- जाम से राहत के लिए मेट्रो बनी कानपुरवासियों की प्राथमिकता; नौबस्ता विस्तार और कॉरिडोर-2 के साथ और बढ़ेगी राइडरशिप
BHARAT 19/ कानपुर। शहर की सड़कों पर बढ़ते ट्रैफिक और जाम के बीच शहर के लोगों को तेज, आरामदायक और किफायती सफर का विकल्प मेट्रो में मिल रहा है। यही वजह है कि कानपुर मेट्रो ने 10 सितंबर को यात्री सेवाओं की शुरुआत से अब तक 1.50 करोड़ यात्रियों की राइडरशिप का आंकड़ा पार कर लिया। यह उपलब्धि शहर में बदलती यात्रा पसंद और मेट्रो पर बढ़ते भरोसे को भी दर्शाती है।
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीएमआरसी) के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कानपुर वालों का इसके लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि कॉरिडोर-1 का नौबस्ता तक विस्तार और कॉरिडोर-2 (सीएसए से बर्रा-8) के शुरू होने के बाद यात्रियों की संख्या में और वृद्धि होगी। दोनों कॉरिडोर शहर के व्यस्त इलाकों को शैक्षणिक संस्थानों, यातायात केंद्रों, पर्यटन स्थलों, व्यावसायिक क्षेत्रों और कार्यालयों से जोड़ेंगे।

27 मिनट में आईआईटी से कानपुर सेंट्रल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 मई 2025 को कानपुर मेट्रो कॉरिडोर-1 के दूसरे चरण में मोतीझील से कानपुर सेंट्रल तक यात्री सेवाओं का विस्तार किया था। वर्तमान में आईआईटी से कानपुर सेंट्रल तक करीब 15.50 किलोमीटर लंबे मार्ग पर 14 मेट्रो स्टेशन हैं। इस रूट पर आईआईटी से कानपुर सेंट्रल तक का सफर महज 27 मिनट में पूरा किया जा रहा है। ट्रैफिक जाम से राहत के साथ वातानुकूलित और आरामदायक सफर तथा किफायती किराया मेट्रो को यात्रियों के लिए लगातार आकर्षक बना रहा है।
नौबस्ता तक पहुंचेगी मेट्रो, जुड़ेंगे सात स्टेशन
कॉरिडोर-1 के तीसरे चरण में कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक यात्री सेवाओं के विस्तार की शीघ्र संभावना है। इसके बाद मौजूदा नेटवर्क से सात नए स्टेशन जुड़ जाएंगे। इनमें झकरकटी, ट्रांसपोर्ट नगर, बारादेवी, किदवई नगर, वसंत विहार, बौद्ध नगर और नौबस्ता शामिल हैं। विस्तार के बाद आईआईटी से नौबस्ता तक का सफर करीब 40 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। इससे शहर के बड़े और व्यस्त इलाकों को मेट्रो नेटवर्क से सीधा लाभ मिलेगा।
मेट्रो से बदला शहर में सफर का तरीका
कानपुर मेट्रो ने आवागमन आसान करने के साथ ईज ऑफ ट्रैवल और मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी को भी बढ़ावा दिया है। कानपुर सेंट्रल, रावतपुर और कल्याणपुर रेलवे स्टेशनों के साथ झकरकटी, रावतपुर और चुन्नीगंज बस स्टैंड से मेट्रो की कनेक्टिविटी ने शहर के भीतर और बाहर की यात्रा को आसान किया है। इस कनेक्टिविटी के कारण यात्रियों को अलग-अलग परिवहन साधनों के बीच आवागमन में सुविधा मिल रही है।
स्टेशनों पर सफर के साथ खरीदारी मनोरंजन
यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए मेट्रो स्टेशनों पर खान-पान और खरीदारी की सुविधाएं भी विकसित की गई हैं। विभिन्न स्टेशनों पर 25 से अधिक आउटलेट्स यात्रियों को ये सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं। पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए स्टेशनों पर पुस्तक मेलों का आयोजन किया जाता है। ‘शो योर टैलेंट’ पहल के तहत नवोदित कलाकारों को प्रतिभा दिखाने का मंच मिल रहा है। वहीं, ‘सेलिब्रेशन ऑन व्हील्स’ के जरिए मेट्रो ट्रेनों में जन्मदिन और किटी पार्टी जैसे आयोजनों की सुविधा भी दी जा रही है।
पर्यावरण संरक्षण में भी कानपुर मेट्रो आगे
कानपुर मेट्रो पर्यावरण संरक्षण के मोर्चे पर भी आगे है। इसके सभी स्टेशनों को इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल (आईजीबीसी) की सर्वोच्च ‘प्लैटिनम रेटिंग’ मिली है। ऊर्जा संरक्षण के लिए स्टेशनों पर 100 प्रतिशत एलईडी लाइटिंग, ट्रेनों और लिफ्टों में रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग तकनीक तथा कार्बन डाइऑक्साइड सेंसर आधारित एचवीएसी प्रणाली जैसी व्यवस्थाएं की गई हैं।
सुरक्षा सुविधाओं से मजबूत हुआ यात्रियों का भरोसा
यात्रियों की सुरक्षा के लिए प्रत्येक स्टेशन और ट्रेन में सीसीटीवी कैमरे, महिला सुरक्षाकर्मी और पैसेंजर इमरजेंसी इंटरकॉम जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। मेट्रो नेटवर्क के विस्तार के साथ इसकी पहुंच और उपयोगिता लगातार बढ़ रही है। नौबस्ता तक विस्तार और कॉरिडोर-2 के संचालन से शहर के और बड़े हिस्से को तेज और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन से जोड़ने की तैयारी है। जाम से राहत, समय की बचत, आरामदायक सफर और बेहतर कनेक्टिविटी ने कानपुर मेट्रो को शहर की रोजमर्रा की यात्रा का अहम हिस्सा बना दिया है। अब विस्तार के अगले चरण के साथ इसकी भूमिका और बड़ी होने वाली है।


