Hot Topics

यूपी में बारिश का कहर, 57 मौतें, लखनऊ-कानपुर में रिकॉर्ड बारिश

  • लखनऊ में 135.8 और कानपुर में 175.4 मिमी बारिश; सेंट्रल यूपी में नदियों का जलस्तर बढ़ा, कानपुर बैराज पर गंगा 113.80 मीटर तक पहुंची, प्रयागराज में गंगा-यमुना भी उफान पर
    भारत 19

Bharat 19/ कानपुर। उत्तर प्रदेश में मानसून की विदाई से पहले बारिश ने अपना रौद्र रूप दिखाया है। पिछले करीब तीन दिनों से जारी मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं ने प्रदेश के बड़े हिस्से में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बारिश के कारण हुए हादसों 57 लोगों की मौत हो गई। बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। मकान, दीवारें, पेड़ और बिजली के ढांचे भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। प्रदेश के कई हिस्सों में 24 घंटे के दौरान भारी से अत्यधिक भारी बारिश हुई। लखीमपुर खीरी के मोहम्मदी में 342 मिमी, सीतापुर के भटपुरवा घाट में 273.2 मिमी, बांदा के बबेरू में 245.6 मिमी, बहराइच में 239 मिमी और फर्रुखाबाद में 224 मिमी बारिश दर्ज की गई। सेंट्रल यूपी और बुंदेलखंड में कई स्थानों पर सितंबर की बारिश के पुराने रिकॉर्ड टूट गए हैं।

लखनऊ में 24 घंटे में 135.8 मिमी बारिश

राजधानी लखनऊ में बारिश ने इस मानसून सीजन का नया 24 घंटे का रिकॉर्ड बना दिया। लखनऊ एयरपोर्ट स्थित मौसम केंद्र पर 24 घंटे में 135.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। लगातार बारिश से शहर के कई इलाकों में जलभराव हुआ। पेड़ और बिजली के खंभे गिरे तथा मकान और दीवारों को नुकसान पहुंचा। बीकेटी, रहीमाबाद, निगोहां और पुराने लखनऊ समेत कई क्षेत्रों में बारिश का असर दिखाई दिया। बीकेटी में कच्ची कोठरी गिरने से एक किसान की मौत हुई। रहीमाबाद में दीवार गिरने से लोग घायल हुए। कई जगह पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हुआ और बिजली आपूर्ति भी बाधित रही। बारिश का असर तापमान पर भी पड़ा। शनिवार को अधिकतम तापमान 25.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से करीब आठ डिग्री कम था। न्यूनतम तापमान 20.6 डिग्री दर्ज किया गया। एक जून से 26 सितंबर तक लखनऊ में 801.7 मिमी बारिश दर्ज हो चुकी है, जो सामान्य से करीब 19 प्रतिशत अधिक है।

कानपुर में बारिश ने 45 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा

कानपुर में पिछले करीब 32 घंटे से जारी मूसलाधार बारिश ने शहर का मौसम बदल दिया। 175.4 मिलीमीटर बारिश हुई जिसने 45 साल के रिकार्ड को तोड़ दिया। लगातार बारिश के कारण अधिकतम तापमान सामान्य से करीब छह से आठ डिग्री नीचे चला गया। 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवाओं के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली का खतरा भी बना रहा। शहर के निचले इलाकों में जलभराव से परेशानी बढ़ी। सड़क और आवासीय इलाकों में पानी भरने से सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुईं।

कानपुर में बढ़ा गंगा का जलस्तर, बैराज पर बढ़ी चिंता

लगातार बारिश का असर कानपुर में गंगा के जलस्तर पर भी दिखाई देने लगा है। कानपुर बैराज के अपस्ट्रीम में गंगा का जलस्तर फिर चेतावनी बिंदु की ओर जाता दिख रहा है। बारिश के बीच नदी का जलस्तर बढ़ने से गंगा किनारे के निचले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है। कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में गंगा और यमुना समेत दूसरी नदियों का जलस्तर भी बढ़ रहा है। कानपुर नगर, कानपुर देहात, हमीरपुर और फतेहपुर में बारिश के कारण नदी और नालों के बढ़ते पानी ने प्रशासन की चिंता बढ़ाई है। कानपुर के ग्रामीण और गंगा किनारे के क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। लगातार बारिश जारी रहने की स्थिति में जलस्तर में और बढ़ोतरी की आशंका बनी हुई है।

