- राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेताओं से संवाद में मोबाइल की आदत कम करने, खेल-रचनात्मक गतिविधियों और नशे से बचाव पर दिया जोर; यूपी के तीन शिक्षक भी सम्मानित
भारत 19
नई दिल्ली। बच्चों के बढ़ते स्क्रीन टाइम पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चिंता जताई है। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के विजेता शिक्षकों से मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री ने शिक्षकों से विद्यार्थियों को मोबाइल और डिजिटल स्क्रीन के अत्यधिक इस्तेमाल से बचाने तथा उन्हें खेल और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने की सलाह दी। उन्होंने बच्चों को नशे से दूर रखने और उनके समग्र व्यक्तित्व विकास में शिक्षकों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। प्रधानमंत्री ने शिक्षकों से कहा कि उनकी जिम्मेदारी सिर्फ पाठ्यक्रम पूरा कराने तक सीमित नहीं है। बच्चों की रुचि, व्यवहार और प्रतिभा को समझकर उन्हें सही दिशा देना भी शिक्षक की भूमिका का अहम हिस्सा है। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने और पढ़ाई के साथ उनकी दिनचर्या में खेल व रचनात्मक गतिविधियों को शामिल करने पर जोर दिया।
मोबाइल से आगे बच्चों को खेल से जोड़ने पर जोर
मोदी ने बच्चों के अत्यधिक स्क्रीन इस्तेमाल को उनकी बदलती जीवनशैली से जोड़ते हुए शिक्षकों को इस दिशा में जागरूकता पैदा करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि तकनीक शिक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम है, लेकिन इसका इस्तेमाल संतुलित होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने शिक्षकों से बच्चों को मोबाइल और डिजिटल माध्यमों में जरूरत से ज्यादा समय बिताने के बजाय खेल, कला, रचनात्मक गतिविधियों और सामाजिक सहभागिता से जोड़ने के प्रयास करने को कहा। इससे बच्चों के शारीरिक विकास के साथ उनकी रचनात्मकता और सामाजिक कौशल को भी बढ़ावा मिल सकता है।
नशे के खिलाफ जागरूकता में शिक्षक बनें प्रहरी
प्रधानमंत्री ने विद्यार्थियों को नशे के खतरे से बचाने पर भी जोर दिया। उन्होंने शिक्षकों से स्कूलों में बच्चों को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने की अपील की। मोदी ने शिक्षकों की उस भूमिका को रेखांकित किया जिसमें वे विद्यार्थियों के साथ लगातार संपर्क में रहते हैं और उनके व्यवहार में आने वाले बदलावों को शुरुआती स्तर पर पहचान सकते हैं। ऐसे में स्कूल केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों को गलत आदतों से बचाने और स्वस्थ जीवनशैली विकसित करने का माध्यम भी बन सकता है।
बच्चों की रुचि और प्रतिभा पहचानें शिक्षक
प्रधानमंत्री ने कहा कि हर बच्चे की क्षमता और सीखने का तरीका अलग होता है। ऐसे में शिक्षकों को केवल परीक्षा और अंकों के आधार पर विद्यार्थियों की प्रतिभा को नहीं आंकना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों की जिज्ञासा और रुचियों को पहचानकर उन्हें उसी दिशा में आगे बढ़ाने का वातावरण तैयार करने को कहा। शिक्षा में तकनीक और आधुनिक साधनों के इस्तेमाल के साथ शिक्षक-विद्यार्थी के मानवीय संवाद को भी जरूरी बताया गया।
पुरस्कार विजेताओं ने साझा किए शिक्षण के प्रयोग
