- शिखा इन हादसे के चार दिन बाद पुलिस ने बीरेश्वर मित्र को दबोचा, अग्नि सुरक्षा में गंभीर खामियां जांच के घेरे में
भारत 19 डेस्क
कोलकाता/ कोलकाता के न्यू मार्केट इलाके में स्थित शिखा इन होटल में लगी आग से नौ लोगों की मौत** के मामले में पुलिस ने होटल मालिक बीरेश्वर मित्र को गिरफ्तार कर लिया है। हादसे के बाद से फरार चल रहे मित्र की गिरफ्तारी के साथ ही जांच का दायरा होटल की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, संचालन की अनुमति और अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका तक पहुंच गया है। मृतकों में सात बांग्लादेशी नागरिक भी शामिल थे।
पुलिस के अनुसार, बीरेश्वर मित्र को बेहाला स्थित उसके आवास से पकड़ा गया। शिखा इन होटल को उसने करीब पांच महीने पहले अबू जफर को लीज पर दिया था। आग लगने के बाद पुलिस ने जफर को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि होटल मालिक फरार हो गया था। अब दोनों की भूमिका और होटल संचालन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
19 अगस्त की तड़के लगी थी आग
कोलकाता के मिर्जा गालिब स्ट्रीट स्थित बहुमंजिला इमारत में 19 अगस्त की तड़के आग लगी थी। जिस इमारत में शिखा इन होटल संचालित हो रहा था, वहां अन्य होटल, गेस्ट हाउस और व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी थे। आग लगते ही इमारत में तेजी से धुआं भर गया और कई लोग कमरों तथा संकरे रास्तों में फंस गए। दमकल और पुलिस की टीमों ने अभियान चलाकर करीब 80 लोगों को बाहर निकाला, लेकिन नौ लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी। मृतकों में छह पुरुष, दो महिलाएं और एक बच्चा शामिल था। शुरुआती जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्टों में कई पीड़ितों की मौत का प्रमुख कारण धुएं और जहरीली गैसों के प्रभाव से दम घुटना बताया गया।
लीजधारक पहले गिरफ्तार, अब मालिक पुलिस के शिकंजे में
हादसे के बाद कोलकाता पुलिस ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम गठित की। सबसे पहले होटल के लीजधारक अबू जफर को गिरफ्तार किया गया। जांच के दौरान होटल मालिक बीरेश्वर मित्र की भूमिका भी सवालों के घेरे में आई और उसके फरार होने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी। पुलिस की टीमों ने उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी की। उसके दीघा और मंदारमणि स्थित प्रतिष्ठानों की भी जांच की गई। आखिरकार उसे बेहाला से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि होटल का वास्तविक संचालन किसकी जिम्मेदारी में था और सुरक्षा इंतजामों की जवाबदेही किस स्तर पर तय होती है।
अग्नि सुरक्षा व्यवस्था बनी जांच का बड़ा मुद्दा
जांच में होटल की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था सबसे बड़ा सवाल बनकर सामने आई है। जांच एजेंसियां यह पता कर रही हैं कि होटल में आग से बचाव और आपातकालीन निकासी के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं। इमारत के संकरे रास्तों और धुआं फैलने की स्थिति ने भी लोगों के सुरक्षित बाहर निकलने में मुश्किल पैदा की। होटल से जुड़े अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र और अन्य वैधानिक दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। रिपोर्टों में सुरक्षा मानकों और अग्निशमन व्यवस्था को लेकर गंभीर कमियों की बात सामने आई है, हालांकि इन बिंदुओं पर अंतिम जिम्मेदारी जांच पूरी होने और कानूनी कार्रवाई के बाद तय होगी।
आग के बाद होटल-गेस्ट हाउस पर कार्रवाई
नौ लोगों की मौत के बाद कोलकाता प्रशासन ने न्यू मार्केट और आसपास के इलाकों में होटल, गेस्ट हाउस और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की व्यापक जांच शुरू की। मिर्जा गालिब स्ट्रीट, मार्क्विस स्ट्रीट और सदर स्ट्रीट सहित आसपास के क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा मानकों की जांच की गई। कार्रवाई के दौरान कई प्रतिष्ठानों को सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर नोटिस दिए गए, जबकि कुछ होटल और गेस्ट हाउस बंद कराए गए। हादसे ने एक बार फिर घनी आबादी और संकरी गलियों वाले व्यावसायिक क्षेत्रों में चल रहे होटलों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सात बांग्लादेशी नागरिकों की मौत से बढ़ी संवेदनशीलता
हादसे में मारे गए नौ लोगों में सात बांग्लादेशी नागरिक होने के कारण मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी संवेदनशील बन गया। कोलकाता इलाज, कारोबार और पर्यटन के लिए बांग्लादेश से आने वाले लोगों का प्रमुख केंद्र है और न्यू मार्केट क्षेत्र में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी नागरिक होटल और गेस्ट हाउस में ठहरते हैं।
अब जांच के घेरे में पूरी जिम्मेदारी
होटल मालिक की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों के सामने अब कई अहम सवाल हैं। आग लगने की वास्तविक वजह क्या थी, होटल के पास आवश्यक अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र और अन्य मंजूरियां थीं या नहीं, आपातकालीन निकासी की व्यवस्था पर्याप्त थी या नहीं और इन कमियों के लिए जिम्मेदारी किसकी है—इन सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है।
बीते घटनाक्रम पर एक नजर
- 19 अगस्त की तड़के शिखा इन होटल में आग लगी – नौ लोगों की मौत हुई, करीब 80 लोगों को बचाया गया- मृतकों में सात बांग्लादेशी नागरिक शामिल पाए गए- विशेष जांच टीम गठित हुई- लीजधारक अबू जफर गिरफ्तार हुआ- होटल और आसपास के प्रतिष्ठानों की अग्नि सुरक्षा जांच शुरू हुई- कई होटल-गेस्ट हाउस पर कार्रवाई हुई- फरार होटल मालिक बीरेश्वर मित्र को गिरफ्तार कर लिया गया।


