- प्रस्तावित 10 में से नौ ट्रेन पहुंचीं, डिपो वर्कशॉप 99 प्रतिशत हो चुका है तैयार
भारत 19 कानपुर। कानपुर मेट्रो के सीएसए से बर्रा-आठ तक प्रस्तावित दूसरे कारिडोर के लिए गुरुवार को नौवीं मेट्रो ट्रेन पहुंच गई। ट्रेन को सीएसए स्थित निर्माणाधीन मेट्रो डिपो में उतारा गया। कारिडोर-2 पर 10 मेट्रो ट्रेन चलाने की योजना है। अब प्रस्तावित बेड़े की सिर्फ एक ट्रेन का इंतजार है।
गुजरात के सावली स्थित मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में मेक इन इंडिया की परिकल्पना के तहत इन मेट्रो ट्रेनों का निर्माण किया जा रहा है। पिछले वर्ष नवंबर में पहली ट्रेन के पहुंचने के बाद से अब तक प्रस्तावित 10 में से नौ ट्रेन कानपुर पहुंच चुकी हैं। कानपुर मेट्रो की प्रत्येक ट्रेन में तीन कोच होते हैं। करीब 40 टन वजनी इन अत्याधुनिक कोचों को विशेष क्रेन की सहायता से सीएसए डिपो के भीतर कोच अनलोडिंग ट्रैक पर उतारा गया। ट्रेनों के लगातार पहुंचने के साथ ही कॉरिडोर-2 के परिचालन की तैयारियों को भी गति मिल रही है।
कारिडोर-2 की ट्रेनों के लिए तेजी से तैयार हो रहा डिपो
कारिडोर-2 की मेट्रो ट्रेनों के रखरखाव और प्रबंधन के लिए सीएसए विश्वविद्यालय परिसर में डिपो का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। डिपो की वर्कशॉप लगभग 99 प्रतिशत तैयार हो चुकी है। वर्कशाप की छत के लिए करीब 15 मीटर ऊंचे, 153 मीटर लंबे और 33 मीटर चौड़े क्षेत्र को कवर करने वाला पर्यावरण के अनुकूल प्री-इंजीनियर्ड बिल्डिंग स्ट्रक्चर लगाया जा चुका है। वर्कशाप को इस तरह डिजाइन किया गया है कि दिन के समय प्राकृतिक रोशनी पर्याप्त मात्रा में अंदर पहुंच सके। इससे कृत्रिम रोशनी पर निर्भरता कम होने के साथ बिजली की खपत में भी कमी आएगी।
यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने बताया कि कॉरिडोर-एक के लिए सभी 29 मेट्रो ट्रेनों की डिलीवरी पूरी हो चुकी है। वहीं, कारिडोर-2 के लिए प्रस्तावित 10 में से नौ ट्रेन अब कानपुर पहुंच चुकी हैं। कारिडोर-2 के लिए ट्रेनों और डिपो की तैयारियां साथ-साथ आगे बढ़ने से शहर में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार की प्रक्रिया को भी रफ्तार मिल रही है।