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 से सम्मानित शिक्षकों ने प्रधानमंत्री के साथ अपने शिक्षण अनुभव साझा किए। शिक्षकों ने कक्षा में तकनीक, स्थानीय संसाधनों और नए शिक्षण तरीकों के इस्तेमाल से विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई को सरल और रोचक बनाने के अपने प्रयोगों की जानकारी दी। प्रधानमंत्री ने शिक्षकों के नवाचार और समर्पण की सराहना की। उन्होंने ऐसे प्रयोगों को दूसरे शिक्षकों तक पहुंचाने की जरूरत पर भी जोर दिया, ताकि उनके अनुभवों का लाभ अधिक विद्यार्थियों को मिल सके।
यूपी के तीन शिक्षकों को राष्ट्रीय सम्मान
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 में उत्तर प्रदेश के तीन शिक्षक शामिल हैं। इनमें गाजियाबाद की डॉ. रेनू त्रिपाठी, बलिया के डॉ. इफ्तिखार खान और कौशांबी की शालिनी कुशवाहा शामिल हैं। डॉ. रेनू त्रिपाठी राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, विजय नगर, गाजियाबाद में विज्ञान शिक्षिका हैं। 63 वर्ष की उम्र में भी वह शिक्षा में लगातार नए प्रयोग कर रही हैं। यूट्यूब, शैक्षिक मॉडल और फील्ड विजिट के माध्यम से वह विद्यार्थियों के लिए विज्ञान को आसान और रोचक बनाती हैं। शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के साथ उन्होंने 12 पुस्तकें भी लिखी हैं।
डॉ. इफ्तिखार खान राजकीय इंटर कॉलेज, बलिया में शिक्षक हैं। शिक्षा के क्षेत्र में उनके रचनात्मक प्रयोगों और विद्यार्थियों की सीखने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने के प्रयासों के लिए उनका चयन राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए किया गया है। शालिनी कुशवाहा कौशांबी के कंपोजिट स्कूल, रसूलाबाद (कोइलाहा) में शिक्षिका हैं। ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों की बुनियादी शिक्षा मजबूत करने के लिए उन्होंने नए और प्रभावी शिक्षण तरीकों को अपनाया। सीमित संसाधनों वाले क्षेत्र में बच्चों को बेहतर सीखने के अवसर उपलब्ध कराने के उनके प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।
बिहार, एमपी समेत कई राज्यों के शिक्षक सम्मानित
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 की सूची में बिहार और मध्य प्रदेश के दो-दो शिक्षक शामिल हैं। दिल्ली से सुमन गोयल, सिक्किम से सुषमा तामांग, अंडमान और निकोबार से जे. प्रकाश राव, आंध्र प्रदेश से राजेश कौलुरी, अरुणाचल प्रदेश से याकू टेम, असम से राजेश बोरदोलोई, हरियाणा से अनिल कौशिक, हिमाचल प्रदेश से मंजरी वी. महाजन, जम्मू-कश्मीर से मोहम्मद अयाज रैना, गोवा से महादेव हनमंत शिंदे और गुजरात से नितिन कुमार महेंद्रकुमार पाठक को भी राष्ट्रीय सम्मान के लिए चुना गया है। नवोदय विद्यालय समिति के तहत महाराष्ट्र के लातूर के गणित शिक्षक वैभव वसंतराव कुलकर्णी को भी राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। तीन दशक से अधिक समय से शिक्षण से जुड़े कुलकर्णी ने गणित को विद्यार्थियों के लिए आसान बनाने के लिए कई नवाचार किए हैं।
आज राष्ट्रपति करेंगी शिक्षकों को सम्मानित
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 का मुख्य समारोह 5 सितंबर को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित किया जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू चयनित शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्रदान करेंगी। प्रधानमंत्री के साथ हुई मुलाकात में इस बार शिक्षा के पारंपरिक दायरे से आगे बढ़कर बच्चों की डिजिटल आदत, खेल, रचनात्मकता, नशे से बचाव और व्यक्तित्व विकास पर जोर रहा। यानी शिक्षक की भूमिका केवल कक्षा और किताब तक सीमित न रहकर बच्चों की पूरी जीवनशैली और भविष्य को दिशा देने से जुड़ती दिखाई दी।


