- वन, पुलिस और रेलवे के अधिकारी लाइव एक्सरसाइज व मूट कोर्ट से सीखेंगे कार्रवाई की बारीकियां
भारत 19 कानपुर। कानपुर में वन्यजीव अपराध की रोकथाम और तस्करी पर प्रभावी कार्रवाई के लिए वन विभाग, पुलिस और रेलवे के अधिकारियों व फील्ड कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। 21 अगस्त को वानिकी प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित होने वाले इस क्षमता निर्माण कार्यक्रम में वन्यजीव अपराध की सूचना मिलने से लेकर मौके पर कार्रवाई, साक्ष्य संकलन और कानूनी प्रक्रिया तक की व्यावहारिक बारीकियां समझाई जाएंगी।
वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (डब्ल्यूसीसीबी) और वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (डब्ल्यूआईआई) के सहयोग से आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य वन्यजीव अपराध के मामलों में अलग-अलग एजेंसियों के बीच समन्वय मजबूत करना है। वन विभाग, कानपुर मंडल की ओर से आयोजित कार्यशाला में विशेषज्ञ अधिकारियों और फील्ड कर्मचारियों को अवैध शिकार, वन्यजीव तस्करी और अन्य अपराधों से निपटने के तरीकों की जानकारी देंगे। इस प्रशिक्षण की खासियत इसका व्यावहारिक स्वरूप होगा। प्रतिभागियों को केवल कानून और प्रक्रियाओं की जानकारी देने के बजाय लाइव एक्सरसाइज और मूट कोर्ट के माध्यम से ऐसी परिस्थितियों से रूबरू कराया जाएगा, जिनका सामना वन्यजीव अपराध के मामलों में कार्रवाई के दौरान हो सकता है।
रेलवे नेटवर्क और कछुआ तस्करी पर भी रहेगा फोकस
उत्तर प्रदेश समेत उत्तर भारत में संरक्षित कछुओं और उनसे जुड़े वन्यजीव उत्पादों की तस्करी के लिए रेलवे नेटवर्क के इस्तेमाल के मामले बार-बार सामने आते रहे हैं। इसी वजह से इस प्रशिक्षण में रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कछुओं की अवैध तस्करी में उनकी पहचान, संदिग्ध खेप का पता लगाना और बरामदगी के बाद वन विभाग, पुलिस तथा अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच त्वरित समन्वय कार्रवाई की दिशा तय करता है। ऐसे मामलों में रेलवे नेटवर्क से जुड़ी सूचना और कार्रवाई की कड़ी को मजबूत करने के लिए संयुक्त प्रशिक्षण महत्वपूर्ण होगा।
मौके की कार्रवाई से कानूनी प्रक्रिया तक होगा प्रशिक्षण
वन्यजीव अपराध के मामलों में शुरुआती कार्रवाई, साक्ष्य संकलन, दस्तावेजीकरण और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय महत्वपूर्ण होता है। इसी कड़ी में प्रतिभागियों को मौके पर कार्रवाई के साथ मामले को कानूनी प्रक्रिया तक प्रभावी ढंग से ले जाने की बारीकियां समझाई जाएंगी। कार्यशाला में कानपुर मंडल के सभी वन प्रभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों के अलावा पुलिस एवं रेलवे विभाग के अधिकारी भी हिस्सा लेंगे। वन्यजीव अपराध की दृष्टि से संवेदनशील कानपुर और आसपास के क्षेत्रों में तैनात क्षेत्रीय वन अधिकारियों तथा फील्ड स्टाफ को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
तीन विभागों के बीच समन्वय पर रहेगा जोर
वन्यजीव अपराध और तस्करी के मामलों में कई बार वन विभाग के साथ पुलिस और रेलवे की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो जाती है। ऐसे मामलों में सूचना के त्वरित आदान-प्रदान और संयुक्त कार्रवाई की क्षमता बढ़ाने के लिए तीनों विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को एक मंच पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कार्यशाला के मुख्य अतिथि अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं निदेशक, प्रोजेक्ट टाइगर, उत्तर प्रदेश राम कुमार होंगे। मुख्य वन संरक्षक, कानपुर मंडल एनके जानू कार्यशाला की अध्यक्षता करेंगे।
वानिकी प्रशिक्षण संस्थान के निदेशक संजीव कुमार, कानपुर प्राणी उद्यान के निदेशक कन्हैया पटेल और मुख्य वन संरक्षक, झांसी मंडल एचवी गिरीश भी मौजूद रहेंगे। इसके अलावा कानपुर मंडल के समस्त प्रभागीय वनाधिकारी, निदेशक तथा उन्नाव के उप वनाधिकारी भी कार्यशाला में प्रतिभाग करेंगे।
