- जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने पहुंचे CJP नेताओं पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई, अजिंक्य शिंदे समेत अन्य कार्यकर्ता भी हिरासत में, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे थे
भारत 19/ नई दिल्ली। दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की कोशिश के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका को पुलिस ने फिर हिरासत में ले लिया। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के अनुसार, अजिंक्य शिंदे समेत अन्य कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया गया। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल की सूची से हटा दिया है।
रिहाई के दो दिन बाद फिर पुलिस कार्रवाई
सीजेपी के नेताओं को इससे पहले 10 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचने पर विमान के अंदर से हिरासत में लिया गया था। वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे। इसके बाद 11 अक्टूबर को उन्हें कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। रिपोर्टों के मुताबिक, एक साल तक शांति और अच्छा आचरण बनाए रखने की शर्त पर 50 हजार रुपये का जमानती मुचलका भरने के बाद उन्हें रिहा किया गया था। रिहाई के बाद भी पार्टी ने प्रदर्शन की मांग वापस नहीं ली। 12 अक्टूबर को सौरव दास और आशुतोष रांका ने पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचकर जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए तारीख और समय तय करने की मांग की थी।
जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाया
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर रोड को प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थलों की सूची से हटा दिया है। इसके बाद सीजेपी नेताओं ने इस फैसले का विरोध किया और जंतर-मंतर पर ही प्रदर्शन करने की कोशिश की। मंगलवार सुबह पार्टी के कार्यकर्ता तिरंगा लेकर वहां पहुंचे। खबरों के मुताबिक, कुछ कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड और प्रवेश द्वार पार कर परिसर में पहुंचने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। दिल्ली में प्रदर्शन के लिए अब रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के सीबीडी मैदान जैसे वैकल्पिक स्थलों का उल्लेख किया गया है। जंतर-मंतर को लेकर पुलिस के फैसले के बाद विरोध प्रदर्शन के लिए जगह तय करने का विवाद और तेज हो गया है।
मतदाता सूची विवाद पर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
सीजेपी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है। पार्टी और प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में अनियमितताएं हुई हैं और बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। चुनाव आयोग और भाजपा ने चुनावी प्रक्रिया में पक्षपात के आरोपों को खारिज किया है। पार्टी संस्थापक अभिजीत दीपके ने हिरासत की कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया पर विरोध जताते हुए कहा कि प्रतिरोध की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। सीजेपी ने संकेत दिया है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति को लेकर उसका विरोध जारी रहेगा।
आगे की रणनीति पर नजर
लगातार हिरासत की कार्रवाई और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति का विवाद अब राजनीतिक टकराव का रूप ले रहा है। एक ओर पुलिस निर्धारित प्रदर्शन स्थलों और सुरक्षा व्यवस्था का हवाला दे रही है, वहीं सीजेपी इस फैसले को विरोध की आवाज सीमित करने वाला कदम बता रही है। फिलहाल हिरासत में लिए गए सभी लोगों की संख्या और आगे की पुलिस कार्रवाई को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आने का इंतजार है।


