- भाजपा के सभी आठ और सपा के दोनों उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित, मतदान की नौबत नहीं आई, अखिलेश यादव ने तीसरा प्रत्याशी नहीं उतारा, 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले दोनों दलों की रणनीति पर टिकी नजरें
भारत 19/ लखनऊ। उत्तर प्रदेश की दस राज्यसभा सीटों पर चुनावी तस्वीर साफ हो गई है। भाजपा के आठ और समाजवादी पार्टी के दो उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए हैं। सभी सीटों पर उम्मीदवारों की संख्या दस रहने के कारण मतदान नहीं कराना पड़ा। इस चुनाव में भाजपा ने सभी आठ सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे, जबकि सपा ने दो प्रत्याशियों को मैदान में रखा। तीसरी सीट को लेकर बनी राजनीतिक अटकलों के बीच अखिलेश यादव ने अतिरिक्त उम्मीदवार नहीं उतारा।
भाजपा के आठों उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित
भाजपा की ओर से धर्मपाल सिंह, प्रकाश पाल, श्रुति गंगवार, विद्यासागर सोनकर, प्रियंका सिंह रावत, राधाकांत ओझा, गोपी कृष्ण पांडेय और राम प्रताप सिंह चौहान निर्विरोध निर्वाचित हुए। पार्टी ने इस बार राज्यसभा के लिए आठों सीटों पर नए चेहरों को मौका दिया। उम्मीदवारों के चयन में विभिन्न सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश भी दिखाई दी।
सपा से रामगोपाल यादव और धनराज नाथवानी जीते
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रो. रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवानी भी निर्विरोध निर्वाचित हुए। सपा के तीसरा उम्मीदवार उतारने को लेकर चर्चा थी, लेकिन पार्टी ने दो प्रत्याशियों तक ही दावेदारी सीमित रखी। इससे राज्यसभा चुनाव में संभावित मुकाबले और क्रॉस-वोटिंग की अटकलों पर विराम लग गया।
नामांकन खारिज होने के बाद निर्विरोध चुनाव
दस सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया के दौरान दो निर्दलीय उम्मीदवारों के पर्चे भी दाखिल हुए थे। जांच में उनके नामांकन खारिज होने के बाद मैदान में भाजपा के आठ और सपा के दो उम्मीदवार ही बचे। इस तरह सभी दस सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता साफ हो गया।
2027 के चुनाव से पहले सियासी संदेश
राज्यसभा चुनाव का यह परिणाम उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले महत्वपूर्ण है। भाजपा ने आठ सीटें हासिल कीं, जबकि सपा दो सीटों पर निर्विरोध जीत के साथ उच्च सदन में अपना प्रतिनिधित्व बनाए रखने में सफल रही। अब दोनों दलों की नजर विधानसभा चुनाव की तैयारी और सामाजिक समीकरणों पर रहेगी।


