- दबौली वार्ड-72 में विकास और स्ट्रीट लाइट की अनदेखी का आरोप, तीन साल से शिकायतों का निस्तारण न होने पर महापौर से कार्रवाई की मांग
Bharat 19 / कानपुर। नगर निगम में विकास कार्यों और पार्षदों की शिकायतों के निस्तारण को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब दबौली वार्ड-72 की भाजपा पार्षद वंदना शर्मा ने अपने वार्ड में विकास कार्य न होने और स्ट्रीट लाइट की समस्या का समाधान न किए जाने पर इस्तीफे का ऐलान कर दिया है। उन्होंने नगर निगम के चीफ इंजीनियर पर समस्याओं की अनदेखी और स्ट्रीट लाइट के निस्तारण में भेदभाव का आरोप लगाया है। पार्षद वंदना शर्मा ने गुरुवार को कहा कि वह पिछले तीन वर्षों से लगातार वार्ड की समस्याओं को नगर निगम अधिकारियों के सामने उठा रही हैं, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि शिकायतों के बावजूद कई इलाकों में स्ट्रीट लाइट की समस्या बनी हुई है। शाम होते ही वार्ड के कई हिस्से अंधेरे में डूब जाते हैं, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने नगर निगम कर्मचारियों पर भी मनमानी का आरोप लगाया। पार्षद का कहना है कि शिकायत करने के बावजूद उनके वार्ड में विकास कार्यों और स्ट्रीट लाइट से जुड़े मामलों के निस्तारण में पक्षपात किया जा रहा है। इससे वह लगातार अधिकारियों के समक्ष अपनी नाराजगी दर्ज करा रही हैं। वंदना शर्मा ने महापौर प्रमिला पांडेय से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान कराने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि स्ट्रीट लाइट समेत वार्ड की मूलभूत समस्याओं का जल्द निस्तारण नहीं हुआ तो वह अपना त्यागपत्र महापौर को सौंप देंगी।
पहले भी सामने आ चुका है पार्षदों का असंतोष
नगर निगम में पार्षदों और अधिकारियों के बीच तनातनी का यह पहला मामला नहीं है। हाल में विकास कार्यों से जुड़े मुद्दे को लेकर कई पार्षद नगर आयुक्त से मिलने पहुंचे थे। मुलाकात का समय नहीं मिलने पर पार्षद नगर आयुक्त के कक्ष के बाहर धरने पर बैठ गए थे। इससे पहले कुछ भाजपा विधायकों ने भी वार्डों में विकास कार्यों में भेदभाव का आरोप लगाते हुए मेयर पुत्र के खिलाफ मोर्चा खोला था और जलभराव समेत शहर की समस्याओं को लेकर नगर विकास मंत्री से मुलाकात की थी। अब भाजपा पार्षद वंदना शर्मा के इस्तीफे के ऐलान ने नगर निगम की कार्यप्रणाली को लेकर चल रहे असंतोष को फिर सामने ला दिया है।


