- यूपीयूएमएस सैफई की नई ओपीडी में सेंटर ऑफ हैप्पीनेस की पहल; जादूगर एस. कादिर के मैजिक शो से मरीजों और तीमारदारों के चेहरे खिले, इलाज के इंतजार के बीच सकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश
भारत 19/ इटावा। अस्पताल की ओपीडी में बीमारी, जांच और इलाज को लेकर तनाव के बीच बुधवार को मरीजों को मुस्कान और मनोरंजन की अलग खुराक मिली। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (यूपीयूएमएस), सैफई की नई ओपीडी में सेंटर ऑफ हैप्पीनेस की पहल पर मैजिक शो आयोजित किया गया। जादू के खेल और हास्य से कुछ देर के लिए मरीजों और तीमारदारों का ध्यान बीमारी की चिंता से हटकर मनोरंजन और खुशी की ओर गया।
जादू के खेल से ओपीडी में बदला माहौल
प्रसिद्ध जादूगर एस. कादिर ने एक के बाद एक जादुई प्रस्तुतियां देकर मरीजों और उनके परिजनों का मनोरंजन किया। सामान्य दिनों में बीमारी और इलाज के इंतजार से तनावपूर्ण रहने वाली ओपीडी में कार्यक्रम के दौरान हंसी और मुस्कान का माहौल दिखाई दिया। मैजिक शो का उद्देश्य केवल मनोरंजन करना नहीं था। सेंटर ऑफ हैप्पीनेस की इस पहल के जरिए उपचार के दौरान मरीजों और उनके तीमारदारों के मानसिक तनाव को कम करने और सकारात्मक माहौल उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया।
इलाज के साथ सकारात्मक माहौल भी जरूरी
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) अजय सिंह भी पहुंचे। उन्होंने जादूगर सैयद कादिर की प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि मरीजों की देखभाल केवल बीमारी के उपचार तक सीमित नहीं है। इलाज के साथ मरीजों के लिए सकारात्मक और प्रसन्न वातावरण तैयार करना भी समग्र स्वास्थ्य देखभाल का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने सेंटर ऑफ हैप्पीनेस की पहल को मरीजों की भावनात्मक जरूरतों से जोड़ते हुए कहा कि अस्पताल में उपचार के साथ ऐसा वातावरण तैयार किया जाना चाहिए, जिससे मरीजों को मानसिक रूप से सहज महसूस हो।
अस्पताल से बाहर नहीं, मरीजों के बीच पहुंचा मनोरंजन
इस पहल की खास बात यह रही कि मरीजों को मनोरंजन के लिए अस्पताल से बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ी। इलाज और जांच के इंतजार के समय को तनाव के बजाय कुछ देर खुशी और सहजता में बदलने का प्रयास किया गया। ओपीडी में मौजूद मरीजों और तीमारदारों ने जादू की प्रस्तुतियों का आनंद लिया। कार्यक्रम ने अस्पताल के सामान्य माहौल से अलग एक ऐसा अवसर दिया, जिसमें लोग कुछ समय के लिए बीमारी और उपचार की चिंता से अलग होकर मनोरंजन का हिस्सा बने।
आगे भी होंगी रचनात्मक गतिविधियां
विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक मरीजों की सुविधा और मानसिक प्रसन्नता को ध्यान में रखते हुए भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही रचनात्मक और जनहितकारी गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि अस्पताल में उपचार के साथ मरीजों को बेहतर और सकारात्मक वातावरण मिल सके। कार्यक्रम में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अमित सिंह, कुलानुशासक डॉ. विजय मिश्रा, उपकुलसचिव डॉ. विक्रम राठौर समेत विश्वविद्यालय के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।


