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मानसून की दस्तक को कमजोर कर रहा “अल नीनो”

रिपोर्ट: विक्सन सिकरोडिया | भारत 19 न्यूज़ | कानपुर

-इस प्राकृतिक घटना के कारण इटावा में जून व जुलाई माह में औसत से कम हुई बारिश
-कानपुर में अच्छी बारिश के बाद भी ‘अल नीनो‘ का रहा असर, कई स्थानों पर नहीं गिरी बूंदें

Kanpur- बारिश के इंतजार में आसमान की ओर टकटकी लगाकर देखने वाली सूनी आंखें की उम्मीद अब टूटने लगी है। इन सूनी आंखों को देखकर फिल्म लगान का गीत “काले मेघा काले मेघा पानी तो बरसाओ, बिजली की तलवार नहीं बूंदों के बाण चलाओ”……. गीत याद आने लगा है। उमस भरी गर्मी से बेहाल आम आदमी से लेकर धान की फसल को लेकर चिंतित किसान तक बारिश होने की राह देख रहे हैं। दरअसल इस साल एक ऐसी प्राकृतिक घटना हुई है जिसने कानपुर, इटावा, औरैया व कन्नौज समेत मध्य उत्तर प्रदेश में मानसून को कच्चा कर दिया है। हम बात कर रहे हैं प्रशांत महासागर में होने वाली प्राकृतिक जलवायु घटना ‘एल नीनो‘ की। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक प्रो. नौशाद खान बताते हैं कि इस घटना के कारण समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से अधिक गर्म हो जाता है और वैश्विक चक्र बदल जाता है। इस साल मानसून में ऐसा ही हुआ है जिसके चलते बारिश कम हुई है।
जिन स्थानों पर बारिश अच्छी हुई है वहां पर भी इसका असर देखा जा सकता है। इटावा में ‘अल नीनो‘ के कारण यहां पर औसत से कम बारिश दर्ज की गई है। जून माह में यहां पर औसत बारिश 73.4 मिलीमीटर है जबकि इसके सापेक्ष महज 47.9 मिमी बारिश ही हुई है। वहीं जुलाई माह में औसत बारिश 261.8 मिमी हुआ करती है जबकि इस बार 212.8 मिमी बारिश हुई है।


इटावा में दस दिन में हुई बारिश:

20 जुलाई 42.0
21 जुलाई 0.0
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23 जुलाई 27.0
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28 जुलाई 0.0
29 जुलाई 24.0


कानपुर भी इस प्राकृतिक घटना से अछूता नहीं

कानपुर में जून से लेकर जुलाई माह तक की औसत से अधिक बारिश जरूर हुई है लेकिन ‘अल नीनो‘ के कारण कई स्थान ऐसे भी रहे जिनमें वहां के नागरिकों को बूंदाबांदी से ही संतोष करना पड़ा। सीएसए के मौसम वैज्ञानिक प्रो. नौशाद खान ने बताया कि इस प्राकृतिक घटना के कारण मध्य और पूर्वी प्रशांत महासागर का जल 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गर्म हो जाता है। इससे दक्षिण-पश्चिमी मानसून कमजोर हो सकता है, जिससे कई बार सामान्य से कम बारिश और सूखे जैसे हालात बन सकते हैं।

हालांकि कानपुर में जून और जुलाई के दौरान औसत से अधिक वर्षा दर्ज की गई, लेकिन एल नीनो के प्रभाव से शहर और आसपास के कई क्षेत्रों में बारिश का वितरण असमान रहा। इस बीच मौसम विशेषज्ञ डॉ. एस.एन. सुनील पांडेय ने बताया कि वातावरण में नमी बढ़ने और नई मौसमी प्रणालियों के सक्रिय होने से 3 अगस्त तक कानपुर मंडल में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है। इससे लोगों को उमस से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

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