना है।
विभाजन की पीड़ा, आज की राजनीति में एकता का संदेश
विभाजन की त्रासदी को याद करने के साथ देश की एकता का संदेश आज की राजनीतिक भाषा में भी लगातार प्रमुखता से सामने आता रहा है। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ नारा इसी राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बना था। उन्होंने समाज और देश की एकता को राजनीतिक संदेश के केंद्र में रखा था। उप मुख्यमंत्री का संदेश भी विभाजन से सीख लेकर राष्ट्रीय एकता और अखंडता को मजबूत करने पर केंद्रित रहा। उन्होंने कहा कि विभाजन की विभीषिका को स्मरण करना किसी के प्रति कटुता पैदा करना नहीं है। यह उन लोगों के संघर्ष, पीड़ा और त्याग को याद करने का अवसर है, जिन्होंने सब कुछ गंवाने के बाद भी अपने जीवन को फिर खड़ा किया और राष्ट्र निर्माण में योगदान दिया। इससे पूर्व उन्होंने शहीद शिरोमणि चंद्रशेखर आजाद को नमन करके विभाजन की त्रासदी पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विभाजन से प्रभावित विस्थापित परिवारों के सदस्यों को सम्मानित किया।
प्रदर्शनी में दिखी विस्थापन की पूरी कहानी
प्रदर्शनी में विभाजन के समय की परिस्थितियों, विस्थापन की पीड़ा, प्रभावित परिवारों के संघर्ष और पुनर्वास की यात्रा को चित्रों और अभिलेखों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। मौर्य ने कहा कि ऐसी प्रदर्शनियां नई पीढ़ी को इतिहास के इस अध्याय से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने युवाओं से इतिहास को समझने और उससे सीख लेकर राष्ट्र निर्माण में सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया। कहा कि विभाजन में जान गंवाने वालों की पीड़ा और बलिदान भुलाया नहीं जा सकता। 14 अगस्त केवल विभाजन की त्रासदी याद करने का नहीं, बल्कि ये संकल्प लेने का भी दिन है कि देश की एकता, अखंडता, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय सम्मान सर्वोपरि रखा जाएगा। कार्यक्रम में भाजपा महानगर अध्यक्ष संजय गुप्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष निर्मला पासवान, महापौर गणेश केसरवानी, विधायक गुरु प्रसाद मौर्य, विधायक दीपक पटेल, विधान परिषद सदस्य सुरेंद्र चौधरी समेत जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता और नागरिक मौजूद रहे।


