Hot Topics

त्योहारी सीजन में कार-बाइक बिक्री की रफ्तार बढ़ी!

  • सितंबर में कारों की खुदरा बिक्री 32.1% और दोपहिया वाहनों की 33.08% बढ़ी; मारुति के पास 2.20 लाख लंबित बुकिंग, डीलरशिप पर कारों का 43–45 दिन का स्टॉक

भारत 19/ नई दिल्ली। नवरात्र, धनतेरस और दीपावली से पहले वाहन कंपनियों को त्योहारी मांग बढ़ने की उम्मीद है। सितंबर में कारों और दोपहिया वाहनों की खुदरा बिक्री में जोरदार वृद्धि दर्ज होने के बाद कंपनियों ने उत्पादन और डीलरशिप पर गाड़ियों की उपलब्धता बढ़ाने की तैयारी तेज कर दी है। मारुति सुजुकी के पास करीब 2.20 लाख लंबित बुकिंग हैं, जबकि यात्री वाहनों का डीलर स्टॉक 43 से 45 दिन की बिक्री के बराबर पहुंच गया है। ऐसे में कंपनियों के सामने बढ़ती बुकिंग को समय पर डिलीवरी में बदलने और स्टॉक की निकासी तेज करने की चुनौती है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) के मुताबिक, सितंबर 2026 में यात्री वाहनों की खुदरा बिक्री 4,27,213 इकाई रही, जो सितंबर 2025 के मुकाबले 32.1% अधिक है। दोपहिया वाहनों की खुदरा बिक्री 17,90,188 इकाई दर्ज की गई, जो पिछले साल की समान अवधि से 33.08% अधिक है।

पिछले साल के कमजोर आधार का भी असर

सितंबर की बिक्री में सालाना वृद्धि को समझने के लिए पिछले साल के जीएसटी बदलाव को ध्यान में रखना जरूरी है। नई दरें 22 सितंबर 2025 से लागू हुई थीं। बदलाव से पहले कुछ ग्राहकों ने वाहन खरीदने का फैसला टाल दिया था, जिससे सितंबर 2025 का बिक्री आधार प्रभावित हुआ। इसलिए इस साल कारों और दोपहिया वाहनों की बिक्री में दर्ज बड़ी वृद्धि को पूरी तरह नई मांग का परिणाम नहीं माना जा सकता। फाडा के अक्टूबर सर्वेक्षण में 75.57% डीलरों ने महीने के दौरान बिक्री बढ़ने की उम्मीद जताई। अक्टूबर से दिसंबर की तिमाही में 78.28% डीलरों को बिक्री में वृद्धि की उम्मीद है। नवरात्र, दशहरा, धनतेरस और दीपावली के दौरान बुकिंग तथा डिलीवरी बढ़ने से कंपनियों और डीलरों को बाजार में तेजी बने रहने की आशा है।

मारुति के पास 2.20 लाख लंबित बुकिंग

त्योहारी मांग को पूरा करने के लिए वाहन कंपनियां उत्पादन क्षमता और आपूर्ति बढ़ाने पर जोर दे रही हैं। मारुति सुजुकी इंडिया के पास त्योहारों से पहले करीब 2.20 लाख गाड़ियों की बुकिंग लंबित थी। कंपनी ने हरियाणा के खरखौदा संयंत्र में दूसरी उत्पादन इकाई शुरू की है। इसके पूरी क्षमता से काम करने पर इस संयंत्र की वार्षिक उत्पादन क्षमता पांच लाख वाहन हो जाएगी। हुंडई मोटर इंडिया ने अपने डीलर नेटवर्क में चार से पांच सप्ताह की मांग के बराबर गाड़ियों का स्टॉक तैयार किया है। वहीं, महिंद्रा एंड महिंद्रा ने उपयोगिता वाहनों और इलेक्ट्रिक वाहनों की उत्पादन क्षमता बढ़ाकर करीब 68,000 इकाई प्रति माह कर दी है। कंपनियों का लक्ष्य लोकप्रिय मॉडलों की उपलब्धता बढ़ाकर बुकिंग के बाद ग्राहकों को जल्द डिलीवरी देना है।

डीलरशिप पर 43–45 दिन का कार स्टॉक

बिक्री बढ़ने की उम्मीद के बीच डीलरशिप पर यात्री वाहनों का स्टॉक भी बढ़ा है। फाडा के मुताबिक, सितंबर में कारों का स्टॉक करीब 43 से 45 दिन की बिक्री के बराबर था, जबकि अगस्त में यह 38 से 40 दिन था। यह फाडा के सुझाए गए 21 दिन के स्तर से काफी अधिक है। फाडा को उम्मीद है कि अक्टूबर के अंत तक यह स्टॉक घटकर 27 से 30 दिन की बिक्री के आसपास आ सकता है। इसके लिए त्योहारों के दौरान खुदरा बिक्री का तेज रहना और कंपनियों से डीलरों को होने वाली आपूर्ति का मांग के अनुरूप होना जरूरी है। बुकिंग के मुकाबले डिलीवरी धीमी रहने पर ग्राहकों को अपनी पसंद के मॉडल या रंग के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।

दोपहिया बाजार को भी त्योहारों से उम्मीद

बाइक और स्कूटर बाजार में भी त्योहारी मांग बढ़ने की उम्मीद है। अपेक्षाकृत कम कीमत के कारण दोपहिया वाहन नौकरीपेशा लोगों, छोटे कारोबारियों और ग्रामीण ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण हैं। नई खरीदारी के साथ पुराने वाहन को बदलने वाले ग्राहक भी बाजार को सहारा दे सकते हैं। सितंबर में दोपहिया वाहनों की खुदरा बिक्री में 33.08% की सालाना वृद्धि ने कंपनियों की उम्मीद बढ़ाई है। हालांकि, पिछले साल जीएसटी बदलाव से पहले खरीदारी टलने का असर इस तुलना पर भी पड़ा है। अक्टूबर और नवंबर की बिक्री से स्पष्ट होगा कि त्योहारी मांग कितनी मजबूती से आगे बढ़ती है।

अक्टूबर से दिसंबर तक अहम रहेगा बाजार

नवरात्र और दशहरा के बाद धनतेरस तथा दीपावली वाहन खरीदने के प्रमुख अवसर माने जाते हैं। इसके बाद शादी-विवाह का सीजन भी कार, बाइक और स्कूटर की मांग को सहारा दे सकता है। कंपनियां उत्पादन, लोकप्रिय मॉडलों के स्टॉक और डीलर नेटवर्क के जरिए इस मांग को पूरा करने की तैयारी कर रही हैं। बाजार की आगे की दिशा सिर्फ बुकिंग से तय नहीं होगी। गाड़ियों की कीमतें, ग्राहकों की खरीद क्षमता, मॉडल की उपलब्धता और समय पर डिलीवरी भी बिक्री को प्रभावित करेंगे। सितंबर के मजबूत आंकड़ों के बाद अक्टूबर की वास्तविक खुदरा बिक्री बताएगी कि त्योहारी मांग कितनी तेजी से डिलीवरी में बदल पाती है।

Tags :

Bharat 19 News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News