- पनकी से दादानगर और इस्पातनगर तक जलभराव का असर; कच्चा माल, पैकिंग सामग्री और मशीनें पानी में आईं, पांच हजार से अधिक इकाइयों का काम प्रभावित
भारत 19
कानपुर। दो दिन की लगातार बारिश ने कानपुर के औद्योगिक कारोबार को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। पनकी साइट-4, इस्पातनगर और दादानगर में जलभराव इतना बढ़ा कि पानी औद्योगिक इकाइयों के अंदर तक पहुंच गया। कहीं कच्चा माल भीग गया तो कहीं पैकिंग के लिए रखा गत्ता और कोरोगेटेड बॉक्स खराब हो गए। कई इकाइयों में पानी मशीनों तक पहुंचने से उत्पादन रोकना पड़ा। सड़कों पर पानी भरने से ट्रकों की आवाजाही भी प्रभावित हुई और कच्चे माल से लेकर तैयार माल की आपूर्ति व्यवस्था भी बाधित हुई।
पनकी साइट-4 में सबसे ज्यादा जलभराव
पनकी साइट-4 में बारिश का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला। कई इकाइयों में पानी भरने के बाद कर्मचारियों को कच्चे माल और दूसरी सामग्री को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। वेल्डिंग रॉड बनाने वाली कई इकाइयों में कार्बाइड के ड्रम, कोरोगेटेड बॉक्स और हजारों गत्ते पानी की चपेट में आ गए। वेल्डिंग रॉड में इस्तेमाल होने वाले काल्साइट, माइका, क्वार्ट्ज और रूटाइल जैसे खनिज भी जलभराव से प्रभावित हुए। उद्यमी मोहित चावला के मुताबिक जलभराव के साथ बिजली कटौती ने भी परेशानी बढ़ाई। बारिश के दौरान सुरक्षा के लिए कई बार बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ी, जिससे मशीनों का संचालन लगातार नहीं हो सका। उद्यमियों के मुताबिक कई औद्योगिक इकाइयों के बाहर बने नाले बारिश के पानी का दबाव नहीं संभाल सके। नाले ओवरफ्लो होने के बाद पानी इकाइयों के भीतर पहुंच गया और वहां रखा काफी माल प्रभावित हुआ।
इस्पातनगर में भीगा कच्चा माल, थमी मशीनें
इस्पातनगर में लोहे का कच्चा माल बारिश के पानी की चपेट में आ गया। उद्यमियों के मुताबिक इस माल को मशीनों में इस्तेमाल करने से पहले पूरी तरह सुखाना पड़ेगा। लघु उद्योग भारती के प्रदेश सचिव और नट-बोल्ट उद्यमी अमन घई के मुताबिक बारिश से लाखों रुपये का कच्चा माल प्रभावित हुआ है। फार्मास्युटिकल इकाइयों में भी पानी मशीनों तक पहुंचने से काम रोकना पड़ा। जलभराव के कारण इकाइयों में पहुंचे ऑडिटर और अन्य कर्मचारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
दादानगर में होजरी और पैकिंग सामग्री भीगी
दादानगर औद्योगिक क्षेत्र में भी जलभराव से कई इकाइयां प्रभावित हुईं। यहां पैकिंग के लिए रखा कोरोगेटेड बॉक्स, कागज, गत्ता और दूसरी सामग्री पानी की चपेट में आ गई। नमी के कारण पैकिंग सामग्री खराब होने का खतरा बढ़ गया है। निटवियर इकाई में हाल ही में आया होजरी का कच्चा माल भी भीग गया, जिससे उसके खराब होने की आशंका है।
पानी में फंसे ट्रक, माल की आवाजाही प्रभावित
बारिश के दौरान औद्योगिक क्षेत्रों की सड़कों पर पानी भरने से ट्रकों की आवाजाही भी प्रभावित हुई। तैयार माल उठाने और कच्चा माल लेकर पहुंचने वाले कई वाहन जलभराव के कारण इकाइयों तक नहीं पहुंच सके। इसका असर लोडिंग-अनलोडिंग पर पड़ा। उद्यमियों के मुताबिक कुछ घंटों के जलभराव ने केवल उत्पादन ही नहीं रोका, बल्कि उद्योगों की आपूर्ति श्रृंखला को भी प्रभावित किया।
पांच हजार से ज्यादा इकाइयों पर बारिश का असर
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष आलोक अग्रवाल के मुताबिक पनकी, दादानगर, फजलगंज और इस्पातनगर के औद्योगिक क्षेत्रों में जलभराव से उद्यमियों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। इन औद्योगिक क्षेत्रों में पांच हजार से अधिक औद्योगिक इकाइयां हैं। लगातार दो दिन हुई बारिश से इन क्षेत्रों में उत्पादन, कच्चे माल और तैयार माल की आवाजाही प्रभावित हुई। उद्यमियों का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्रों में जलनिकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण तेज बारिश के दौरान यह समस्या बार-बार सामने आती है।
जलनिकासी की कमी बनी उद्योगों के लिए बड़ी समस्या
बारिश के बाद औद्योगिक क्षेत्रों में जलनिकासी व्यवस्था की कमी एक बार फिर सामने आई है। नालों की क्षमता से अधिक पानी आने पर उसके औद्योगिक इकाइयों में पहुंचने से कच्चे माल से लेकर मशीनों और तैयार माल तक नुकसान का खतरा बढ़ गया। अब बारिश थमने के बाद उद्यमियों के सामने प्रभावित माल को सुरक्षित करने, मशीनों को दोबारा चालू करने और उत्पादन तथा आपूर्ति व्यवस्था को सामान्य करने की चुनौती है।


