– स्वतंत्रता दिवस से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई, पांच किलो लड्डू नष्ट; शहर में 39 खाद्य नमूने जांच को भेजे
BHARAT 19/ कानपुर। राष्ट्रीय पर्व की खुशी में भले *`भंग पड़`* जाए, मुनाफाखोरों को इसकी परवाह कहां रहती है। उनको तो बस मुनाफे से सरोकार है। शुक्र है खाद्य सुरक्षा विभाग चौकस था। उसकी जांच टीम ने एक बूंदी निर्माण स्थल पर इस्तेमाल किए जा रहे 500 किलो चावल के आटे को सीज कर दिया। वहीं, एक अन्य जगह पांच किलो बूंदी के लड्डू मौके पर ही नष्ट करा दिए गए।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने 13 और 14 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर शहर में विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया। बूंदी, बेसन, लड्डू, पनीर, रायता, चाय समेत विभिन्न खाद्य पदार्थों के कुल 39 नमूने लिए गए और जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे। नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बूंदी बनाने में इस्तेमाल होना था 500 किलो आटा
कानपुर नगर स्थित एक बूंदी निर्माण परिसर में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने 500 किलो चावल का आटा सीज किया। विभाग ने इसे संदेह के आधार पर कार्रवाई करते हुए बूंदी बनाने वाले को अभिरक्षा में ले लिया। वहीं एक अन्य परिसर में पांच किलो बूंदी के लड्डू को भी संदेह के आधार पर मौके पर ही नष्ट कराया गया। इसकी अनुमानित कीमत 700 रुपये बताई गई है।

39 नमूनों की रिपोर्ट खोलेगी गुणवत्ता का राज
दो दिन चले अभियान में लाल बंगला, दादा नगर औद्योगिक क्षेत्र, कौशलपुरी, मछरिया बाजार, राजीव नगर, हरजेंदर नगर, कल्याणपुर, मंधना, रतनपुर, घाटमपुर, बिल्हौर, शिवराजपुर और उत्तरीपुरा समेत कई क्षेत्रों से खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए। इनमें बूंदी, बेसन, बूंदी के लड्डू, पनीर, रायता, चाय और अन्य खाद्य सामग्री शामिल है।
गंदगी पर नोटिस, पानी की जांच के निर्देश
निरीक्षण के दौरान जहां खाद्य पदार्थों का निर्माण अस्वास्थ्यकर अथवा अस्वच्छ परिस्थितियों में होता मिला, वहां संबंधित खाद्य कारोबारियों को सुधार नोटिस जारी किए जा रहे हैं। कारोबारियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने और पानी की जांच कराने के निर्देश भी दिए गए। फिलहाल 39 नमूनों की प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट आने पर साफ होगा कि संबंधित खाद्य पदार्थ तय मानकों पर खरे हैं या नहीं।