सेंट्रल यूपी में बारिश से जनजीवन हुआ बेहाल

लखनऊ और कानपुर के बीच का पूरा मध्य उत्तर प्रदेश बारिश की चपेट में है। उन्नाव, फतेहपुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, औरैया, इटावा, कानपुर देहात और रायबरेली समेत कई जिलों में लगातार बारिश और तेज हवाओं का असर दिखाई दिया। फर्रुखाबाद में 224 मिमी बारिश दर्ज हुई। फतेहपुर और आसपास के इलाकों में भी भारी बारिश से सड़क यातायात प्रभावित हुआ। उन्नाव समेत कई जिलों के निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को परेशानी हुई। मध्य यूपी और बुंदेलखंड में कच्चे मकानों और दीवारों के गिरने की घटनाएं हुईं। हमीरपुर और बांदा में बारिश ने पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। बांदा के बबेरू में 245.6 मिमी और हमीरपुर में 210 मिमी बारिश दर्ज हुई।

बुंदेलखंड में नदियां उफनाई, चित्रकूट में मंदाकिनी फिर खतरे से ऊपर

चित्रकूट में लगातार बारिश से मंदाकिनी नदी एक बार फिर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। रामघाट पर नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 70 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। रामघाट का आरती स्थल और सीढ़ियां पानी में डूब गईं तथा आसपास की दुकानों में भी पानी पहुंच गया। मानिकपुर-सतना मार्ग पर टिकरिया का रपटा भी पानी के तेज बहाव से प्रभावित हुआ। प्रशासन ने संवेदनशील रास्तों पर बैरिकेडिंग कर आवागमन रोका है। बांदा, हमीरपुर, महोबा और आसपास के जिलों में भी भारी बारिश के कारण नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ा है।

प्रयागराज में गंगा-यमुना का जलस्तर फिर बढ़ा

प्रयागराज में भी भारी बारिश का सीधा असर गंगा और यमुना पर दिखाई दे रहा है। 24 घंटे में नैनी में यमुना का जलस्तर 35 सेंटीमीटर, जबकि छतनाग में गंगा का जलस्तर 57 सेंटीमीटर बढ़ा। शनिवार रात नैनी में यमुना का जलस्तर 78.09 मीटर और छतनाग में गंगा का जलस्तर 77.69 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर बढ़ने से संगम क्षेत्र के घाटों पर पानी फिर ऊपर की ओर पहुंचने लगा है। प्रशासन ने निचले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। रविवार को भी बारिश की संभावना को देखते हुए बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में सतर्कता बरती जा रही है।

अवध में बारिश से हुए हादसों में सबसे ज्यादा नुकसान

बारिश और तेज हवाओं से अवध के कई जिलों में भारी नुकसान हुआ है। बहराइच, सीतापुर, अयोध्या, बाराबंकी, बलरामपुर, गोंडा, अमेठी और श्रावस्ती में मकान, दीवार और पेड़ गिरने तथा करंट की घटनाओं में लोगों की जान गई। लखीमपुर खीरी में भी भारी बारिश हुई। मोहम्मदी में 342 मिमी पानी गिरा, जबकि सीतापुर और बहराइच में भी 200 मिमी से ज्यादा बारिश दर्ज हुई। बारिश के कारण कई जिलों में स्कूल बंद किए गए हैं। ग्रामीण इलाकों में फसलों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है।

27 सितंबर को भी कई जिलों में भारी बारिश

रविवार को भी प्रदेश में बारिश से राहत की उम्मीद कम है। मौसम विभाग ने कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। तराई क्षेत्र के साथ मध्य और पश्चिमी यूपी में भी गरज-चमक और तेज हवाओं का असर रहने की संभावना है। कानपुर, उन्नाव, फतेहपुर, फर्रुखाबाद, कन्नौज, प्रयागराज, रायबरेली और आसपास के जिलों में बारिश के साथ 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चल सकती हैं। उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी है। हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और मध्य प्रदेश में भी बारिश का असर रहने की संभावना है।

सोमवार से बारिश की गतिविधि घटने के संकेत

मौसम विभाग के अनुसार रविवार के बाद उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है। हालांकि कुछ इलाकों में स्थानीय स्तर पर बारिश जारी रह सकती है। फिलहाल सेंट्रल यूपी में लगातार बारिश के साथ नदियों के बढ़ते जलस्तर ने नई चिंता पैदा कर दी है। कानपुर में गंगा, प्रयागराज में गंगा-यमुना और बुंदेलखंड में मंदाकिनी समेत दूसरी नदियों पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। लगातार बारिश को देखते हुए निचले इलाकों, नदी किनारे बसे गांवों और कमजोर मकानों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

Tags :

Bharat 19 News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News