- ₹2,000 से अधिक के निर्धारित मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4% शुल्क का प्रस्ताव, नई तारीख का ऐलान बाकी; आम ग्राहकों के UPI भुगतान और व्यक्ति-से-व्यक्ति ट्रांसफर रहेंगे मुफ्त
भारत 19/ नई दिल्ली। यूपीआई (UPI) से भुगतान करने वालों और कारोबारियों के लिए अहम खबर है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने का फैसला दिवाली के बाद तक टाल दिया है। यह व्यवस्था पहले 15 अक्टूबर 2026 से लागू होनी थी। 13 अक्टूबर को लिए गए फैसले के तहत नई तारीख अलग से घोषित की जाएगी। त्योहारी सीजन में डिजिटल भुगतान और कारोबार पर असर से बचने के लिए यह बदलाव किया गया है।
₹2,000 से अधिक के चुनिंदा मर्चेंट भुगतान होंगे दायरे में
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत ₹2,000 से अधिक के निर्धारित पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) यूपीआई लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू होगा। इसका संबंध दुकानदारों और कारोबारियों को मिलने वाले डिजिटल भुगतान से है। यानी हर यूपीआई ट्रांजैक्शन पर शुल्क नहीं लगाया जा रहा है। व्यक्ति से व्यक्ति को भेजी जाने वाली रकम यानी पर्सन-टू-पर्सन (P2P) ट्रांसफर इस शुल्क के दायरे से बाहर रहेंगे।
आम ग्राहकों के लिए यूपीआई भुगतान मुफ्त
वित्त मंत्रालय के मुताबिक, MDR कारोबारियों से डिजिटल भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराने वाले भुगतान तंत्र के लिए लिया जाने वाला शुल्क है। यह ग्राहकों पर लगाया जाने वाला प्रत्यक्ष यूपीआई चार्ज नहीं है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ग्राहक से यूपीआई भुगतान के लिए अलग ट्रांजैक्शन शुल्क नहीं लिया जाएगा। बैंकों को भी निर्देश दिए गए हैं कि कारोबारी MDR की लागत ग्राहकों पर न डालें।
96 प्रतिशत मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर नहीं पड़ेगा असर
सरकार के अनुसार, करीब 96 प्रतिशत मर्चेंट यूपीआई ट्रांजैक्शन प्रस्तावित MDR व्यवस्था से प्रभावित नहीं होंगे। ₹2,000 तक के मर्चेंट भुगतान पर शून्य MDR जारी रहेगा। इसके अलावा, यूपीआई क्यूआर कोड के जरिए महीने में ₹1 लाख तक की प्राप्तियां करने वाले निर्धारित छोटे कारोबारियों को भी शून्य MDR का लाभ मिलेगा। ₹75,000 या उससे अधिक के निर्धारित मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR की अधिकतम सीमा ₹300 प्रति लेनदेन रखी गई है। कुछ निर्धारित क्षेत्रों के लिए अलग दरों का प्रावधान भी है। इसलिए शुल्क की वास्तविक गणना भुगतान की राशि, कारोबारी की श्रेणी और लागू नियमों पर निर्भर करेगी।
दिवाली के बाद नई तारीख का इंतजार
NPCI की यूपीआई एंड सर्विसेज स्टीयरिंग कमेटी ने त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए लागू करने की तारीख आगे बढ़ाने का फैसला किया है। इससे बैंकों, भुगतान ऐप और कारोबारियों को नई व्यवस्था के लिए तैयारी का अतिरिक्त समय मिलेगा। फिलहाल नई तारीख घोषित नहीं हुई है। यूपीआई इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों के लिए सबसे अहम बात यह है कि प्रस्तावित MDR को सभी डिजिटल भुगतानों पर लगने वाला चार्ज न समझें। इसका दायरा चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शन तक सीमित है और आम ग्राहकों के यूपीआई भुगतान मुफ्त रखने की सरकारी व्यवस्था बरकरार है।
