- धर्मपाल सिंह, प्रियंका सिंह रावत और श्रुति गंगवार समेत आठ नाम घोषित; तीन OBC, दो SC और तीन सामान्य वर्ग से, दो महिला उम्मीदवार भी शामिल
भारत 19/ लखनऊ। उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपने आठ उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। पार्टी ने मौजूदा आठों राज्यसभा सदस्यों को दोबारा टिकट नहीं दिया और उनकी जगह नए चेहरों को मैदान में उतारा है। इनमें धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पाण्डेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार शामिल हैं। उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होगा।
आठ सीटों पर पूरी तरह बदली तस्वीर
भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने सोमवार को आठ नामों को मंजूरी दी। खास बात यह है कि पार्टी ने उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के लिए कार्यकाल पूरा कर रहे अपने किसी भी मौजूदा सदस्य को फिर से उम्मीदवार नहीं बनाया। इनमें केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा भी शामिल हैं। इसके अलावा अरुण सिंह, नीरज शेखर, बृजलाल, सीमा द्विवेदी और गीता शाक्य को भी टिकट नहीं मिला। दिनेश शर्मा पहले ही राज्यसभा से इस्तीफा दे चुके हैं। यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों में राजनीतिक दल संगठन और सामाजिक समीकरण दोनों पर जोर दे रहे हैं।
सूची में OBC, SC और सामान्य वर्ग का संतुलन
भाजपा की आठ सदस्यीय सूची में तीन OBC, दो अनुसूचित जाति और तीन सामान्य वर्ग के उम्मीदवार हैं। दो महिलाओं प्रियंका सिंह रावत और श्रुति गंगवार को भी जगह मिली है। इस तरह उम्मीदवार चयन में सामाजिक प्रतिनिधित्व के साथ महिला भागीदारी को भी शामिल किया गया है।
संगठन से जुड़े चेहरों को मिला मौका
उम्मीदवारों की सूची में पार्टी संगठन से जुड़े कई चेहरे हैं। प्रकाश पाल उत्तर प्रदेश भाजपा OBC मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष हैं और इससे पहले कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में संगठन की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। राम प्रताप सिंह चौहान प्रदेश भाजपा के संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा चुके हैं और एत्मादपुर से विधायक भी रह चुके हैं। गोपी कृष्ण पाण्डेय लंबे समय से भाजपा के संगठनात्मक काम से जुड़े रहे हैं। वहीं धर्मपाल सिंह को लेकर उपलब्ध रिपोर्टों में उनकी संगठनात्मक और राजनीतिक भूमिका के अलग-अलग विवरण सामने आए हैं; इसलिए उनकी विस्तृत प्रोफाइल को आधिकारिक नामांकन दस्तावेज से मिलाना महत्वपूर्ण होगा।
पूर्व सांसदों को फिर संसद जाने का मौका
भाजपा ने सूची में संसदीय अनुभव वाले चेहरों को भी शामिल किया है। विद्यासागर सोनकर पूर्व सांसद और पूर्व एमएलसी रह चुके हैं। वहीं प्रियंका सिंह रावत बाराबंकी से 16वीं लोकसभा की पूर्व सांसद हैं। उनके राज्यसभा उम्मीदवार बनने से उनका संसदीय राजनीतिक सफर फिर उच्च सदन की ओर बढ़ा है। प्रियंका सिंह रावत सूची में शामिल दो महिला उम्मीदवारों में से एक हैं।
कानूनी क्षेत्र से राधाकांत ओझा
राधाकांत ओझा इलाहाबाद हाई कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता हैं और हाई कोर्ट बार एसोसिएशन से जुड़े रहे हैं। उनकी उम्मीदवारी भाजपा की सूची में राजनीतिक संगठन के बाहर पेशेवर अनुभव रखने वाले चेहरे को जगह मिलने के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
श्रुति गंगवार को महिला और OBC प्रतिनिधित्व
श्रुति गंगवार बरेली से जुड़ी हैं और वरिष्ठ भाजपा नेता संतोष गंगवार की पुत्री हैं। उनका नाम सूची में महिला प्रतिनिधित्व के साथ OBC वर्ग के उम्मीदवार के रूप में शामिल है। उनकी उम्मीदवारी से भाजपा की राज्यसभा सूची में बरेली और रोहिलखंड क्षेत्र का प्रतिनिधित्व भी जुड़ता है।
यूपी की 10 सीटों पर 16 अक्टूबर को मतदान
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होना है। इनमें आठ सीटें भाजपा के निवर्तमान सदस्यों की थीं, जबकि एक-एक सीट समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के पास थी। इसके अलावा दिनेश शर्मा के इस्तीफे से एक सीट पहले ही रिक्त हो चुकी है। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर, नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्टूबर और नाम वापसी की अंतिम तारीख 9 अक्टूबर है। मतदान 16 अक्टूबर को सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक होगा और उसी दिन मतगणना होगी।
भाजपा के आठ प्रत्याशियों के नाम
- धर्मपाल सिंह
- राधाकांत ओझा
- प्रकाश पाल
- विद्यासागर सोनकर
- गोपी कृष्ण पाण्डेय
- प्रियंका सिंह रावत
- राम प्रताप सिंह चौहान
- श्रुति गंगवार
भाजपा की इस सूची ने उत्तर प्रदेश के राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवारों की तस्वीर साफ कर दी है। खास तौर पर सभी आठ निवर्तमान भाजपा सदस्यों की जगह नए चेहरों को उतारने का फैसला इस चुनाव को पार्टी के लिए केवल राज्यसभा की सीटों तक सीमित नहीं रखता, बल्कि संगठन और सामाजिक प्रतिनिधित्व के स्तर पर भी महत्वपूर्ण बनाता है।


