- कानपुर में बैंक कर्मचारियों ने निकाला जुलूस, लंबित मांगों के समर्थन में सभा; सोमवार से देशव्यापी हड़ताल, 30 सितंबर की अर्धवार्षिक बंदी से बढ़ेगी परेशानी
भारत 19
कानपुर। तीन दिवसीय देशव्यापी बैंक हड़ताल से एक दिन पहले रविवार को बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने कानपुर में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने विभिन्न लंबित मांगों के समर्थन में एकजुटता दिखाई और हड़ताल को सफल बनाने का आह्वान किया। जुलूस बड़ा चौराहा स्थित इंडियन बैंक से शुरू होकर फूलबाग स्थित एलआईसी बिल्डिंग तक गया। यहां कर्मचारियों ने सभा की और मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया।
अर्धवार्षिक बंदी से बढ़ सकता है असर
बैंक कर्मचारी और अधिकारी सोमवार से तीन दिवसीय हड़ताल पर जाएंगे। इसके चलते शाखाओं में जमा-निकासी, चेक से जुड़े काम, ग्राहक सेवा और अन्य शाखा संबंधी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। बैंकिंग कामकाज पर इसका असर ग्राहकों के साथ कारोबारियों के नियमित लेनदेन पर भी पड़ने की आशंका है। हड़ताल के दौरान ही 30 सितंबर को अर्धवार्षिक बंदी होगी। सितंबर के अंत में वित्तीय वर्ष की पहली छमाही पूरी होने के कारण बैंकों में खातों के मिलान, वित्तीय आंकड़ों के संकलन और अन्य अर्धवार्षिक प्रक्रियाओं से जुड़े काम होते हैं। हड़ताल के कारण इन कार्यों के साथ शाखाओं से जुड़े सामान्य बैंकिंग काम भी प्रभावित हो सकते हैं। वेतन, कारोबारी भुगतान, चेक और अन्य जरूरी बैंकिंग कार्यों के लिए ग्राहकों को बैंकिंग सेवाएं सामान्य होने तक इंतजार करना पड़ सकता है।
रविवार को खोली गईं बैंक शाखाएं
संभावित व्यवधान को देखते हुए रविवार को बैंक शाखाएं खोली गईं, ताकि ग्राहक जरूरी काम पहले निपटा सकें। बैंकिंग सेवाओं पर दबाव कम करने के लिए ग्राहकों को डिजिटल बैंकिंग और भुगतान माध्यमों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। हालांकि, नकद लेनदेन, चेक से जुड़े काम और शाखा में व्यक्तिगत रूप से होने वाली सेवाओं के लिए ग्राहकों को बैंक खुलने का इंतजार करना पड़ सकता है।
कानपुर में जुलूस के बाद हुई सभा
रविवार शाम निकाला गया जुलूस बड़ा चौराहा स्थित इंडियन बैंक से शुरू हुआ। कर्मचारी फूलबाग स्थित एलआईसी बिल्डिंग पहुंचे, जहां सभा आयोजित की गई। इसमें हड़ताल को सफल बनाने और लंबित मांगों के समर्थन में कर्मचारियों से एकजुट रहने का आह्वान किया गया। देश के अन्य हिस्सों में भी बैंक कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे हैं।


