- SCALE-Transcend के पहले 10 सप्ताह के बैच में छह प्रोफेसर टीमों का चयन, उद्योग विशेषज्ञ देंगे बाजार की समझ और व्यावसायिक रणनीति की सलाह; संस्थागत फंडिंग के साथ निवेशकों से जुड़ने का भी मिलेगा अवसर
भारत 19/ कानपुर। आईआईटी कानपुर ने अपने गहन-तकनीकी शोध को प्रयोगशालाओं से निकालकर बाजार की जरूरतों के मुताबिक उत्पाद और व्यावसायिक समाधान में बदलने की दिशा में नई पहल शुरू की है। SCALE-Transcend के पहले 10 सप्ताह के बैच में छह प्रोफेसरों के नेतृत्व वाली टीमों का चयन किया गया है। कार्यक्रम के दौरान इन टीमों को उद्योग विशेषज्ञों का मार्गदर्शन, संस्थागत वित्तीय सहायता और निवेशकों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
शोध को बाजार की जरूरत से जोड़ने पर जोर
SCALE-Transcend का फोकस केवल नई तकनीक विकसित करने तक सीमित नहीं है। कार्यक्रम में शोधकर्ताओं को यह समझने में मदद दी जाएगी कि उनकी तकनीक किस समस्या का समाधान कर सकती है, संभावित ग्राहक कौन हैं और बाजार में उसकी मांग कितनी हो सकती है। उद्योग विशेषज्ञ चयनित टीमों के साथ काम करेंगे और उन्हें ग्राहक जरूरतों, बाजार की संभावनाओं तथा व्यावसायिक रणनीति को समझने में मदद करेंगे। इससे शोध को उत्पाद या सेवा में बदलने की शुरुआती प्रक्रिया को दिशा मिलेगी।
छह टीमों के शोध का दायरा काफी व्यापक
पहले बैच में चुनी गई छह टीमों का शोध अलग-अलग गहन-तकनीकी क्षेत्रों से जुड़ा है। इनमें तापमान-संवेदनशील स्मार्ट पेंट, लीगल-टेक एआई एजेंट, कम्प्यूटेशनल फ्लूड डायनेमिक्स, ऊर्जा-कुशल एज इंटेलिजेंस, सल्फर आधारित बैटरी और मेडिकल-ग्रेड न्यूरोस्टिमुलेशन उपकरण शामिल हैं। इन परियोजनाओं को कार्यक्रम के दौरान तकनीकी विकास के साथ उनके संभावित व्यावसायिक उपयोग और बाजार में अपनाए जाने की संभावना के नजरिए से भी आगे बढ़ाया जाएगा।
फंडिंग और निवेशकों से जुड़ने का अवसर
आईआईटी कानपुर चयनित टीमों को तकनीक विकसित करने और उसे बाजार तक ले जाने के लिए संस्थागत वित्तीय सहायता देगा। इसके साथ उन्हें निवेशकों से संपर्क बनाने का अवसर भी मिलेगा। कार्यक्रम में उद्योग विशेषज्ञता, वित्तीय सहायता और निवेशकों तक पहुंच को एक साथ उपलब्ध कराने पर जोर है। इसका उद्देश्य शोधकर्ताओं को तकनीकी विकास के साथ उद्यम निर्माण और उसके विस्तार की व्यावहारिक दिशा से जोड़ना है।
निदेशक बोले, शोध का असर प्रयोगशाला से बाहर दिखे
आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल ने कहा कि अत्याधुनिक शोध को प्रयोगशालाओं तक सीमित रखने के बजाय ऐसे समाधानों में बदलना जरूरी है, जो देश के विकास में योगदान दे सकें। उनके अनुसार, SCALE-Transcend फैकल्टी इनोवेटर्स को इसके लिए जरूरी मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। Dhanavritti LLP के मैनेजिंग पार्टनर और SCALE-Transcend के आर्किटेक्ट अनुराग सिंह ने कहा कि बेहतरीन शोध अपने आप में कंपनी नहीं बनाता। फैकल्टी इनोवेटर्स को पूंजी के साथ उद्यम खड़ा करने और उसे बड़े स्तर तक ले जाने का व्यावहारिक अनुभव भी चाहिए। SCALE-Transcend में दोनों को एक साथ उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
SCALE पहल से व्यावसायीकरण को मिलेगा आधार
SCALE-Transcend, आईआईटी कानपुर की Strategic Capital and Advisory for Launch and Expansion (SCALE) पहल का हिस्सा है। इसका लक्ष्य गहन-तकनीकी शोध को ऐसे उपयोगी समाधानों में बदलना है, जिन्हें बड़े स्तर पर अपनाया जा सके। कार्यक्रम शोधकर्ताओं को तकनीक विकसित करने के साथ उसके व्यावसायीकरण की प्रक्रिया समझने में मदद करेगा। इसमें ग्राहक जरूरतों की पहचान, बाजार की मांग का आकलन और कारोबारी रणनीति तैयार करने जैसे पहलू शामिल हैं।
आईआईटी कानपुर इस पहल के जरिए शोध से तकनीक, तकनीक से उत्पाद और उत्पाद से बाजार तक पहुंचने की प्रक्रिया को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। इससे फैकल्टी शोध को संभावित स्टार्टअप और व्यावसायिक अवसरों में बदलने के लिए एक संरचित रास्ता तैयार होगा।


