- IRGC से संभावित लिंक पर ट्रंप ने कहा- जांच जारी; नेतन्याहू ने भी कनेक्शन की जांच की बात कही, जबकि अब तक ईरान से संबंध की पुष्टि नहीं हुई
भारत 19
फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही FZ1073 फ्लाइट में हुए कॉकपिट हमले की जांच अब संभावित ईरान कनेक्शन तक पहुंच गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि फ्लाईदुबई के को-पायलट का ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से संबंध होना संभव है। हालांकि, ट्रंप ने इसे जांच का विषय बताया है और फिलहाल इस कनेक्शन की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
ट्रंप ने IRGC कनेक्शन पर क्या कहा
व्हाइट हाउस के बाहर पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप से पूछा गया कि क्या को-पायलट का ईरान या IRGC से कोई संबंध हो सकता है। ट्रंप ने कहा कि यह संभव है और मामले की जांच की जा रही है। उनके बयान में ईरान से संबंध की पुष्टि नहीं की गई है। यह बयान ऐसे समय आया है जब संयुक्त अरब अमीरात ने घटना की औपचारिक जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घटना के पीछे क्या मकसद था और क्या इसका संबंध किसी आतंकवादी गतिविधि या पूर्व नियोजित कार्रवाई से था।
फ्लाइट में को-पायलट ने कप्तान पर किया हमला
30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की FZ1073 फ्लाइट में कॉकपिट के भीतर दोनों पायलटों के बीच हिंसक झड़प हुई। रिपोर्टों के मुताबिक को-पायलट ने भारतीय कप्तान स्मित मच्छार पर चाकू से हमला किया और विमान का नियंत्रण लेने की कोशिश की। घटना के दौरान विमान करीब 14,000 फीट नीचे गिरा। घायल होने के बावजूद मच्छार कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे। इसके बाद यात्रियों और चालक दल के अन्य सदस्यों ने हमलावर को काबू किया। विमान को बाद में सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया।
नेतन्याहू ने भी ईरान कनेक्शन की जांच बताई
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कहा है कि जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि को-पायलट के ईरान से कोई संबंध थे या नहीं। उन्होंने कहा कि कुछ दिनों में इस बारे में ज्यादा स्पष्टता मिलने की उम्मीद है। नेतन्याहू ने यह भी कहा कि को-पायलट कथित तौर पर इस्लामी कट्टरपंथ से प्रभावित हुआ था। हालांकि, उन्होंने मकसद और संभावित बाहरी कनेक्शन को लेकर अंतिम निष्कर्ष से सावधानी बरतने की बात कही है।
अभी तक ईरान से संबंध का सबूत नहीं
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अब तक ईरान या IRGC की भूमिका का कोई सार्वजनिक रूप से पुष्ट प्रमाण सामने नहीं आया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक इजरायली अधिकारियों की जांच जारी है और ईरान की भूमिका अभी स्थापित नहीं हुई है। यूएई की जांच भी घटना के मकसद और संभावित आतंकवादी कनेक्शन की पड़ताल कर रही है। इसलिए फिलहाल ईरान कनेक्शन ट्रंप की ओर से जताई गई संभावना और जांच के एक एंगल के रूप में सामने आया है, न कि स्थापित तथ्य के रूप में।
भारतीय कप्तान स्मित मच्छार की भूमिका अहम
घटना में घायल भारतीय कप्तान स्मित मच्छार को विमान को संभावित दुर्घटना से बचाने में उनकी भूमिका के लिए भारत और इजरायल के शीर्ष नेतृत्व ने सराहा है। मच्छार के कॉकपिट का दरवाजा खोलने के बाद यात्रियों और अन्य चालक दल के सदस्यों को हमलावर तक पहुंचने का मौका मिला। विमान में 170 से अधिक लोग सवार थे। सऊदी अरब में आपात लैंडिंग के बाद यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घटना की जांच में यूएई, सऊदी अरब और इजरायल की एजेंसियों की भूमिका सामने आई है।
जांच से खुलेगा हमले का वास्तविक मकसद
फ्लाईदुबई घटना में अब जांच कई पहलुओं पर होगी, मसलन को-पायलट का मकसद, कथित कट्टरपंथ, घटना की पूर्व योजना और संभावित बाहरी संगठन से संपर्क तो नहीं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर ईरान कनेक्शन को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकला है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हमले के पीछे अकेले व्यक्ति की कार्रवाई थी या किसी संगठन अथवा बाहरी नेटवर्क की भूमिका।


