- नोएडा इंटरनेशनल ट्रेड शो में छह देशों से व्यापारिक समझौते; श्रीअन्न, गुड़, शहद और आम के गूदे की विदेशी मांग सामने आई
भारत 19
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की दिशा में नोएडा इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में अहम कारोबारी पहल सामने आई है। प्रदेश के खाद्य प्रसंस्करण उद्यमियों ने जापान, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप, ताइवान, वियतनाम और क्यूबा से जुड़े कारोबारियों के साथ व्यापारिक समझौते किए हैं। इनमें गुड़, चीनी, बेकरी उत्पाद, श्रीअन्न, शहद और अन्य मूल्यवर्धित खाद्य उत्पाद शामिल हैं। उत्तर प्रदेश मंडप में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) और उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 (यूपीएफपीपी-2023) के तहत लाभान्वित उद्यमियों के करीब 50 स्टॉल लगाए गए हैं। ट्रेड शो में विदेशी खरीदारों, आयातकों और वितरकों के साथ बी2बी बैठकें और क्रेता-विक्रेता संवाद भी हो रहे हैं।
छह देशों से हुए खाद्य कारोबार के समझौते
खाद्य एवं प्रसंस्करण विभाग के मुताबिक ट्रेड शो के दौरान प्रदेश की कई खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के विदेशी कारोबारियों के साथ समझौते हुए हैं। मेरठ की किसान मल्टीपर्पज प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड का एस्टोनिया की एवीटेरा के साथ गुड़ और चीनी उत्पादों को लेकर समझौता हुआ है। इसी इकाई के जापान के साथ बेकरी और गुड़ उत्पादों से संबंधित व्यापारिक समझौते का भी उल्लेख किया गया है। बिजनौर की भगवती गुड़ उद्योग ने ताइवान की इंडिया शॉप के साथ करीब 1,000 अमेरिकी डॉलर का समझौता किया है। लखनऊ की जैंक्रिकेशन एलएलपी ने ऑस्ट्रेलिया की हरिओम फूड प्राइवेट लिमिटेड के साथ करीब 5,000 अमेरिकी डॉलर का व्यापारिक समझौता किया। वहीं गाजियाबाद की बेसिक आयुर्वेदा लिमिटेड ने यूरोप की केपीएम ग्रुप के साथ करीब 1,000 अमेरिकी डॉलर के समझौते का विवरण दिया है। मेरठ की अनुभी एंटरप्राइजेज का वियतनाम की ए. तुआन खान्ह ज्वाइंट स्टॉक कंपनी और गोरखपुर की अमृत एग्रो फूड प्रोडक्ट्स का क्यूबा की व्यापारिक संस्था के साथ समझौता हुआ है।
श्रीअन्न और शहद के लिए भी विदेशी बाजार
ट्रेड शो में श्रीअन्न आधारित उत्पादों के लिए भी अंतरराष्ट्रीय बाजार तलाशे जा रहे हैं। कोमलिका एफपीसी ने रोमानिया और वियतनाम के साथ श्रीअन्न उत्पादों को लेकर समझौता ज्ञापन किया है। अनुभी एंटरप्राइजेज ने वियतनाम के साथ और अमृत एग्रो फूड प्रोडक्ट्स ने शहद के निर्यात के संबंध में भी व्यापारिक समझौते किए हैं। इससे श्रीअन्न, शहद, गुड़ और दूसरे मूल्यवर्धित खाद्य उत्पादों के लिए विदेशी बाजारों में कारोबार बढ़ाने की संभावनाएं बनी हैं।
विदेशी खरीदार को पसंद आया यूपी का आम
ट्रेड शो के फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशंस (एफआईईओ) डेस्क पर बीएमएस एफपीओ के आम के गूदे की मांग सामने आई है। विदेशी खरीदार की इस रुचि को प्रदेश के आम आधारित प्रसंस्कृत उत्पादों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में संभावित अवसर के तौर पर देखा जा रहा है। आम की कच्ची उपज के बजाय उसके गूदे जैसे मूल्यवर्धित उत्पादों को विदेशी बाजार तक पहुंचाने से किसानों और प्रसंस्करण इकाइयों के लिए अतिरिक्त कारोबारी अवसर बनने की संभावना है।
बी2बी बैठकों से सीधे खरीदारों तक पहुंच
इंटरनेशनल ट्रेड शो में पीएमएफएमई और यूपीएफपीपी-2023 से जुड़े उद्यमियों को विदेशी खरीदारों, आयातकों, वितरकों और व्यापारिक संस्थाओं से जोड़ने के लिए बी2बी बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इन बैठकों में उद्यमियों को अपने उत्पादों की जानकारी संभावित खरीदारों तक सीधे पहुंचाने का अवसर मिल रहा है। इससे नए बाजारों की पहचान और निर्यात कारोबार के लिए संपर्क विकसित करने की संभावना बढ़ रही है।
मौर्य बोले, दुनिया के बाजार खुल रहे
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति और वैश्विक स्तर पर भारत की मजबूत होती आर्थिक पहचान का लाभ उत्तर प्रदेश के किसानों, उद्यमियों और व्यापारियों को मिल रहा है। मौर्य के मुताबिक विभिन्न देशों के साथ बढ़ते व्यापारिक संबंधों ने प्रदेश के स्थानीय उत्पादों के लिए वैश्विक बाजार के नए रास्ते खोले हैं। उन्होंने इंटरनेशनल ट्रेड शो को बदलते भारत और उत्तर प्रदेश की तस्वीर बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने सुरक्षा, सुशासन और कारोबार के लिए सुविधाजनक माहौल को प्राथमिकता दी है। सरकार की नीति उद्यमियों को सुरक्षा, निवेश को सुविधा और व्यापार को प्रोत्साहन देने पर केंद्रित है।
किसानों और एफपीओ के लिए बढ़े निर्यात अवसर
नोएडा इंटरनेशनल ट्रेड शो में हुए समझौतों और विदेशी खरीदारों की रुचि से किसानों, एफपीओ, एफपीसी, स्वयं सहायता समूहों और खाद्य प्रसंस्करण उद्यमियों के लिए बाजार विस्तार की संभावनाएं बनी हैं। खास तौर पर श्रीअन्न, गुड़, शहद और आम के गूदे जैसे उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की दिशा में कारोबारी संपर्क विकसित हुए हैं। इन संपर्कों से आगे नियमित निर्यात सौदे होते हैं तो प्रदेश की कृषि उपज के मूल्य संवर्धन और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को विस्तार मिल सकता है।


