– 25.95 करोड़ से 18 महीने में विकसित होगा गंगा किनारे हरित परिसर, अटल घाट-बोट क्लब के साथ पर्यटन को मिलेगा नया विस्तार
Bharat 19/ कानपुर। गंगा बैराज, अटल घाट और बोट क्लब के आसपास का इलाका आने वाले समय में कानपुर के सबसे खूबसूरत घूमने वाले स्थानों में शामिल हो सकता है। बोट क्लब के पास स्थित बॉटनिकल गार्डन का विकास होने के बाद यहां गंगा की खूबसूरती, हरियाली, सैर-सपाटा और मनोरंजन का ऐसा संगम तैयार होने की उम्मीद है, जो शहरवासियों के साथ बाहर से आने वाले लोगों को भी आकर्षित करेगा। कानपुर विकास प्राधिकरण ने बॉटनिकल गार्डन को करीब 26 करोड़ से 18 महीने में विकसित किया जाएगा। वर्षों से अटकी इस परियोजना के दोबारा आगे बढ़ने से गंगा बैराज क्षेत्र के कायाकल्प की उम्मीद भी मजबूत हुई है।
गंगा किनारे मिलेगा सुकून का नया ठिकाना
कानपुर जैसे बड़े शहर में परिवार के साथ कुछ घंटे प्रकृति के बीच बिताने के लिए सीमित विकल्प हैं। बॉटनिकल गार्डन का व्यवस्थित विकास इस कमी को काफी हद तक पूरा कर सकता है। यहां आने वाले लोगों को हरियाली के बीच घूमने, बैठने और प्रकृति को करीब से देखने का अवसर मिल सकेगा। कल्पना कीजिए, सुबह गंगा किनारे सैर करते लोग, चारों तरफ हरियाली, परिवार के साथ घूमते बच्चे और शाम को गंगा बैराज से दिखाई देता खूबसूरत नजारा। यही तस्वीर इस परियोजना को सिर्फ एक पार्क से आगे शहर के नए सार्वजनिक आकर्षण में बदल सकती है।

अटल घाट और बोट क्लब से जुड़ेगा नया आकर्षण
बॉटनिकल गार्डन की सबसे बड़ी खासियत इसकी लोकेशन है। एक तरफ गंगा बैराज और अटल घाट हैं तो दूसरी ओर बोट क्लब। इन प्रमुख स्थलों के बीच बॉटनिकल गार्डन विकसित होने से पूरा क्षेत्र एक-दूसरे से जुड़ा पर्यटन और मनोरंजन क्षेत्र बन सकता है। भविष्य में यदि यहां पैदल आवागमन, पार्किंग, प्रकाश व्यवस्था और अन्य नागरिक सुविधाओं को बेहतर तरीके से विकसित किया जाता है तो लोग एक ही यात्रा में अटल घाट, बोट क्लब और बॉटनिकल गार्डन का आनंद ले सकेंगे।
कानपुर के पर्यटन को मिलेगा नया ठिकाना
कानपुर की पहचान औद्योगिक शहर के रूप में रही है, लेकिन गंगा किनारे विकसित हो रहे नए स्थलों से शहर का पर्यटन स्वरूप भी बदल रहा है। बॉटनिकल गार्डन इस बदलाव को नई दिशा दे सकता है। शहर के बाहर से आने वाले लोगों के लिए गंगा बैराज क्षेत्र में एक साथ नदी का दृश्य, घाट, बोट क्लब और हरित परिसर उपलब्ध होना आकर्षण बढ़ाएगा। इससे आसपास के खानपान, छोटे कारोबार और स्थानीय गतिविधियों को भी भविष्य में लाभ मिलने की संभावना है।
पर्यावरणीय अड़चनों के बाद अब बढ़ी उम्मीद
बॉटनिकल गार्डन की योजना लंबे समय से चर्चा में रही है। पर्यावरणीय मुद्दों और एनजीटी के दिशा-निर्देशों के चलते पूर्व में इसके विकास कार्य को रोकना पड़ा था। इसके बाद परियोजना के स्वरूप और विकास को लेकर भी बदलाव की कवायद हुई। अब केडीए की नई निविदा इस परियोजना को फिर गति मिलने का संकेत है। करीब 26 करोड़ से होने वाले कार्य को 18 माह में पूरा करना है।
गंगा बैराज की बदल सकती है पूरी तस्वीर
बॉटनिकल गार्डन के विकास को केवल एक पार्क बनाने की परियोजना के रूप में देखने के बजाय यदि इसे गंगा बैराज क्षेत्र के व्यापक विकास से जोड़ा जाता है तो इसका असर कहीं बड़ा हो सकता है। अटल घाट, बोट क्लब और बॉटनिकल गार्डन को एक बेहतर पर्यटक सर्किट के रूप में विकसित किया जा सकता है। तब गंगा बैराज केवल गंगा देखने या कुछ देर रुकने की जगह नहीं रहेगा, बल्कि कानपुर में परिवार और पर्यटकों के लिए पूरा दिन बिताने वाले प्रमुख डेस्टिनेशन के रूप में उभर सकता है। गार्डन के विकसित होने के बाद गंगा बैराज क्षेत्र में शहर को वह हरित और खूबसूरत ठिकाना मिल सकता है, जिसकी जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है।


