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अजब गजब- रोबोटों की शादी, डॉगमैटिक लाया ब्रेसलेट

– मॉस्को में रॉबर्ट और मटिल्डा की हुई प्रतीकात्मक शादी, AI और रोबोटिक्स का दिखा अनोखा संगम

भारत 19 डेस्क
विक्सन सिकरोड़िया, कानपुर।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक्स की दुनिया में मशीनें अब केवल काम करने वाले उपकरण तक सीमित नहीं रह गई हैं। इंसानों की तरह चलने, बोलने, इशारे करने और सामाजिक व्यवहार की नकल करने वाले ह्यूमनॉइड रोबोट लगातार विकसित हो रहे हैं। इसका अनोखा प्रदर्शन रूस की राजधानी मॉस्को में देखने को मिला, जहां दो ह्यूमनॉइड रोबोट रॉबर्ट और मटिल्डा की प्रतीकात्मक शादी कराई गई। दोनों ने एक-दूसरे के सामने विवाह संबंधी वचन दोहराए और प्रतीकात्मक वेडिंग ब्रेसलेट का आदान-प्रदान किया।

यह समारोह 8 जुलाई को मॉस्को की ए.एस. पुश्किन लाइब्रेरी में आयोजित हुआ। रॉबर्ट को ऑफिस वर्कर और टेक्नोलॉजी ब्लॉगर तथा मटिल्डा को बैलेरीना रोबोट के रूप में प्रस्तुत किया गया। रॉबर्ट ने काले सूट और लाल टाई तथा मटिल्डा ने सफेद शादी की पोशाक और घूंघट पहन रखा था। समारोह में दोनों ने निर्धारित प्रतिज्ञाएं दोहराईं और इसके बाद उन्हें प्रतीकात्मक रूप से ‘रोबोट जीवनसाथी’ घोषित किया गया। इस अनोखी रोबोट वेडिंग का सबसे दिलचस्प हिस्सा चार पैरों वाला रोबोटिक डॉग डॉगमैटिक रहा। वह समारोह में वेडिंग ब्रेसलेट लेकर पहुंचा और रॉबर्ट-मटिल्डा के बीच उसके आदान-प्रदान में भूमिका निभाई। इससे पारंपरिक शादी की रस्म को रोबोटिक्स के प्रदर्शन के साथ जोड़ दिया गया।
समारोह में दोनों रोबोटों ने केवल खड़े होकर वचन ही नहीं दोहराए, बल्कि उनके डिजाइन और प्रोग्रामिंग के जरिए मानवीय गतिविधियों की नकल भी प्रदर्शित की गई। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार रॉबर्ट ने नृत्य और मार्शल आर्ट जैसे मूवमेंट दिखाए, जबकि मटिल्डा ने बैले शैली की गतिविधियां प्रदर्शित कीं। रोबोटों की गतिविधियों को रिमोट और VR तकनीक के जरिए नियंत्रित किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।

असली शादी नहीं, तकनीक का प्रदर्शन

हालांकि इसे ‘रोबोट की शादी’ के रूप में प्रचारित किया गया, लेकिन यह कानूनी या वास्तविक वैवाहिक संबंध नहीं था। आयोजन का उद्देश्य ह्यूमनॉइड रोबोटिक्स की क्षमताओं, मानवीय व्यवहार की नकल और AI आधारित तकनीक की संभावनाओं को प्रदर्शित करना था। यानी रॉबर्ट और मटिल्डा के बीच न तो कोई कानूनी वैवाहिक संबंध बना और न ही यह दावा किया गया कि रोबोट इंसानों की तरह प्रेम या वैवाहिक भावनाओं को महसूस करते हैं। आयोजन को तकनीकी प्रदर्शन और सार्वजनिक सहभागिता के तौर पर देखना अधिक उचित है।

परिवार, प्रेम और तकनीक का अनोखा संगम

इस आयोजन का समय भी खास था। रूस में 8 जुलाई को ‘डे ऑफ फैमिली, लव एंड फिडेलिटी’ मनाया जाता है, जो परिवार, प्रेम और वैवाहिक निष्ठा जैसे मूल्यों से जुड़ा है। इसी पृष्ठभूमि में ह्यूमनॉइड रोबोटों की प्रतीकात्मक शादी ने पारंपरिक सामाजिक रस्मों और आधुनिक तकनीक के बीच एक अनोखा दृश्य तैयार किया। समारोह की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया तथा अंतरराष्ट्रीय मीडिया में चर्चा का विषय बने। सफेद शादी की पोशाक पहने मटिल्डा, सूट में रॉबर्ट और उनके साथ चलते रोबोटिक डॉग डॉगमैटिक ने लोगों का ध्यान खींचा।

