राम मंदिर के कथित चढ़ावा चोरी मामले को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसदों ने बुधवार को संसद भवन के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान डिंपल यादव दानपेटी लेकर पहुंचीं और सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। वहीं लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम से जुड़े संशोधन विधेयक पर दूसरे दिन भी विस्तृत चर्चा हुई।
Delhi/ बुधवार को संसद भवन के बाहर समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसदों ने राम मंदिर के कथित चढ़ावा चोरी मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सपा सांसद डिंपल यादव प्रतीकात्मक रूप से एक दानपेटी लेकर संसद परिसर पहुंचीं। उन्होंने अन्य सांसदों और मीडिया कर्मियों से उसमें धनराशि डालने की अपील की। इसके बाद कई सपा सांसदों ने दानपेटी में पैसे डाले। पार्टी अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव ने भी इसमें योगदान दिया।
प्रदर्शन के दौरान सपा सांसदों ने “चढ़ावा चोर, गद्दी छोड़” जैसे नारे लगाए और मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की।
डिंपल यादव ने सरकार पर उठाए सवाल
प्रदर्शन के दौरान डिंपल यादव ने आरोप लगाया कि राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा चोरी प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार को स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए कि घटना कैसे हुई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी है कि पूरे मामले की पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केवल विशेष जांच दल (SIT) का गठन पर्याप्त नहीं है और जांच प्रभावी होनी चाहिए।
इन आरोपों पर संबंधित सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट होगी।
अखिलेश यादव का बयान
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि यदि धार्मिक आस्था से जुड़े दानपात्र की सुरक्षा पर सवाल उठते हैं, तो यह लोगों की भावनाओं से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि सरकार को पूरे मामले में जवाबदेही तय करनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करनी चाहिए। अयोध्या से सांसद अवधेश प्रसाद ने आरोप लगाया कि मामले में बड़े जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए राजनीतिक टिप्पणी भी की। हालांकि इन बयानों को संबंधित नेताओं के राजनीतिक वक्तव्य के रूप में देखा जा रहा है।
लोकसभा में पेपर लीक संशोधन विधेयक पर दूसरे दिन चर्चा
इधर संसद के भीतर लोकसभा की कार्यवाही की शुरुआत विपक्ष के हंगामे के साथ हुई, जिसके चलते सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी। बाद में सदन में ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पर चर्चा दोबारा शुरू हुई।
यह विधेयक सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक और अन्य अनुचित साधनों पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से लाया गया है।
भाजपा सांसद भोला सिंह ने क्या कहा
भाजपा सांसद डॉ. भोला सिंह ने चर्चा के दौरान कहा कि पेपर लीक केवल परीक्षा प्रक्रिया की समस्या नहीं बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। उनके अनुसार, जब किसी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होता है तो वर्षों की मेहनत प्रभावित होती है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इस समस्या से निपटने के लिए कानून बनाया है और हाल के कुछ मामलों में दोबारा परीक्षा आयोजित कर समय पर परिणाम घोषित करने का प्रयास किया गया।
विपक्ष पर भाजपा का हमला
भोला सिंह ने विपक्ष से सवाल किया कि जब वह लंबे समय तक सत्ता में रहा, तब पेपर लीक और नकल रोकने के लिए व्यापक कानूनी व्यवस्था क्यों नहीं बनाई गई। उन्होंने यह भी कहा कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा प्रणाली में हुए बदलावों से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों को अवसर मिला है।
साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश की पूर्ववर्ती सपा सरकार के कार्यकाल में नकल और भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर भी आरोप लगाए। इन आरोपों पर समाजवादी पार्टी की ओर से अलग दृष्टिकोण सामने आ सकता है।
राम मंदिर के कथित चढ़ावा चोरी मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है, जबकि संसद में पेपर लीक रोकने से जुड़े कानून पर भी गंभीर चर्चा जारी है। दोनों ही मुद्दे आने वाले दिनों में राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा का केंद्र बने रह सकते हैं। मामले से जुड़ी जांच और संसद में विधेयक की आगे की प्रक्रिया पर सभी की नजर रहेगी।


