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नई GST दरों के बाद यूपी की आय 8,854 करोड़ बढ़ी

  • 12 महीनों में Post-Settlement SGST आय 10.6 प्रतिशत बढ़ी, सितंबर में सालाना वृद्धि करीब 25 प्रतिशत रही

भारत 19/ राजीव सक्सेना, नई दिल्ली। 22 सितंबर 2025 से नई जीएसटी दरें लागू होने के बाद उत्तर प्रदेश की जीएसटी आय में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। नई दरों के बाद के 12 पूरे महीनों यानी अक्टूबर 2025 से सितंबर 2026 की तुलना उससे पहले की समान अवधि से करने पर राज्य को 8,854 करोड़ रुपये अधिक मिले। अक्टूबर 2024 से सितंबर 2025 के दौरान उत्तर प्रदेश की Post-Settlement SGST आय 83,525 करोड़ रुपये थी। अगले 12 महीनों में यह बढ़कर 92,379 करोड़ रुपये हो गई। यानी करीब 10.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई। Post-Settlement SGST में राज्य का अपना SGST और IGST से राज्य को मिलने वाला हिस्सा शामिल होता है।

छह महीने में 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी

पूरे साल के आंकड़ों के अलावा छह महीने की तुलना भी राज्य की आय में तेजी दिखाती है। अप्रैल-सितंबर 2026 में उत्तर प्रदेश की Post-Settlement SGST आय 48,604 करोड़ रुपये रही, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 41,025 करोड़ रुपये थी। यानी छह महीने में आय 7,579 करोड़ रुपये बढ़ी, जो करीब 18 प्रतिशत की वृद्धि है। सितंबर के आंकड़े इससे भी तेज बढ़ोतरी दिखाते हैं। सितंबर 2026 में यूपी की Post-Settlement SGST आय 7,277 करोड़ रुपये रही, जबकि सितंबर 2025 में यह 5,806 करोड़ रुपये थी। सालाना आधार पर सितंबर में वृद्धि करीब 25 प्रतिशत रही।

12 महीने की तुलना से सामने आई तस्वीर

दोनों 12 महीने की अवधि का आंकड़ा वित्त वर्ष के अलग-अलग हिस्सों से तैयार किया गया है। वित्त वर्ष 2024-25 में यूपी की Post-Settlement SGST आय 84,264 करोड़ रुपये थी। अप्रैल-सितंबर 2024 के 41,764 करोड़ रुपये घटाने पर अक्टूबर 2024 से मार्च 2025 की आय 42,500 करोड़ रुपये आती है। इसमें अप्रैल-सितंबर 2025 की 41,025 करोड़ रुपये की आय जोड़ने पर नई दरों से पहले की 12 महीने की अवधि का आंकड़ा 83,525 करोड़ रुपये बनता है। इसी तरह वित्त वर्ष 2025-26 की कुल Post-Settlement SGST आय 84,800 करोड़ रुपये रही। इसमें अप्रैल-सितंबर 2025 की आय घटाने पर अक्टूबर 2025 से मार्च 2026 की आय 43,775 करोड़ रुपये निकलती है। इसके बाद अप्रैल-सितंबर 2026 की आय जोड़ने पर नई दरों के बाद की 12 महीने की अवधि का आंकड़ा 92,379 करोड़ रुपये पहुंचता है। GSTN के आधिकारिक आंकड़ों में Post-Settlement SGST को राज्यों के SGST और IGST से मिलने वाले राज्य हिस्से के कुल योग के रूप में दर्ज किया जाता है।

बढ़ी आय का कारण सिर्फ नई दरें नहीं

आंकड़ों में नई जीएसटी दरों के बाद बढ़ोतरी जरूर दिखाई दे रही है, लेकिन इसे पूरी तरह दरों में बदलाव का परिणाम मानना उचित नहीं होगा। जीएसटी संग्रह पर आर्थिक गतिविधियों, कारोबार के विस्तार, कर अनुपालन, करदाता आधार और IGST settlement जैसे कई कारकों का असर पड़ता है। उत्तर प्रदेश में मई 2026 तक GST पंजीकृत करदाताओं की संख्या 11.83 लाख से अधिक हो गई थी। इसी महीने राज्य का कुल जीएसटी संग्रह 8,728 करोड़ रुपये रहा था और IGST settlement के बाद SGST आय 7,577 करोड़ रुपये दर्ज की गई।

राज्य की बढ़ी जीएसटी आय को नई दरों के साथ-साथ बढ़ते करदाता आधार, बेहतर अनुपालन और आर्थिक गतिविधियों के संदर्भ में देखना होगा। फिर भी समान 12 महीने की तुलना में 8,854 करोड़ रुपये की अतिरिक्त Post-Settlement SGST आय राज्य के राजस्व में आए उल्लेखनीय बदलाव को जरूर दर्शाती है।

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