भारत में भी ह्यूमनॉइड रोबोट और AI पर तेजी से शोध

मॉस्को की यह घटना भले ही मनोरंजन और तकनीकी प्रदर्शन का हिस्सा रही हो, लेकिन इसके पीछे जिस तकनीक का प्रदर्शन हुआ, उस पर भारत में भी कई प्रमुख संस्थानों में गंभीर शोध चल रहा है।

भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु ः भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) में रोबोटिक्स और साइबर-फिजिकल सिस्टम से जुड़े शोध के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं हैं। संस्थान की शोध सुविधाओं में ‘आशा’ ह्यूमनॉइड रोबोट, रोबोटिक आर्म, लेग्ड रोबोट, स्वायत्त ग्राउंड व्हीकल और ड्रोन जैसी प्रणालियां शामिल हैं।

आईआईटी कानपुर ः भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर में सेंटर फॉर मेकाट्रॉनिक्स के तहत रोबोटिक्स पर बहुविषयक शोध किया जाता है। यहां काइनेमेटिक्स, डायनेमिक्स, रोबोट डिजाइन, मोशन प्लानिंग, इंटेलिजेंट कंट्रोल, AI और कंप्यूटर विजन जैसे क्षेत्रों में काम हो रहा है।

IIIT हैदराबाद ः इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, हैदराबाद (IIIT-H) का Robotics Research Center रोबोटिक्स के क्षेत्र में शोध कर रहा है। यहां रोबोटिक विजन, नेविगेशन, डायनेमिक्स एवं कंट्रोल, UAV, मल्टी-रोबोट सिस्टम और AI/मशीन लर्निंग जैसे क्षेत्रों पर काम होता है।

प्लाक्षा यूनिवर्सिटी, पंजाब ः प्लाक्षा यूनिवर्सिटी- ने भी रोबोटिक्स और ऑटोनॉमस सिस्टम को अपने प्रमुख अकादमिक क्षेत्रों में शामिल किया है। यहां Robotics & Autonomous Systems में B.Tech कार्यक्रम के साथ ARK Foundation Robotics Lab में स्वायत्त ड्रोन, अंडरवाटर रोबोट और ग्राउंड व्हीकल पर AI व रोबोटिक्स आधारित शोध हो रहा है। विश्वविद्यालय के PhD कार्यक्रम में AI & Robotics, Reinforcement Learning, Multi-Robot Systems और Human-AI Interaction जैसे क्षेत्रों में शोध के अवसर भी हैं।

इंसानों के साथ काम करने वाले रोबोटों की ओर बढ़ती दुनिया

ह्यूमनॉइड रोबोटों की मास्को में हुई यह प्रतीकात्मक शादी भले ही एक आकर्षक सार्वजनिक कार्यक्रम रही हो, लेकिन यह उस बदलाव की ओर भी इशारा करती है जिसमें रोबोटों को केवल औद्योगिक मशीनों के बजाय मानव वातावरण में काम करने वाले सामाजिक और सहयोगी सिस्टम के रूप में विकसित किया जा रहा है। आज AI, कंप्यूटर विजन, सेंसर, मशीन लर्निंग, मोशन कंट्रोल और रोबोटिक मैनिपुलेशन जैसी तकनीकें मिलकर रोबोटों को अधिक स्वायत्त और मानव-अनुकूल बनाने की दिशा में काम कर रही हैं। आने वाले समय में यही तकनीक अस्पतालों, कारखानों, घरों, लॉजिस्टिक्स, कृषि और सार्वजनिक सेवाओं में रोबोटों की भूमिका को और बढ़ा सकती है।
मॉस्को का यह ‘रोबोट विवाह’ इसलिए महत्वपूर्ण है कि उसने जटिल रोबोटिक्स तकनीक को एक ऐसी सामाजिक और सांस्कृतिक प्रस्तुति में बदल दिया, जिसे आम लोग भी आसानी से समझ और देख सके। मशीनों में मानवीय भावनाएं होने का दावा भले अभी दूर हो, लेकिन इंसानों जैसी गतिविधियों की नकल करने की उनकी क्षमता तेजी से बढ़ रही है।

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