- गुजैनी की वरुण विहार बस्ती में देर रात जुटी भीड़, पांच हिरासत में; लापरवाही पर नाइट अफसर निलंबित, चौकी इंचार्ज के खिलाफ जांच
भारत 19
कानपुर। कानपुर दक्षिण के गुजैनी थाना क्षेत्र की वरुण विहार स्थित झुग्गी बस्ती में सोमवार शाम मारपीट के बाद देर रात धर्मांतरण के आरोप ने माहौल गरमा दिया। एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया तो बड़ी संख्या में लोग समर्थन में बस्ती में जुट गए। तनाव की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी कई थानों के फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को समझा और स्थिति संभाली। मामले में पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस का कहना है कि साक्ष्य जुटाने के बाद आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, घटना के दौरान थाने स्तर पर बरती गई लापरवाही पर भी बड़ा एक्शन हुआ है। ड्यूटी पर तैनात नाइट अफसर को निलंबित कर दिया गया है, जबकि चौकी इंचार्ज की भूमिका की जांच कराई जा रही है।
मारपीट के बाद देर रात बढ़ा तनाव
पुलिस के अनुसार, बस्ती में सोमवार शाम दो पक्षों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ और दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। इसके बाद एक पक्ष की ओर से गुजैनी थाने में तहरीर दी गई। रात करीब 11 से 11:30 बजे के बीच दूसरे पक्ष पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का आरोप सामने आया। इसके बाद हिंदू पक्ष के समर्थन में बड़ी संख्या में लोग बस्ती में पहुंच गए और विरोध जताने लगे। भीड़ जुटने से इलाके में तनाव की स्थिति बन गई।
एसीपी समेत कई थानों का फोर्स पहुंचा
मामले की सूचना मिलते ही एसीपी नौबस्ता के साथ गुजैनी और बर्रा थाने के प्रभारी तथा बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। एसीपी ने दोनों पक्षों से बातचीत की और लोगों को समझाकर वहां से हटाया। डीसीपी दक्षिण दीपेंद्र नाथ चौधरी के मुताबिक, फिलहाल मौके पर स्थिति सामान्य है और किसी तरह की कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं है। एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात किया गया है।
धर्मांतरण के आरोप की गहराई से होगी जांच
डीसीपी ने बताया कि सुरूर जाटव की ओर से रात में दी गई तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। शिकायत में लगाए गए धर्म परिवर्तन के दबाव के आरोप को गंभीरता से लेते हुए विवेचक को इसकी गहराई से जांच के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस अब यह पता लगाएगी कि लगाए गए आरोपों के पीछे वास्तविक तथ्य क्या हैं। फिलहाल धर्मांतरण का आरोप जांच के दायरे में है और पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
पांच हिरासत में, साक्ष्य जुटा रही पुलिस
पुलिस ने मामले में पांच लोगों को हिरासत में लिया है। अधिकारियों के मुताबिक, घटनाक्रम से जुड़े साक्ष्य और अन्य तथ्यों को जुटाया जा रहा है। साक्ष्य संकलन के बाद आरोपियों को जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी।घटना में पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठे हैं। डीसीपी के अनुसार, पीड़ित पक्ष रात में थाने पहुंचा था, लेकिन ड्यूटी पर मौजूद नाइट अफसर ने समुचित कार्रवाई नहीं की और न ही मामले की जानकारी किसी उच्च अधिकारी को दी। इस लापरवाही के चलते नाइट अफसर को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, चौकी इंचार्ज के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच में जिसकी भी भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल वरुण विहार बस्ती में पुलिस तैनात है और अधिकारियों के मुताबिक हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं।


