- विश्व दृष्टि दिवस पर सीएसजेएमयू में कार्यक्रम, मधुमेह और उच्च रक्तचाप के मरीजों को नियमित जांच की सलाह, युवाओं को स्क्रीन के अधिक इस्तेमाल से होने वाली दिक्कतों के प्रति किया जागरूक
भारत 19/ कानपुर। मोबाइल और कंप्यूटर अब रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा हैं, लेकिन इनके बढ़ते इस्तेमाल का असर आंखों पर भी पड़ रहा है। लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आंखों में सूखापन और दृष्टि संबंधी परेशानी जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। इसी को लेकर छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के स्कूल ऑफ हेल्थ साइंसेज में गुरुवार को विश्व दृष्टि दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को आंखों की देखभाल, नियमित जांच और नेत्र रोगों से बचाव के बारे में जानकारी दी गई।
मधुमेह और बीपी में आंखों की जांच जरूरी
वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. शरद बाजपेई ने विद्यार्थियों को आधुनिक नेत्र विज्ञान और ऑप्टोमेट्री की बढ़ती भूमिका के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि आंखों की जांच केवल परेशानी होने पर ही नहीं करानी चाहिए। खासकर मधुमेह और उच्च रक्तचाप से पीड़ित लोगों के लिए नियमित नेत्र जांच जरूरी है। इन बीमारियों के कारण आंखों से जुड़ी गंभीर समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है। डिजिटल गैजेट्स के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए उन्होंने युवाओं को भी नियमित नेत्र परीक्षण कराने की सलाह दी। लंबे समय तक स्क्रीन पर नजर टिकाए रखने से ड्राई आई, दृष्टि संबंधी परेशानी और दूसरी समस्याएं हो सकती हैं।
आंखों की जागरूकता का जरिया बनीं विद्यार्थियों की गतिविधियां
विश्व दृष्टि दिवस पर विद्यार्थियों ने भी सिर्फ कार्यक्रम सुनने तक खुद को सीमित नहीं रखा। पोस्टर, क्विज, रंगोली, रील और मॉडल प्रतियोगिताओं के जरिए उन्होंने आंखों की देखभाल और दृष्टि स्वास्थ्य से जुड़े संदेश सामने रखे। इससे कार्यक्रम में विद्यार्थियों की भागीदारी भी दिखाई दी और विषय को लेकर उनकी समझ भी सामने आई। संस्थान के निदेशक प्रो. डॉ. मुनीश रस्तोगी ने विद्यार्थियों की सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि छात्रों को किताबी ज्ञान के साथ प्रयोगात्मक क्षेत्र पर भी ध्यान देना चाहिए। एसोसिएट डीन प्रशासन प्रो. डॉ. दिग्विजय शर्मा ने भी विद्यार्थियों और शिक्षकों का उत्साहवर्धन किया।
बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को मिला सम्मान
पोस्टर, क्विज, रंगोली, रील और मॉडल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार के साथ प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन सहायक अध्यापक विश्वदीप मिश्रा ने किया। इस दौरान शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम का आयोजन कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक के प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में किया गया।


