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IIT कानपुर के सितारों ने देश-दुनिया में बढ़ाया मान

  • प्लाज्मा विज्ञान की नई पुस्तक से पावर सिस्टम के प्रतिष्ठित सम्मान तक उपलब्धियां; कृष्णमूर्ति वी. सुब्रमणियन को शिकागो एल्युमनी अवार्ड और प्रो. अभिनव त्रिपाठी के नेतृत्व में एआई-एमएल कार्यक्रम ने भी खींचा ध्यान

भारत 19
कानपुर। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर से जुड़े शिक्षाविदों और पूर्व छात्रों की हालिया उपलब्धियां संस्थान की शोध क्षमता, तकनीकी शिक्षा और वैश्विक अकादमिक पहचान के अलग-अलग आयाम सामने ला रही हैं। प्लाज्मा विज्ञान में कम ऊर्जा वाले आयन बीम और पदार्थों के संशोधन पर नई पुस्तक से लेकर विद्युत शक्ति तंत्र के शोध सम्मान, अंतरराष्ट्रीय अर्थशास्त्र में पहचान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं मशीन लर्निंग आधारित व्यावसायिक शिक्षा तक कई उपलब्धियां चर्चा में हैं।

प्लाज्मा विज्ञान में नई पुस्तक ने बढ़ाया शोध दायरा

IIT कानपुर के भौतिकी विभाग के प्रो. सुदीप भट्टाचार्जी की पुस्तक Atomically Heterogeneous Systems: Low Energy Ion Beams from Plasmas for Material Modification प्लाज्मा और आयन बीम आधारित पदार्थ विज्ञान पर केंद्रित है। पुस्तक में कम ऊर्जा वाले प्लाज्मा आयन बीम के जरिए पदार्थों में नए गुण विकसित करने, सतह संशोधन तथा उनके विद्युत और प्रकाशीय गुणों में बदलाव जैसे विषयों को विस्तार से शामिल किया गया है। पुस्तक में प्लाज्मा और आयन बीम की मूलभूत जानकारी से लेकर सूक्ष्म आयन बीम, सतह पर संरचना तैयार करने और विभिन्न पदार्थों के संशोधन से जुड़े उदाहरण भी शामिल हैं। IIT कानपुर के अनुसार प्रो. भट्टाचार्जी का शोध प्रायोगिक प्लाज्मा भौतिकी, केंद्रित आयन बीम और नैनोस्तरीय प्रणालियों से जुड़ा है।

पावर सिस्टम शोध को मिला मालवीय सम्मान

IIT कानपुर से जुड़े विद्युत अभियांत्रिकी के प्रो. श्रीनिवास सिंह को Malviya Award for Excellence in Power Systems 2026 के लिए चुना गया है। प्रो. सिंह का शोध विद्युत शक्ति तंत्र के अनुकूलन एवं नियंत्रण, शक्ति तंत्र सुरक्षा, FACTS, पवन ऊर्जा और विद्युत शक्ति तंत्र के पुनर्गठन जैसे क्षेत्रों से जुड़ा रहा है। IIT कानपुर से जुड़े विवरण के अनुसार उन्होंने बड़ी संख्या में पीएचडी शोधार्थियों का मार्गदर्शन किया है और कई तकनीकी परियोजनाओं पर काम किया है। उनके अकादमिक कार्यों में पुस्तक अध्याय, संपादित पुस्तकें और पाठ्यपुस्तकें भी शामिल हैं। वे IEEE, INAE और IET जैसी पेशेवर संस्थाओं से जुड़े रहे हैं। वर्तमान में वह ABV-Indian Institute of Information Technology and Management, Gwalior के निदेशक हैं। उनके अकादमिक सफर में IIT कानपुर का शोध और शिक्षण अनुभव महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।

कृष्णमूर्ति सुब्रमणियन को शिकागो से अंतरराष्ट्रीय सम्मान

IIT कानपुर के पूर्व छात्र और भारतीय स्कूल ऑफ बिजनेस (ISB) के प्रोफेसर कृष्णमूर्ति वी. सुब्रमणियन को 2026 का University of Chicago Alumni Award for Professional Achievement मिला है। ISB के अनुसार वह University of Chicago के 85 वर्ष पुराने इस पुरस्कार के इतिहास में पहले भारतीय अर्थशास्त्री हैं। सुब्रमणियन ने 1994 में IIT कानपुर से विद्युत अभियांत्रिकी में बीटेक किया। इसके बाद उन्होंने आईआईएम कलकत्ता से एमबीए और University of Chicago से वित्तीय अर्थशास्त्र में पीएचडी की। उनका शोध बैंकिंग, मौद्रिक नीति, कॉरपोरेट प्रशासन और वित्तीय क्षेत्र से जुड़े विषयों पर केंद्रित रहा है। वह 2018 से 2021 तक भारत के 17वें मुख्य आर्थिक सलाहकार रहे। इसके बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में भारत और दक्षिण एशिया का प्रतिनिधित्व करने वाले कार्यकारी निदेशक के रूप में भी काम किया। उनकी उपलब्धियों में एक खास तथ्य यह भी है कि उन्हें IIT कानपुर, आईआईएम कलकत्ता और University of Chicago—तीनों संस्थानों से विशिष्ट पूर्व छात्र सम्मान मिल चुका है।

एआई-एमएल और व्यावसायिक विश्लेषण को नई दिशा

IIT कानपुर के प्रबंधन विज्ञान विभाग के प्रो. अभिनव त्रिपाठी के समन्वय में Advanced Data Science and Machine Learning for Business Analytics ऑनलाइन प्रमाणपत्र कार्यक्रम शुरू किया गया है। छह महीने के इस कार्यक्रम का उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग और आंकड़ा विज्ञान को व्यावसायिक निर्णयों से जोड़ना है। कार्यक्रम में Python और R प्रोग्रामिंग, आंकड़ा विश्लेषण, आंकड़ा दृश्यांकन, मशीन लर्निंग और जनरेटिव एआई जैसे विषय शामिल हैं। इसका फोकस वित्त, विपणन, परामर्श, संचालन, उत्पाद प्रबंधन और व्यावसायिक विश्लेषण जैसे क्षेत्रों में एआई आधारित निर्णय क्षमता विकसित करने पर है। प्रो. त्रिपाठी इस कार्यक्रम के कार्यक्रम समन्वयक हैं। IIT कानपुर की ओर से जारी जानकारी के अनुसार कार्यक्रम तकनीकी कौशल को व्यावसायिक निर्णयों और वास्तविक कारोबारी समस्याओं से जोड़ने पर केंद्रित है।

शोध से शिक्षा और वैश्विक पहचान तक उपलब्धियां

IIT कानपुर से जुड़ी इन उपलब्धियों में प्लाज्मा विज्ञान, विद्युत शक्ति तंत्र, अर्थशास्त्र और कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं मशीन लर्निंग जैसे अलग-अलग क्षेत्र शामिल हैं। एक तरफ प्रो. सुदीप भट्टाचार्जी की पुस्तक आयन बीम और पदार्थ विज्ञान के शोध को सामने लाती है, वहीं प्रो. श्रीनिवास सिंह का काम विद्युत शक्ति तंत्र के क्षेत्र से जुड़ा है। पूर्व छात्र कृष्णमूर्ति वी. सुब्रमणियन की उपलब्धि IIT कानपुर की वैश्विक अकादमिक पहचान को रेखांकित करती है। दूसरी ओर प्रो. अभिनव त्रिपाठी का कार्यक्रम एआई-एमएल और व्यावसायिक शिक्षा को जोड़ने की दिशा में काम कर रहा है।

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