- यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर फूलबाग में नारेबाजी, कहा-दो दशक से लंबित मांग पर अब सरकार अंतिम फैसला करे
भारत 19
कानपुर। फाइव डे बैंकिंग की मांग को लेकर बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने बुधवार को सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर फूलबाग स्थित बैंक ऑफ इंडिया की मुख्य शाखा के बाहर कर्मचारियों ने नारेबाजी कर सरकार से सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शनिवार और रविवार को साप्ताहिक अवकाश देने की मांग करीब दो दशक से लंबित है। वर्ष 2006 में पहली बार यह मांग प्रमुखता से उठाई गई थी, लेकिन अब तक इस पर अंतिम निर्णय नहीं हो सका है। बैंक कर्मचारियों के मुताबिक वर्तमान में हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश रहता है, जबकि पहले, तीसरे और पांचवें शनिवार को बैंकिंग कार्य होता है। कर्मचारियों की मांग है कि सभी शनिवार और रविवार को नियमित साप्ताहिक अवकाश घोषित किया जाए।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के संयोजक रजनीश गुप्ता ने कहा कि दो दशक के दौरान कई समझौते, चर्चाएं, आंदोलन और सिफारिशें हो चुकी हैं। अब बैंक कर्मचारी कार्यक्रमों की संख्या नहीं, बल्कि मांग का परिणाम चाहते हैं। उन्होंने कहा कि फाइव डे बैंकिंग कर्मचारियों का अधिकार है और सरकार को अब इस पर अंतिम निर्णय लेना चाहिए।
कार्यभार बढ़ा, दो दिन का अवकाश जरूरी
सह-संयोजक प्रवीण मिश्रा ने कहा कि आधुनिक बैंकिंग व्यवस्था में पांच दिवसीय बैंकिंग की जरूरत है। बैंक कर्मचारियों पर लगातार काम का दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में बेहतर कार्य वातावरण और दक्षता के लिए सप्ताह में दो दिन का नियमित अवकाश जरूरी है। अंकुर द्विवेदी ने कहा कि कोरोना महामारी समेत तमाम चुनौतियों के दौरान बैंक कर्मचारी अग्रिम पंक्ति में काम करते रहे। लंबे समय से लंबित मांग को अब और टाला नहीं जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब समझौता और सिफारिश हो चुकी है तो सरकारी मंजूरी में देरी क्यों की जा रही है।
कर्मचारियों को आराम मिलेगा तो बेहतर सेवा
यूपीबीईयू के अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि पर्याप्त साप्ताहिक अवकाश मिलने से बैंक कर्मचारी अधिक ऊर्जा और दक्षता के साथ काम कर सकेंगे। इसका सीधा लाभ ग्राहकों को बेहतर बैंकिंग सेवाओं के रूप में मिलेगा।
प्रदर्शन में राजकुमार, एसके मिश्रा, राजेश कुमार श्रीवास्तव, एसके शुक्ला, सुनील शुक्ला, अंकुर मिश्रा, अनुराग सिंह, सौरभ कटियार, जितेंद्र तोमर, अंशुमान तिवारी, नितिन शर्मा, शोभित शुक्ला, केएम शुक्ला, लालचंद, रोशुल सचान, शिवम निगम, अतुल सक्सेना, बृजेन्द्र पांडेय, भानू सेंगर, आशुतोष दीक्षित, जीआर तिवारी, मोहित केसरवानी, सतेन्द्र सक्सेना, आशीष मिश्रा, संतोष तोमर, शालिनी अवस्थी, शिवांगी और मुदित समेत अन्य बैंक अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।


