- DMF निधि से शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में होगा सुधार, गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए आर्किटेक्ट का होगा चयन, 3.84 करोड़ रुपये जमा, अब तक 64 लाख खर्च, डीएम ने एक सप्ताह में सत्यापन और कार्ययोजना मांगी
भारत 19/ कानपुर। कानपुर में खनन प्रभावित क्षेत्रों के प्राथमिक विद्यालयों और स्वास्थ्य केंद्रों की तस्वीर बदलने की तैयारी है। जिला खनिज फाउंडेशन (DMF) निधि से इन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विकास कराया जाएगा। बैठक में खनन प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और पर्यावरण से जुड़ी जरूरतों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने प्रस्तावित कार्यों की जरूरत का आकलन करने, स्थलीय सत्यापन कराने और निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सभी संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर सत्यापन रिपोर्ट और कार्ययोजना प्रस्तुत करनी होगी।
स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों की जरूरतों का होगा सर्वे
जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को खनन प्रभावित क्षेत्रों के सभी प्राथमिक विद्यालयों को चिह्नित करने और प्रधानाध्यापकों के माध्यम से वहां जरूरी कार्यों का सत्यापन कराने के निर्देश दिए। सेक्टर मजिस्ट्रेट भी विद्यालयों की स्थिति का स्थलीय सत्यापन करेंगे। इसके आधार पर भवनों और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े आवश्यक कार्यों की सूची तैयार की जाएगी। इसी तरह इन क्षेत्रों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य स्वास्थ्य इकाइयों की स्थिति का आकलन कर सुधार कार्यों की जरूरत तय की जाएगी। उद्देश्य यह है कि DMF निधि से वास्तविक जरूरतों के अनुरूप विकास कार्य कराए जा सकें।
निर्माण की गुणवत्ता पर नजर रखेगा आर्किटेक्ट
प्रस्तावित निर्माण और सुधार कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) को आर्किटेक्ट के चयन के निर्देश दिए। आर्किटेक्ट कार्यों की रूपरेखा तैयार कराने और निर्धारित मानकों के अनुरूप निर्माण सुनिश्चित करने में मदद करेगा।
DMF में 3.84 करोड़ रुपये जमा, 64 लाख खर्च
बैठक में बताया गया कि कानपुर जिले में जिला खनिज फाउंडेशन निधि के अंतर्गत लगभग 3.84 करोड़ रुपये जमा हुए हैं। इनमें से खनन प्रभावित क्षेत्रों में अब तक करीब 64 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। डीएम ने शेष धनराशि का नियमानुसार उपयोग करने के लिए आवश्यकता आधारित कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को विद्यालयों, स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य प्रस्तावित कार्यों का सत्यापन एक सप्ताह में पूरा कर रिपोर्ट देने को कहा। जिला खनन अधिकारी को भी इसी अवधि में DMF निधि से कराए जाने वाले विकास कार्यों की विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करनी होगी। बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) विवेक चतुर्वेदी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला खनन अधिकारी समेत संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


